Ramadan 2026 Bohra Cutlet Recipe for Iftar। इफ्तार के लिए बोहरा कटलेट रेसिपी
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Bohra Cultel Recipe: रमजान की शामें सिर्फ रोज़ा खोलने का वक्त नहीं होतीं, बल्कि घर की रसोई से उठती खुशबुओं और परिवार के साथ बैठकर खाने की रौनक का नाम होती हैं. जैसे ही अज़ान की आवाज़ गूंजती है, खजूर और शरबत के साथ इफ्तार की प्लेट सजने लगती है. इन्हीं सजी हुई थालियों में एक व्यंजन अक्सर सबसे पहले नज़र खींच लेता है-बोहरा कटलेट. बाहर से हल्का कुरकुरा, अंदर से नरम और मसालों की संतुलित खुशबू से भरा, यह कटलेट दाऊदी बोहरा समुदाय की इफ्तार परंपरा का अहम हिस्सा है. 2026 के रमजान में भी यह स्वाद लोगों के दिलों और दावतों में खास जगह बनाए हुए है.
रमजान 2026 में बोहरा कटलेट इफ्तार की खास पहचान बना हुआ है. दाल, कीमा या सब्जियों से तैयार यह पारंपरिक स्नैक स्वाद और पोषण का संतुलन देता है, जिसे पहले से बनाकर आसानी से परोसा जा सकता है.
दाऊदी बोहरा रसोई की पहचान बोहरा कटलेट सिर्फ एक स्नैक नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक विरासत है. दाऊदी बोहरा समुदाय की थाल परोसने की परंपरा में हर व्यंजन का अपना स्थान और क्रम होता है. इफ्तार में अक्सर हल्के लेकिन पौष्टिक व्यंजन परोसे जाते हैं, ताकि दिनभर के रोज़े के बाद शरीर को संतुलित ऊर्जा मिल सके. इन कटलेट्स की खासियत उनका संतुलित स्वाद है. मसाले तीखे नहीं होते, बल्कि इतने हल्के कि हर उम्र के लोग आराम से खा सकें. कई घरों में कीमे से बनाए जाते हैं, तो कुछ परिवार शाकाहारी विकल्प चुनते हैं-उबली सब्जियों और दाल के साथ. यही लचीलापन इसे हर रसोई का अपना व्यंजन बना देता है.
बोहरा कटलेट की पारंपरिक रेसिपी सामग्री -250 ग्राम कीमा या उबली हुई मैश की हुई सब्जियां -1½ कप उबली चना दाल, मोटी कुटी हुई -1 छोटा प्याज, बारीक कटा हुआ -1 चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट -1 चम्मच जीरा पाउडर -1/2 चम्मच धनिया पाउडर -1/2 चम्मच गरम मसाला -स्वादानुसार नमक -2 बड़े चम्मच कटा हरा धनिया -कोटिंग के लिए अंडा या कॉर्नफ्लोर का घोल -जरूरत के अनुसार ब्रेडक्रम्ब्स -हल्की तलने के लिए तेल
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बनाने की विधि 1. सबसे पहले एक बड़े बर्तन में कीमा या मैश की हुई सब्जियां लें. इसमें उबली और मोटी कुटी चना दाल मिलाएं. फिर बारीक कटा प्याज, अदरक-लहसुन पेस्ट, जीरा पाउडर, धनिया पाउडर, गरम मसाला और नमक डालें. ऊपर से हरा धनिया मिलाकर पूरे मिश्रण को अच्छी तरह हाथों से गूंध लें, ताकि मसाले बराबर फैल जाएं. 2. अब इस मिश्रण से समान आकार के गोल या अंडाकार कटलेट बनाएं. इन्हें लगभग 20–30 मिनट के लिए फ्रिज में रख दें. इससे कटलेट सख्त हो जाते हैं और तलते समय टूटते नहीं. 3. इसके बाद हर कटलेट को पहले अंडे या कॉर्नफ्लोर के घोल में डुबोएं, फिर ब्रेडक्रम्ब्स में लपेट लें. एक पैन में मध्यम आंच पर तेल गरम करें और कटलेट्स को हल्का तलें. जब दोनों तरफ से सुनहरा रंग आ जाए, तो निकालकर टिशू पेपर पर रखें. 4. गर्मागर्म बोहरा कटलेट को हरी चटनी, खजूर की चटनी या दही डिप के साथ परोसा जा सकता है.
व्यस्त रमजान शामों का स्मार्ट विकल्प रमजान में समय की किल्लत अक्सर महसूस होती है. ऐसे में बोहरा कटलेट एक व्यावहारिक विकल्प है. इन्हें पहले से तैयार कर फ्रिज में रखा जा सकता है और इफ्तार से ठीक पहले तला जा सकता है. कई कामकाजी परिवारों में यह तरीका काफी लोकप्रिय है. मुंबई और सूरत जैसे शहरों में बोहरा परिवार इफ्तार की तैयारी दोपहर में ही शुरू कर देते हैं. बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक, सभी इस तैयारी में हिस्सा लेते हैं. कोई दाल कूटता है, कोई कटलेट का आकार देता है. यही सामूहिकता इस रेसिपी को और खास बनाती है.
स्वाद के साथ सेहत का संतुलन चना दाल प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होती है, जो लंबे रोज़े के बाद शरीर को ऊर्जा देती है, अगर सब्जियों वाला विकल्प चुना जाए, तो यह और भी हल्का और पौष्टिक बन जाता है. हल्की आंच पर शैलो फ्राई करने से तेल भी कम लगता है. आजकल कई लोग एयर फ्रायर में भी बोहरा कटलेट बना रहे हैं. स्वाद लगभग वही रहता है, लेकिन कैलोरी थोड़ी कम हो जाती है. बदलते समय के साथ रेसिपी में छोटे बदलाव आ सकते हैं, मगर उसकी आत्मा वही रहती है.
रमजान 2026 में जब इफ्तार की मेज सजेगी, तो बोहरा कटलेट फिर अपनी जगह बनाए रखेगा. यह सिर्फ स्वाद का नहीं, बल्कि परंपरा, परिवार और साझा पलों का प्रतीक है. हर कुरकुरी बाइट के साथ एक कहानी जुड़ी होती है-घर की, रसोई की और उन हाथों की, जो इसे प्यार से तैयार करते हैं.