Delhi Riots: SC Issues Notice to Police on Tasleem Ahmed’s Bail Plea in Conspiracy Case | दिल्ली दंगे: तसलीम अहमद की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को भेजा नोटिस

Share to your loved once


नई दिल्ली: 2020 के दौरान हुए सांप्रदायिक दंगों के मामले में कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है. सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इस हिंसा की ‘बड़ी साजिश’ (Larger Conspiracy Case) के आरोपी तसलीम अहमद द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका पर नोटिस जारी किया है. न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने तसलीम अहमद की उस अर्जी पर दिल्ली पुलिस का पक्ष जानना चाहा है, जिसमें उन्होंने अपनी जमानत खारिज होने के हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी है.

क्यों हाईकोर्ट ने जमानत देने से साफ मना कर दिया था?

तसलीम अहमद ने दिल्ली हाईकोर्ट के 2 सितंबर 2025 के उस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिसमें उनकी तीसरी नियमित जमानत अर्जी ठुकरा दी गई थी. हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया था कि यूएपीए (UAPA) की धारा 43डी(5) के तहत केवल मुकदमे में देरी को जमानत का आधार नहीं बनाया जा सकता. अदालत ने माना था कि आरोप गंभीर हैं और मामले की जटिलता को देखते हुए आरोपी को फिलहाल जेल में ही रहना होगा.

तसलीम अहमद पर क्या हैं मुख्य आरोप?

तसलीम अहमद को 24 जून 2020 को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था. अभियोजन पक्ष का दावा है कि वह उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर और चांद बाग जैसे इलाकों में हिंसा भड़काने की साजिश का हिस्सा थे. उन पर आईपीसी की कई गंभीर धाराओं के अलावा यूएपीए की धारा 13, 16, 17 और 18 के तहत केस दर्ज है. हालांकि, अहमद की दलील है कि उन्होंने सिर्फ सीएए (CAA) का शांतिपूर्ण विरोध किया था और उन्हें आतंकवाद के झूठे आरोपों में फंसाया गया है.

जमानत की राह में UAPA की धारा 43डी(5) कितनी बड़ी रुकावट है?

दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने विस्तृत फैसले में टिप्पणी की थी कि जब तक मौलिक अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन न हो, तब तक केवल लंबी हिरासत के आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती. कोर्ट ने यह भी रिकॉर्ड किया कि ट्रायल में देरी के लिए काफी हद तक आरोपी पक्ष ही जिम्मेदार रहा है, क्योंकि बार-बार निर्देश देने के बावजूद वकील बहस के लिए तैयार नहीं थे. अब सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के अनुसार, इस मामले की अगली संभावित सुनवाई 6 अप्रैल 2026 को हो सकती है.

कौन-कौन हैं इस ‘बड़ी साजिश’ मामले के अन्य आरोपी?

इस कथित साजिश मामले में तसलीम अहमद के साथ कई चर्चित नाम शामिल हैं. इनमें उमर खालिद, शरजील इमाम, मीरान हैदर, गुलफिशा फातिमा और खालिद सैफी जैसे लोग मुख्य आरोपी हैं. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने इसी मामले में शरजील इमाम और उमर खालिद की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं. अदालत का मानना था कि उनके खिलाफ मौजूद सामग्री प्रथम दृष्ट्या सही प्रतीत होती है. हालांकि, कोर्ट ने गुलफिशा फातिमा और मोहम्मद सलीम खान सहित पांच अन्य को जमानत दे दी थी.

क्या थी फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों की पूरी कहानी?

दिल्ली पुलिस का आरोप है कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध के नाम पर एक पूर्व-नियोजित साजिश रची गई थी. यह हिंसा उस समय की गई जब अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत दौरे पर थे, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि खराब की जा सके. इन दंगों में 53 लोगों की जान चली गई थी और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे. जांच एजेंसियों का दावा है कि यह महज अचानक भड़की हिंसा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित आतंकी साजिश थी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP