If you want to pass the UP TET exam follow these tips and you will be 100% successful – Uttar Pradesh News

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Exam Tips TET: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) हर वर्ष लाखों युवाओं के लिए शिक्षक बनने की दिशा में एक बढ़िया अवसर लेकर आती है. अनुमानित रूप से 15–20 लाख अभ्यर्थी इस परीक्षा में सम्मिलित होते हैं. विद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा अनिवार्य है, इसलिए इसमें अच्छा स्कोर करना बेहद जरुरी है. लगभग 5 वर्षों के बाद यह परीक्षा आयोजित होने जा रही है, जिसका नोटिफिकेशन जारी हो चुका है. इसका परीक्षा जुलाई में होगा, ऐसे में अभ्यर्थियों के पास तैयारी के लिए बहुत समय है, लेकिन वे अभी से गंभीरता के साथ तैयारी शुरू कर दें.

परीक्षा को हल्के में न ले छात्र 

गणित के शिक्षक धर्मेंद्र कुमार गुप्ता सर ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि वह पिछले 11 वर्षों से गणित विषय का शिक्षण कार्य कर रहे हैं, उन्होंने बताया कि लंबे समय बाद होने वाली इस परीक्षा को हल्के में नहीं लेना चाहिए. उन्होंने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे आगामी 5–6 महीनों में पूरे सिलेबस को व्यवस्थित ढंग से पूरा करें. हाल ही में आयोजित सीटेट (CTET) परीक्षा का स्तर बहुत कठिन रहा है, इसलिए यूपीटीईटी की तैयारी भी मजबूत रणनीति के साथ करनी चाहिए.

सिलेबस को अच्छी तरह समझे 

आगे उन्होंने बताया कि तैयारी की शुरुआत सिलेबस को अच्छी तरह समझने से करें. सबसे पहले पूरे पाठ्यक्रम को छोटे-छोटे भागों में विभाजित करें और चैप्टर-वाइज अध्ययन करें. प्रत्येक अध्याय पूरा करने के बाद उससे संबंधित मॉक टेस्ट अवश्य दें. इससे आपकी समझ मजबूत होगी और परीक्षा पैटर्न की आदत भी पड़ेगी, जब आधे से अधिक सिलेबस की तैयारी हो जाए, तब पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करना शुरू करें. प्रीवियस ईयर क्वेश्चन (PYQ) हल करने से परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकार और कठिनाई स्तर का अंदाजा मिलता है, जो सफलता की संभावना को बढ़ाता है.

90 अंक प्राप्त करना कठिन नहीं 

धर्मेंद्र सर ने बताया कि यदि यूपीटीईटी और सीटेट की तुलना करें, तो लगभग 60–70% तक पैटर्न में अंतर देखने को मिलता है. सीटेट में बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (CDP) से अधिक प्रश्न पूछे जाते हैं, जबकि यूपीटीईटी में विषयवस्तु आधारित प्रश्नों की संख्या अधिक होती है. परीक्षा में कुल 150 प्रश्न होते हैं, जिनमें हिंदी, गणित, पर्यावरण अध्ययन (EVS), संस्कृत या अंग्रेजी भाषा तथा बाल विकास से 30-30 प्रश्न पूछे जाते हैं. कुल 150 अंकों में से 90 अंक प्राप्त करना कठिन नहीं है, यदि अभ्यर्थी नियमित और समर्पित तैयारी करें.

नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान नहीं 

वहीं, उन्होंने बताया कि एक बड़ी बात यह है कि यूपीटीईटी में नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान नहीं है. इसलिए अभ्यर्थियों को सभी प्रश्नों का प्रयास करना चाहिए. यह तभी संभव है, जब वे नियमित रूप से अधिक से अधिक प्रश्नों का अभ्यास करें. निरंतर अभ्यास से प्रश्नों को तेजी से पढ़ने और हल करने की क्षमता विकसित होती है. सफलता का मूल मंत्र है, समय पर शुरुआत, सिलेबस की पूर्ण तैयारी, नियमित मॉक टेस्ट और पिछले वर्षों के प्रश्नों का अभ्यास. यदि अभ्यर्थी आज से ही ठोस रणनीति के साथ तैयारी शुरू कर दें, तो निश्चित रूप से उन्हें सफलता प्राप्त होगी.

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