AIIMS Satellite Center Ghaziabad| Vasundhara Sector 7 AIIMS| Ghaziabad News

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Ghaziabad News: गाजियाबाद के वसुंधरा सेक्टर-7 में एम्स (AIIMS) सैटेलाइट सेंटर का भविष्य अधर में है. आवास विकास द्वारा 10 एकड़ जमीन रिजर्व करने और 487 करोड़ रुपये की राशि तय होने के एक साल बाद भी प्रोजेक्ट पर काम शुरू नहीं हो सका है. शासन और केंद्र सरकार की ओर से संपर्क न होने के कारण निर्माण कार्य ठप पड़ा है. कनेक्टिविटी के लिए 178 करोड़ का बजट जारी होने के बावजूद यह महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजना फिलहाल फाइलों में दबी हुई है.

जमीन मिल गई, बजट तय है, फिर क्यों लटका है गाजियाबाद का यह बड़ा प्रोजेक्ट?Zoom

कागजों में सिमटा AIIMS सैटेलाइट सेंटर (फोटो-AI)

Ghaziabad News: दिल्ली-एनसीआर के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के संकल्प के साथ शुरू हुई ‘एम्स सैटेलाइट सेंटर’ की योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में नजर आ रही है. गाजियाबाद के वसुंधरा सेक्टर-7 में जिस जमीन को इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए रिजर्व किया गया था, वहां आज झाड़ियों के सिवा कुछ नहीं है. करीब एक साल पहले जमीन का आवंटन होने और केंद्र व एम्स की टीमों द्वारा निरीक्षण किए जाने के बावजूद, धरातल पर ईंट तक नहीं रखी गई है. स्थानीय लोग अब सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर इस प्रोजेक्ट को किसकी नजर लग गई है?

10 एकड़ जमीन और 487 करोड़ का आवंटन
उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने शासन के निर्देशों का पालन करते हुए पिछले साल मार्च में अपनी बोर्ड बैठक के दौरान वसुंधरा सेक्टर-7 में 10 एकड़ जमीन इस सैटेलाइट सेंटर के लिए अधिग्रहण की थी. इस जमीन की अनुमानित कीमत करीब 487 करोड़ रुपये बताई गई है. परिषद ने अपनी तरफ से सारी औपचारिकताएं पूरी कर शासन को इसकी सूचना दे दी थी, लेकिन हैरानी की बात यह है कि पिछले एक साल से न तो केंद्र सरकार की ओर से और न ही राज्य शासन की ओर से इस मामले में कोई प्रगति हुई है.

‘गेंद अब केंद्र के पाले में’
प्रोजेक्ट की स्थिति पर स्पष्टीकरण देते हुए आवास विकास के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर अजय कुमार मित्तल ने बताया, ‘हमें जमीन नियोजित (अधिग्रहण ) करने के आदेश मिले थे, जिसका हमने पालन किया. इसके बाद की प्रक्रिया केंद्र सरकार और एम्स प्रशासन के स्तर से होनी है. वर्तमान में इस प्रोजेक्ट पर विभाग अपने स्तर से कोई नया कदम नहीं उठा सकता जब तक कि ऊपर से निर्देश न मिलें.’ विभाग का कहना है कि उन्होंने अपना काम पूरा कर लिया है, लेकिन अब तक किसी भी संबंधित विभाग ने उनसे संपर्क नहीं साधा है.

कनेक्टिविटी के लिए 178 करोड़ का अलग बजट
इस प्रोजेक्ट की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसके लिए बुनियादी ढांचे की तैयारी पहले ही शुरू हो चुकी थी. स्थानीय विधायक और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा के अनुसार, दिल्ली की ओर से सेंटर तक आने-जाने के लिए सबसे छोटे रूट हेतु 178 करोड़ रुपये का बजट पहले ही जारी किया जा चुका है. यही नहीं, एलिवेटेड रोड से सीधे सैटेलाइट सेंटर तक पहुंचने के लिए एक विशेष अप्रोच रोड की प्लानिंग भी पास हो चुकी है, जिसका निर्माण सेतु निगम को करना है.
स्थानीय लोगों में मायूसी, सीएम योगी ने भी दिया था आश्वासन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अपनी जनसभाओं में कई बार गाजियाबाद में एम्स सैटेलाइट सेंटर बनाने का जिक्र कर चुके हैं. सेंटर बनने से न केवल गाजियाबाद, बल्कि हापुड़, नोएडा और पश्चिमी यूपी के लाखों मरीजों को दिल्ली एम्स की भीड़ से राहत मिलती. लेकिन मौजूदा सुस्ती ने जनता की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. 10 एकड़ जमीन के अलावा बची हुई 30 एकड़ जमीन को आवासीय क्षेत्र के लिए आरक्षित रखा गया है और इसकी नीलामी भी हो चुकी है, लेकिन स्वास्थ्य सेवा से जुड़ा यह अहम हिस्सा फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता सूची से गायब नजर आ रहा है.

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Rahul Goel

राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें

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