वैलेंटाइन वीक का असली ‘किंग’ है 12 फरवरी, बॉक्स ऑफिस पर बरसे करोड़ों, इस दिन पैदा हुईं सिर्फ ब्लॉकबस्टर!

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बॉलीवुड में तारीखों का खेल अनोखा है. जहां कुछ तारीखें बड़े सुपरस्टार्स के लिए ‘बैड लक’ साबित होती हैं, वहीं 12 फरवरी हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक ‘टचस्टोन’ की तरह रही है. वैलेंटाइन डे के दिन पड़ने वाली इस तारीख ने बॉलीवुड को न सिर्फ बड़ी हिट फिल्में दी हैं, बल्कि ऐसी कल्ट फिल्में भी दी हैं, जिन्होंने सिनेमा का रुख बदल दिया. अमिताभ बच्चन की ‘शहंशाह’ की दहाड़ से लेकर शाहरुख खान की ‘माई नेम इज खान’ की इमोशनल गहराई तक, इस दिन रिलीज हुई हर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही है.

नई दिल्ली. फिल्म इंडस्ट्री में सफलता अक्सर त्योहारों पर निर्भर करती है, लेकिन 12 फरवरी ने बिना किसी बड़े नेशनल हॉलिडे के भी खुद को ‘लकी चार्म’ साबित किया है. यह कोई इत्तेफाक नहीं है कि पिछले चार दशकों में, जब भी कोई बड़ी फिल्म इस तारीख को रिलीज हुई है, उसने इतिहास रच दिया है. जहां 11 फरवरी को रिलीज हुई फिल्में अक्सर स्ट्रगल करती हैं, वहीं 12 फरवरी को रिलीज हुई शहंशाह, माई नेम इज खान, दाग: द फायर और पत्थर के फूल जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस का डायनामिक्स बदल दिया. आइए जानते हैं कि 12 फरवरी को बॉलीवुड का ‘गोल्डन डे’ क्यों कहा जाता है.

1. शहंशाह (1988): 12 फरवरी, 1988 को एक ऐसी फिल्म रिलीज हुई जिसने अमिताभ बच्चन के करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया. ‘रिश्ते में हम तुम्हारा बाप लगते हैं, नाम है शहंशाह…’- यह डायलॉग आज भी लोगों की जुबान पर है. ‘शहंशाह’ उस साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई.

2. पत्थर के फूल (1991): ‘पत्थर के फूल’ 90 के दशक की शुरुआत में 12 फरवरी, 1991 को रिलीज हुई थी. ‘मैंने प्यार किया’ की जबरदस्त सफलता के बाद, यह फिल्म सलमान खान का अगला बड़ा टेस्ट थी. रवीना टंडन ने इस फिल्म से अपना डेब्यू किया था. फिल्म के गानों ने युवाओं को खूब लुभाया. इस रोमांटिक-एक्शन फिल्म ने वैलेंटाइन वीक के दौरान युवाओं को थिएटर तक खींचा, और फिल्म बहुत बड़ी हिट रही.

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3. दाग: द फायर (1999): संजय दत्त और चंद्रचूड़ सिंह की ‘दाग: द फायर’ 12 फरवरी, 1999 को रिलीज हुई थी. राज कंवर के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म से किसी को ज्यादा उम्मीदें नहीं थीं, लेकिन बॉक्स ऑफिस के आंकड़े हैरान करने वाले थे. फिल्म ने पहले दिन से ही इतनी रफ्तार पकड़ी कि बड़े-बड़े ट्रेड एनालिस्ट भी हैरान रह गए. एक बार फिर, 12 फरवरी ने एक ऐसी फिल्म को सुपरहिट बना दिया जिसे कई लोग कमजोर मान रहे थे.

4. माय नेम इज खान (2010): 12 फरवरी, 2010 को बॉलीवुड के इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा. शाहरुख खान और काजोल की जोड़ी ने ‘माय नेम इज खान’ से वापसी की. इस फिल्म ने न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी कमाई के नए रिकॉर्ड बनाए. करण जौहर के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म ने साबित कर दिया कि 12 फरवरी सिर्फ मसाला फिल्मों के लिए ही नहीं, बल्कि सीरियस और इंटरनेशनल सिनेमा के लिए भी एक लकी तारीख है.

12 फरवरी इतना लकी क्यों है?: 12 फरवरी वैलेंटाइन डे से ठीक दो दिन पहले आती है. इस दौरान कॉलेज जाने वाले युवाओं और कपल्स में फिल्मों को लेकर सबसे ज्यादा एक्साइटमेंट रहता है. अगर कोई फिल्म 12 फरवरी (अक्सर शुक्रवार या गुरुवार) को रिलीज होती है, तो 14 फरवरी (वैलेंटाइन डे) तक उसकी इतनी जबरदस्त वर्ड-ऑफ-माउथ कमाई हो जाती है कि उसका हिट होना पक्का हो जाता है. दिलचस्प बात यह है कि बॉलीवुड के तीनों सबसे बड़े स्टार्स- अमिताभ, सलमान और शाहरुख- ने इसी तारीख को अपनी फिल्में रिलीज कीं और तीनों ही सफल रहीं.

12 फरवरी बॉलीवुड के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. यह तारीख हमें सिखाती है कि सही समय पर रिलीज हुई फिल्म इतिहास बदल सकती है. जहां कल (11 फरवरी) की तारीख बॉलीवुड के लिए फ्लॉप का डर लेकर आती है, वहीं आज की यह तारीख जश्न मनाने की है. चाहे वह एक्शन हो, रोमांस हो या कोई सामाजिक मुद्दा- 12 फरवरी को दर्शकों ने हर जॉनर को अपनाया है. आज 2026 में भी जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं तो पाते हैं कि इस दिन रिलीज हुई फिल्मों ने न केवल पैसा कमाया, बल्कि वे फिल्में ‘आइकॉनिक’ बन गईं.

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