Parwal Chutney Recipe। घर पर बनाएं चटपटी परवल की चटनी
Parwal Chutney Recipe : सोई में अक्सर वही कुछ गिने-चुने स्वाद घूमते रहते हैं. धनिया की चटनी, पुदीने की चटनी स्वाद अच्छा होता है, लेकिन रोज़-रोज़ वही टेस्ट कहीं न कहीं मन को बोर करने लगता है. ऐसे में जब घर पर कुछ नया, अलग और चटपटा बनाने का मन हो, तो परवल की चटनी एक दिलचस्प विकल्प बनकर सामने आती है. परवल, जिसे आमतौर पर सब्जी तक ही सीमित समझा जाता है, चटनी के रूप में बिल्कुल नया अवतार ले लेता है. इसका हल्का कड़वापन, मसालों और खट्टेपन के साथ मिलकर ऐसा बैलेंस बनाता है कि पहला निवाला लेते ही स्वाद बदलने का अहसास हो जाता है. आइए जान लें बनाने की रेसिपी भी.
परवल से चटनी बनाने का आइडिया क्यों खास है
परवल को अक्सर लोग नज़रअंदाज़ कर देते हैं. कुछ को इसकी सब्जी पसंद नहीं आती, तो कुछ इसे बेस्वाद मान लेते हैं. लेकिन यही परवल जब हल्का सा भुनकर चटनी के रूप में आता है, तो उसका पूरा चरित्र बदल जाता है. इसमें मिलाए जाने वाले लहसुन, अदरक, मूंगफली और सरसों का तेल इसे देसी टच देते हैं. गांवों में आज भी सब्जियों से चटनी बनाने की परंपरा रही है, जहां हर मौसम की उपज का पूरा इस्तेमाल किया जाता था. परवल की चटनी उसी देसी सोच की याद दिलाती है.
रोज़मर्रा के खाने में कैसे फिट होती है यह चटनी
इस चटनी की सबसे बड़ी खासियत है इसकी बहुउपयोगिता. सुबह के पराठे हों या दोपहर का सादा दाल-चावल, थोड़ी सी परवल की चटनी प्लेट में आते ही खाने का मजा बढ़ जाता है. कई लोग इसे समोसे, कचौड़ी या पकौड़े के साथ भी पसंद करते हैं. टिफिन में रखने के लिहाज से भी यह एक अच्छा विकल्प है, क्योंकि इसमें ज्यादा पानी नहीं होता और यह जल्दी खराब भी नहीं होती.
परवल की चटनी बनाने के लिए जरूरी सामग्री
इस रेसिपी में किसी महंगे या मुश्किल से मिलने वाले सामान की जरूरत नहीं पड़ती.
3 से 4 परवल, 1 से 2 हरी मिर्च, 4 से 5 लहसुन की कलियां, थोड़ा सा अदरक, 2 टेबलस्पून भुनी मूंगफली या भुना चना, नींबू का रस या इमली का गूदा, नमक, लाल मिर्च पाउडर, भुना जीरा पाउडर और अंत में खुशबू के लिए सरसों का तेल. यही साधारण चीजें मिलकर इस चटनी को खास बना देती हैं.
बनाने की आसान और घरेलू विधि
परवल को धोकर छीलना और छोटे टुकड़ों में काटना पहला कदम है. इसके बाद कढ़ाही में हल्का सा तेल गर्म कर परवल को नरम होने तक भून लिया जाता है. फिर उसमें लहसुन, अदरक और हरी मिर्च डालकर थोड़ी देर और भूनना होता है. मिश्रण ठंडा होने के बाद इसे मिक्सर में बाकी मसालों और मूंगफली के साथ पीस लिया जाता है. किसी को दरदरी पसंद होती है, तो किसी को स्मूद यह पूरी तरह आपकी पसंद पर निर्भर करता है. आखिर में सरसों का तेल मिलाते ही चटनी का स्वाद और खुशबू दोनों उभरकर सामने आ जाते हैं.
स्वाद बढ़ाने के छोटे-छोटे टिप्स
अगर तीखा खाने के शौकीन हैं, तो मिर्च की मात्रा बढ़ाई जा सकती है. खट्टेपन के लिए नींबू की जगह इमली का इस्तेमाल अच्छा विकल्प है. हेल्दी वर्जन चाहें, तो परवल को तलने की बजाय उबालकर भी चटनी बनाई जा सकती है. ये छोटे बदलाव हर बार स्वाद को थोड़ा अलग बना देते हैं.
बदलती रसोई, नए स्वाद
आजकल लोग रेसिपी के साथ एक्सपेरिमेंट करना पसंद कर रहे हैं. सोशल मीडिया और फूड ब्लॉग्स ने भी देसी सब्जियों को नए तरीके से पेश करने का चलन बढ़ाया है. परवल की चटनी उसी ट्रेंड का हिस्सा है पुरानी सब्जी, नया स्वाद. यह दिखाती है कि थोड़ा सा प्रयोग आपके रोज़ के खाने को कितना दिलचस्प बना सकता है.