हिमाचल प्रदेश को 1992 करोड़ रुपये का लोन देगा वर्ल्ड बैंक, कहां इस्तेमाल करेगी सरकार, जानिये
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Himachal Monsoon Disaster: विश्व बैंक ने हिमाचल प्रदेश में मजबूत बुनियादी ढांचे के निर्माण और सामुदायिक स्वामित्व वाली कंपनियों को बेहतर रोजगार में निवेश करने के लिए 24.5 करोड़ डॉलर का ऋण मंजूर किया है. बीते दो साल में हिमाचल प्रदेश को बारिश की वजह से 17 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जिसकी भरपाई के लिए लोन मंजूर किया गया है.

वर्ल्ड बैंक ने प्रदेश को लोन देने का ऐलान किया है और करीब 1992 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया है.
शिमला. हिमाचल प्रदेश में मॉनसून सीजन के दौरान आई आपदा की वजह से लोगों को भारी नुकसान हुआ है. अब वर्ल्ड बैंक ने प्रदेश को लोन देने का ऐलान किया है और करीब 1992 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया है.
दरअसल, विश्व बैंक ने हिमाचल प्रदेश में मजबूत बुनियादी ढांचे के निर्माण और सामुदायिक स्वामित्व वाली कंपनियों को बेहतर रोजगार में निवेश करने के लिए 24.5 करोड़ डॉलर का ऋण मंजूर किया है.
वर्ल्ड बैंक ने बताया कि हिमाचल प्रदेश पिछले तीन सालों में खराब मौसम की वजह से प्रभावित हुआ है, जिससे करीब एक अरब डॉलर (8300 करोड़) का नुकसान हुआ है. 2023 और 2025 के मानसून में भारी बारिश से जानमाल का नुकसान हुआ, घरों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा और स्कूल, बाजार और रोजगार तक पहुंच कम हो गई. जल आपूर्ति और सफाई सेवाओं में बाधा आने से कृषि और बागवानी भी प्रभावित हुई है.
वर्ल्ड बैंक ने बताया कि ‘विकास और आपदा पुनरुद्धार हिमाचल प्रदेश परियोजना’ के तहत यह कर्ज राज्य के आपदा के बाद पुनरुद्धार प्रयासों को समर्थन देगा और भविष्य में आपदा के असर को कम करने में मदद करेगा. कृषि, स्थानीय हस्तशिल्प और ग्रामीण पर्यटन में बेहतर सेवाओं और आजीविका के अवसरों से दस लाख से ज्यादा महिलाओं को फायदा मिलेगा. सामुदायिक स्वामित्व वाले व्यवसायों में निवेश से 12,000 लोगों को नए या बेहतर रोजगार मिलेंगे और कारीगरों, उत्पादकों और किसानों के लिए नए बाजार बनेंगे.
तीन साल में भारी नुकसान
हिमाचल प्रदेश में 2023 से लेकर तीन साल में मॉनसून सीजन के दौरान काफी नुकसान हुआ. 2023 की आपदा में प्रदेश को 12 हजार करोड़ करोड़ का नुकसान हुआ था, जिसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी गई थी. इसके बाद इस 2024 के मॉनसून सीजन 454 लोगों की मौत और 4800 करोड़ रुपये की संपति को क्षति पहंची थी. उधर, केंद्र सरकार से लगातार सुक्खू सरकार मदद की गुहार लगा रही है. आपदा प्रबंधन के लिए सरकार ने जरूर पैसा दिया है. लेकिन अतिरिक्त मदद नहीं की है. पीएम मोदी ने 1500 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया था, लेकिन अब तक वह पैसा नहीं मिला है.
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Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…और पढ़ें