28 साल पहले आई वो सुपरहिट थ्रिलर फिल्म, धर्मेंद्र को एक सीन पर था ऐतराज, मगर वही बन गया टर्निंग प्वॉइंट – bobby deol was on crutches when heard soldier movie script 6 songs recorded in six days abbas mustan film turn blockbuster true interesting story
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Bollywood Superhit Action Thriller Movie : डायरेक्टर जब स्क्रिप्ट लेकर हीरो के पास पहुंचे तो देखा कि वह बैसाखियों के सहारे चल रहा है. बातचीत से पता चला कि घुड़सवारी के चलते एक टांग टूट गई है. किसी तरह हीरो को स्क्रिप्ट सुनाई. स्क्रिप्ट सुनते ही हीरो ने फिल्म के लिए हामी भर दी. जब फिल्म सिनेमाघरों में आई तो हीरो के एक्शन सीन देखकर दर्शक भौंचक रह गए. मूवी 1998 की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म साबित हुई. सबसे दिलचस्प बात यह है कि मूवी के 6 गाने सिर्फ 6 दिन में तैयार किए गए थे. फिल्म सुपरहिट रही. प्रीति जिंटा को बेस्ट डेब्यू एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला. यह फिल्म कौन सी थी. आइये जानते हैं……..
कुछ फिल्में ऐसी होती है जो अपने समय से बहुत आगे की होती हैं. 1998 में आई बॉबी देओल की सोल्जर फिल्म ऐसी ही एक फिल्म थ जिसका डायरेक्शन अब्बास-मस्तान ने किया था. इस एक्शन-थ्रिलर फिल्म की कहानी श्याम गोयल ने तैयार की थी. स्क्रीनप्ले सचिन भौमिक ने लिखा था. फिल्म को टिप्स इंडस्ट्रीज के बैनर तले प्रोड्यूस ने किया था. फिल्म में बॉबी देओल, प्रीति जिंटा लीड रोल में थे. इसके अलावा, राखी गुलजार, फरीदा जलाल, सुरेश ओबेरॉय, दिलीप ताहिल, शरत सक्सेना, सलीम घोष और आशीष विद्यार्थी सपोर्टिंग रोल में थे. मूवी 20 नवंबर 1998 को रिलीज हुई थी. फिल्म का म्यूजिक अनु मलिक ने कंपोज किया था. गीतकार समीर अनजान थे. फिल्म में 47:43 मिनट की लेंग्थ के कुल 6 गाने थे. फिल्म का म्यूजिक ब्लॉकबस्टर रहा था.
फिल्म का म्यूजिक एल्बम 1998 का तीसरा सबसे ज्यादा बिकने वाला म्यूजिक था. फिल्म का गाना ‘सोल्जर सोल्जर’ मॉडर्न टॉकिंग के गाने ‘चेरी चेरी लेडी’ की धुन से इंस्पायर्ड था. प्रीति जिंटा को बेस्ट फीमेल डेब्यू का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था. सोल्जर फिल्म की शूटिंग 1997 में शुरू हुई थी. पहला शॉट ‘तेरा रंग बल्ले बल्ले’ सॉन्ग का लिया गया था. फिल्म का म्यूजिक सुपरहिट रहा था. ‘तेरा रंग बल्ले बल्ले’ गाना उस साल का चार्टबस्टर सॉन्ग साबित हुआ. 1997 में ही प्रीति जिंटा की एक और फिल्म ‘क्या कहना’ भी शूट हो रही थी. प्रीति जिंटा ने 1998 की रोमांटिक थ्रिलर फिल्म ‘दिल से’ अपने करियर की शुरुआत की थी लेकिन उन्हें पॉप्युलैरिटी ‘सोल्जर’ फिल्म से मिली.
डायरेक्टर अब्बास-मस्तान ने कहा था कि सोल्जर फिल्म के लिए बॉबी देओल उनकी पहली पसंद थे. बरसात (1995) और गुप्त (1997) फिल्म में उनका काम देखा था. प्रोड्यूसर रमेश तौरानी ने उनका नाम सुझाया था. सबसे दिलचस्प बात यह है कि उन दिनों घुड़सवारी के चलते बॉबी देओल की एक टांग टूट गई थी. वो बैसाखी के सहारे चलते थे. जब उन्होंने स्क्रिप्ट सुनी तो तत्काल हामी भर दी. मजेदार बात यह भी कि अब्बास-मस्तान ने केवल बॉबी देओल के साथ काम किया है लेकिन कभी भी सनी देओल के साथ काम नहीं किया.
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सोल्जर फिल्म के डायरेक्टर अब्बास-मस्तान ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘फिल्म की कहानी कई सत्य घटनाओं से प्रेरित थी. पंजाब की एक महिला के माथे पर उसके पति के देशद्रोही होने का झूठा आरोप लिखकर गोद दिया गया था. उस महिला का पति सेना में था. 1995 में पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में हथियार गिराने की घटना से भी मूवी इंस्पायर्ड थी, जब एक विमान से अवैध हथियार गिराए गए थे. यह केस आज तक सॉल्व नहीं हो पाया. फिल्म की कहानी आर्मी के हथियारों की अवैध सप्लाई, भ्रष्टाचार को ध्यान में रखकर लिखी गई.’
