अरे बाप रे! बिना OTP के ही 38 लाख साफ, देखते ही देखते शख्स हो गया कंगाल, जामताड़ा मॉडल ने ढूंढा अब यह नया तरीका – 38 lakh rupees wiped out without an otp from bank account mobile delhi police exposed new cyber crime fraud Jamtara model

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नई दिल्ली. केंद्र सरकार और जांच ऐजेंसियां चाहे जितना कोशिश कर ले, साइबर ठगों पर नहीं लग रहे हैं लगाम. अब तो साइबर ठगों ने ठगी का एक ऐसा खतरनाक तरीका ढूंढ निकाला है, जिसमें आपके पास कोई ओटीपी (OTP) भी नहीं आएगा और आपका बैंक खाता खाली हो जाएगा. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने सिम पोर्टिंग और डिवाइस हैकिंग के जरिए 38.10 लाख रुपये की बड़ी ठगी करने वाले एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है, जो हजारों लोगों के बैंक खाते अब तक साफ कर चुके हैं. खास बात यह है कि इस गिरोह के तार कुख्यात जामताड़ा झारखंड से जुड़े हैं. जानें कैसे जामताड़ा मॉडल ने अब साइबर ठगी का तरीका बदल लिया है.

दिल्ली पुलिस ने बताया है कि शिकायतकर्ता ने शिकायत दर्ज कराई कि 30 दिसंबर 2025 से 12 जनवरी 2026 के बीच अज्ञात ठगों ने उसके साथ इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया. ठगों ने व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए पीड़ित को झांसे में लिया और धोखे से उसके मोबाइल फोन का एक्सेस हासिल कर लिया. एक बार फोन का कंट्रोल मिलते ही, ठगों ने पीड़ित के मोबाइल नंबर को अपने जामताड़ा स्थित सोर्स पर पोर्ट करवा लिया.

पैसा उड़ाने का नया जामताड़ा मॉडल 

सिम पोर्ट होते ही पीड़ित के फोन का सिग्नल गायब हो गया और ठगों ने बैंकिंग ऐप्स का एक्सेस लेकर IMPS, NEFT और UPI के जरिए अलग-अलग खातों में 38,10,341 रुपये ट्रांसफर कर लिए. क्राइम ब्रांच ने जब बैंक स्टेटमेंट और टेक्निकल फुटप्रिंट्स की जांच की तो एक बड़ा सुराग हाथ लगा. ठगी की रकम में से 99,999 रुपये ग्रेटर नोएडा के विपुल कश्यप के पीएनबी खाते में पहुंचे थे. पुलिस ने उसे 4 मई 2026 को धर दबोचा.

21 साल का लड़का गिरोह का मास्टर माइंड

विपुल से पूछताछ के बाद पुलिस ने 21 साल के मुख्य साजिशकर्ता आयुष शर्मा को नोएडा से गिरफ्तार किया. आयुष ही इस पूरे गिरोह का संचालन कर रहा था. इस गैंग का मॉडस ऑपेरंडी इंस्टाग्राम से शुरू होता था. पूछताछ में आयुष शर्मा ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. उसने दिल्ली पुलिस कहा कि वह इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देकर लोगों को लालच देता था कि वे कमीशन के बदले अपने बैंक खाते और सिम कार्ड किराए पर दें.

दिल्ली पुलिस ने ऐसे पकड़ा

दिल्ली पुलिस ने राजस्थान के भिवाड़ी निवासी विशाल कुमार ने आयुष को सिम कार्ड उपलब्ध कराए थे, जिसे पुलिस ने पकड़कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. ये लोग दिल्ली-एनसीआर से बैंक खाते और सिम कार्ड इकट्ठा कर जामताड़ा के मुख्य ठगों को मुहैया कराते थे, जो वहां बैठकर ठगी को अंजाम देते थे.

दिल्ली पुलिस के डीसीपी आदित्य गौतम के निर्देशन और एसीपी अनिल शर्मा की देखरेख में इंस्पेक्टर मंजीत कुमार की टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया. टीम में एसआई प्रवेश कुमार राठी और हेड कांस्टेबल सोहनपाल सहित कई तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे. पुलिस अब इस सिंडिकेट के अन्य सदस्यों और जामताड़ा में बैठे उनके आकाओं की तलाश कर रही है.

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