11 फरवरी को जन्मे बच्चों का कैसा रहेगा भविष्य, ग्रह-नक्षत्रों का क्या पड़ेगा प्रभाव, ज्योतिषी से जानें सबकुछ
अयोध्या: व्यक्ति के जीवन पर ज्योतिष शास्त्र का गहरा प्रभाव होता है. ग्रह नक्षत्र के अनुसार ही व्यक्ति के अशुभ और शुभ स्थिति का आकलन किया जाता है. ऐसी स्थिति में ग्रह नक्षत्र का प्रभाव जन्म लेने वाले बच्चों पर भी रहता है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार 11 फरवरी दिन बुधवार को ग्रह नक्षत्र की कैसी स्थिति रहेगी. इस दिन जन्म लेने वाले बच्चे पर कैसा प्रभाव पड़ेगा? किस क्षेत्र में उन्नति होगी, कहां सावधान रहना होगा. इन तमाम सवालों का जवाब आज हम आपको इस रिपोर्ट में विस्तार से बताते हैं तो चलिए जानते हैं.
अयोध्या के पंडित सीताराम दास बताते हैं कि ज्योतिषीय दृष्टि से 11 फ़रवरी दिन बुधवार बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है/ इस दिन सूर्य कुंभ राशि में स्थित रहेगा .कुंभ राशि में जन्मे बच्चे स्वभाव से स्वतंत्र, मौलिक सोच वाले, नवाचारी और मानवतावादी होते हैं. ऐसे बच्चे समाज के लिए कुछ नया करने की भावना रखते हैं और परंपराओं से हटकर सोचने की क्षमता रखते हैं. इस दिन अनुराधा नक्षत्र प्रातः 10:52 बजे तक रहेगा, उसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र आरंभ होगा दोनों नक्षत्र वृश्चिक राशि से संबंधित हैं जबकि चंद्रमा वृषभ राशि में स्थित रहेगा.
अनुराधा नक्षत्र सहयोग, मित्रता, अनुशासन और लक्ष्य प्राप्ति का प्रतीक है.
ज्येष्ठा नक्षत्र साहस, नेतृत्व, आत्मविश्वास और शक्ति को दर्शाता है यह गण्डमूल नक्षत्र भी है इसलिए प्रारंभिक जीवन में थोड़ी सावधानी और शांति उपाय आवश्यक माने जाते हैं .वृषभ चंद्रमा के कारण बच्चे के जीवन में स्थिरता, सौंदर्य, धन और भौतिक सुखों का प्रभाव रहेगा.इस दिन कृष्ण पक्ष नवमी प्रातः 9:59 बजे तक रहेगी, उसके बाद दशमी तिथि आरंभ होगी. नवमी तिथि ऊर्जा, साहस, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता प्रदान करती है.ज्येष्ठा नक्षत्र गण्डमूल श्रेणी में आता है, जिससे माता-पिता के लिए प्रारंभिक समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, परंतु उचित उपायों से इसका प्रभाव शांत हो जाता है. गरज करण शाम तक रहेगा, जो कार्य सिद्धि और सकारात्मक परिणामों का संकेत देता है.
इस दिन जन्मा बच्चा बुद्धिमान, साहसी, नेतृत्व क्षमता से भरपूर, भावनात्मक रूप से गहरा और स्थिर स्वभाव का होगा. गण्डमूल नक्षत्र के कारण प्रारंभिक उपाय आवश्यक हैं, पर भविष्य उज्ज्वल रहेगा. इस दिन जन्म लेने वाले बच्चों का नामकरण कुंभ राशि के अनुसार होगा ,अ, ई, ऊ, ए, ओ, वा तो वही अगर अनुराधा है तो ना, नी, नू, ने, नो, या. ज्येष्ठा नक्षत्र है तो फिर नो, या, यी, यू, ये, यो नाम से रखा जाएगा.