इस फिल्म में बॉबी देओल के काम की बड़ी तारीफ हुई थी. आशीष विद्यार्थी ने फिल्म में पॉजिटिव रोल किया था. सोल्जर फिल्म में राखे गुलजार ने विधवा महिला का किरदार निभाया था. बॉबी देओल की मां के छोटे से किरदार में उन्होंने अपनी छाप छोड़ी. इससे पहले 1997 में उन्होंने जेपी दत्ता की ब्लॉकबस्टर फिल्म बॉर्डर में अक्षय खन्ना की मां का रोल निभाया था. वो भी विधवा महिला का किरदार था. राखी ने अब्बास मस्तान की फिल्म ‘बाजीगर’ में भी काम किया था. बॉबी देओल ने जब फिल्म साइन कर ली तो धर्मेंद्र ने डायरेक्टर अब्बास-मस्तान से कहा कि वो स्क्रिप्ट का नैरेशन दें. यह बॉबी देओल की दूसरी मूवी थी. धर्मेंद्र ने दोनों को अपने घर पर बुलाया. उन्हें स्क्रिप्ट बहुत अच्छी लगी लेकिन उन्होंने उस सीन को करने के लिए बॉबी देओल को मना किया जिसमें वह अपने पिता का मर्डर करता है. अब्बास-मस्तान के समझाने पर वो बड़ी मुश्किल से माने.
फिल्म में पहले नदीम-श्रवण का म्यूजिक लिया जाना था. गीतकार जावेद अख्तर होने वाले थे. फिर कुछ ऐसी परिस्थितियां बनीं कि नदीम-श्रवण इस फिल्म का हिस्सा नहीं बन पाए. ऐसे में अनु मलिक से संपर्क किया गया. जावेद अख्तर से 6 दिन में 6 गाने लिखने के लिए कहा गया लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया. फिर गीतकार समीर की एंट्री फिल्म में हुई. उन्होंने अनु मलिक के साथ 6 दिन में 6 गाने लिखे. इन छह दिनों में वो लोनावाला के एक रिजॉर्ट में अनु मलिक के साथ रहे.’
बॉबी देओल ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था ‘प्रीति जिंटा मेरे एक दोस्त की फ्रेंड थी. उसे क्रिमिनल साइकोलॉजिस्ट बनना था. उन दिनों शेखर कपूर मेरी फिल्म डायरेक्ट करने वाले थे. मैं हर दिन उनके ऑफिस में होता था. एक दिन तारा रमपम की स्क्रिप्ट आई. उसका स्क्रीन टेस्ट प्रीति ने दिया था. मुझे जब इसका पता चला तो मैंने सोल्जर के लिए नाम रेंफरेंस के तौर पर दिया था. हां! ट्विंकल खन्ना को मैं बचपन से जानता था.’
गीतकार समीर अनजान ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘ सोल्जर में हमारे सामने यह चैलेंज आय कि रोमांटिक गाना लिखना है. अनु मलिक और मैं लोनावाला में सिटिंग थी. अब्बास मस्तान वहीं सिटिंग करते थे. हम गाड़ी में जा रहे थे. मैं परेशान था कि इस पर लिखूं क्या? फिर मैंने कहा कि पहले सोल्जर का काफिया ढूंढो. काफिया मिले नहीं. बड़ी मुश्किल से एक काफिया ‘बोलकर’ मिला. पर एक काफिया से तो गाना बनेगा नहीं. फिर जैसे ही मैंने बोलकर बोला तो अनु मलिक ने ट्यून बनाना शुरू कर दी. ‘सोल्जर सोल्जर, मीठी बातें बोलकर’, फिर बड़ी मुश्किल से वो लाइन ‘आगे-पीछे डोलकर, दिल को चुरा ले गया’ आई. वो टुकड़ा जैसे ही आया, मेरे दिमाग में आया कि गाना बन जाएगा.’
प्रोड्यूसर रमेश तौरानी ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि सोल्जर फिल्म के लिए प्रीति जिंटा नहीं बल्कि करीना कपूर की पहली पसंद थीं. उस समय करीना की उम्र सिर्फ 16 साल थी, इसलिए उनकी मां बबीता ने इनकार कर दिया. बॉबी देओल और प्रीति जिंटा की फिल्म समय से बहुत आगे की फिल्म थी. इस तरह की फिल्में बॉलीवुड में तब कम ही आई थीं जिनमें हर सीन में ट्विस्ट हो. 8 करोड़ रुपये के बजट में बनकर तैयार हुई इस फिल्म ने 37.79 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. यह एक सुपरहिट फिल्म साबित हुई थी.