Mirror Vastu Effects । घर में आईना रखने के सही तरीके और इसके फायदे
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Home Vastu Tips: घर में रखा टूटा या धुंधला आईना रिश्तों की शांति को प्रभावित कर सकता है. वास्तु के अनुसार यह नेगेटिव एनर्जी को बढ़ाता है. मनोविज्ञान कहता है कि इसका असर आत्मविश्वास और मनोस्थिति पर पड़ता है. बेडरूम में गलत जगह रखा आईना पार्टनर्स के बीच दूरी बढ़ा सकता है. सही जगह और साफ आईना रखने से घर का माहौल ज्यादा शांत और सकारात्मक बन सकता है.
Mirror Vastu Effects: घर को हम सुकून और अपनापन महसूस करने की जगह मानते हैं. दिनभर की थकान, तनाव और बाहरी दुनिया की भागदौड़ से दूर यही वो जगह होती है, जहां इंसान खुद को सुरक्षित और शांत महसूस करना चाहता है. लेकिन कई बार बिना समझे रखी गई कुछ चीजें घर के माहौल को धीरे धीरे बदलने लगती हैं. रिश्तों में छोटी छोटी बातों पर तकरार, बेवजह चिड़चिड़ापन, मन में बेचैनी और घर में शांति की कमी अक्सर लोगों को हैरान कर देती है.
ज्यादातर लोग इसकी वजह एक दूसरे की आदतों या हालात को मानते हैं, लेकिन वास्तु और मनोविज्ञान दोनों कहते हैं कि कई बार घर में रखा सिर्फ एक सामान भी रिश्तों की शांति को प्रभावित कर सकता है. यह सामान है घर में रखा पुराना या खराब शीशा यानी टूटा हुआ या धुंधला आईना.
आईना और उसका घर पर असर: आईना सिर्फ खुद को देखने का साधन नहीं होता. वास्तु के अनुसार आईना ऊर्जा को प्रतिबिंबित करता है. अगर आईना साफ, सही जगह पर और सही स्थिति में हो तो यह पॉजिटिव एनर्जी को बढ़ाता है. लेकिन टूटा हुआ, चटक गया या धुंधला आईना नेगेटिव एनर्जी को बढ़ा सकता है. ऐसा माना जाता है कि खराब आईना घर में तनाव और गलतफहमियों को जन्म देता है, जिससे रिश्तों में खटास आने लगती है.
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मनोविज्ञान क्या कहता है: मनोविज्ञान की नजर से देखें तो आईना इंसान के आत्मविश्वास और मनोस्थिति से जुड़ा होता है. जब कोई व्यक्ति रोज खुद को टूटे या धुंधले आईने में देखता है, तो अनजाने में उसका मन नेगेटिव संकेत लेने लगता है. उसे खुद में कमी महसूस होने लगती है. यह चिड़चिड़ापन और गुस्सा धीरे धीरे घर के बाकी लोगों पर भी निकलने लगता है. यही वजह है कि छोटी छोटी बातें बड़े झगड़े में बदल जाती हैं.
बेडरूम में आईना क्यों बनता है परेशानी की वजह: वास्तु के अनुसार बेडरूम में ऐसा आईना जिसमें सोते समय बिस्तर दिखाई दे, रिश्तों के लिए अच्छा नहीं माना जाता. कहा जाता है कि इससे पार्टनर्स के बीच दूरी और गलतफहमियां बढ़ सकती हैं. मनोवैज्ञानिक तौर पर भी सोते समय या उठते ही खुद का प्रतिबिंब देखना दिमाग को पूरी तरह आराम की स्थिति में नहीं आने देता, जिससे मानसिक तनाव बना रहता है.
टूटे या पुराने सामान का असर रिश्तों पर: सिर्फ आईना ही नहीं, बल्कि घर में रखा कोई भी टूटा फूटा या बहुत पुराना सामान मन पर बोझ डालता है. लेकिन आईना सीधे इंसान के मन और आत्मछवि से जुड़ा होता है, इसलिए इसका असर ज्यादा गहरा होता है. जब घर का माहौल भारी लगता है, तो बातचीत में मिठास कम हो जाती है और रिश्तों में चिड़चिड़ापन बढ़ने लगता है.
क्या करें ताकि शांति बनी रहे: सबसे पहले घर में लगे सभी आईनों को ध्यान से देखें. अगर कोई आईना टूटा हुआ, चटक गया या बहुत ज्यादा धुंधला हो चुका है, तो उसे तुरंत हटा देना बेहतर होता है. कोशिश करें कि आईना हमेशा साफ और सही जगह पर लगा हो. बेडरूम में आईना हो तो उसे इस तरह रखें कि बिस्तर का प्रतिबिंब उसमें न पड़े. अगर ऐसा संभव न हो, तो रात के समय आईने को कपड़े से ढक दें.
रिश्तों में सुधार के लिए छोटे कदम: घर में पॉजिटिव माहौल बनाए रखने के लिए सिर्फ सामान बदलना ही काफी नहीं होता. लेकिन यह एक अच्छी शुरुआत जरूर हो सकती है. जब घर का वातावरण हल्का और शांत होता है, तो बातचीत भी सहज होती है. लोग एक दूसरे की बात सुनने लगते हैं और गलतफहमियां खुद ब खुद कम होने लगती हैं. वास्तु और मनोविज्ञान दोनों का यही मानना है कि घर का माहौल इंसान के मन और रिश्तों पर सीधा असर डालता है.
सजावट में सोच समझकर बदलाव जरूरी: घर सजाते समय सिर्फ सुंदरता नहीं, बल्कि सुकून पर भी ध्यान देना चाहिए. बहुत ज्यादा चीजें, खासकर ऐसी जो टूटी हों या काम की न हों, उन्हें जमा करके रखना रिश्तों और मन दोनों पर बोझ डालता है. समय समय पर घर की सफाई और पुराने सामान को हटाना मानसिक रूप से भी राहत देता है.