हैदराबाद फर्जी नंबर प्लेट केस और गिरफ्तारी | Hyderabad Fake Number Plate Case 23 Challans Fraud
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Hyderabad Fake Number Plate Case: हैदराबाद के चदरघाट में एक व्यक्ति ने दूसरे की बाइक की नंबर प्लेट लगाकर 23 बार ट्रैफिक नियम तोड़े. जब असली मालिक के पास चालान पहुंचे तो उसने पुलिस में शिकायत की. सीसीटीवी फुटेज और आईटी सेल की मदद से पुलिस ने जालसाज को गिरफ्तार कर लिया है

हैदराबाद फर्जी नंबर प्लेट केस
Hyderabad Fake Number Plate Case: डिजिटल सर्विलांस और हाई-टेक ट्रैफिक कैमरों के इस दौर में तकनीक जहाँ सुरक्षा का वादा करती है वहीं अपराधी इसका काट भी ढूंढ रहे हैं. हैदराबाद के चदरघाट इलाके से एक ऐसा ही मामला सामने आया है जिसने वाहन मालिकों की नींद उड़ा दी है. यहाँ एक शातिर जालसाज ने अपनी बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर न सिर्फ कानून का मजाक बनाया बल्कि एक बेगुनाह नागरिक के लिए गंभीर मानसिक और आर्थिक मुसीबत खड़ी कर दी. यह मामला पुलिस के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गया था क्योंकि अपराधी कैमरों की आंखों में धूल झोंककर अपनी पहचान छुपा रहा था.
दरअसल पीड़ित शख्स को पिछले कुछ समय से लगातार ट्रैफिक पुलिस की ओर से चालान के मैसेज मिल रहे थे. जब उसने ऑनलाइन पोर्टल चेक किया तो उसके होश उड़ गए. उसकी बाइक के नाम पर कुल 23 चालान लंबित थे जबकि उसने वे गलतियां कभी की ही नहीं थीं. सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि चालान की तस्वीरों में जो बाइक दिख रही थी उस पर नंबर प्लेट तो पीड़ित की थी लेकिन चालक कोई और था. इस खुलासे के बाद पीड़ित को समझ आया कि वह किसी गहरी साजिश का शिकार हो गया है और उसकी गाड़ी की पहचान का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है.
आरोपी की चालाकी और बेखौफ अंदाज
आरोपी इतना चालाक था कि वह जानता था कि ट्रैफिक कैमरे केवल नंबर प्लेट को स्कैन करते हैं. उसने अपनी बाइक पर पीड़ित के वाहन की हूबहू डुप्लीकेट नंबर प्लेट लगवा ली थी. वह बेखौफ होकर सिग्नल तोड़ता और बिना हेलमेट गाड़ी चलाता था. उसे लगा था कि वह कभी पकड़ा नहीं जाएगा क्योंकि जुर्माना किसी और के खाते में जा रहा था और पहचान भी किसी और की इस्तेमाल हो रही थी. रॉन्ग साइड ड्राइविंग और तेज रफ्तार जैसी खतरनाक गलतियां करने के बावजूद वह शहर में खुलेआम घूम रहा था क्योंकि कैमरों की निगरानी में वह पीड़ित की पहचान ओढ़े हुए था.
सीसीटीवी और आईटी सेल ने दबोचा
परेशान होकर असली मालिक ने चदरघाट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आईटी सेल की मदद ली और उन इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जहाँ-जहाँ चालान कटे थे. पुलिस ने आरोपी के आने-जाने के पैटर्न को ट्रैक किया और एक सटीक सूचना के आधार पर जाल बिछाकर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया. जब उसकी बाइक की गहन जांच हुई तो पता चला कि चेसिस नंबर और इंजन नंबर उस फर्जी प्लेट से मेल नहीं खाते थे. यह घटना पहचान की चोरी का एक खतरनाक रूप है और अब पुलिस आरोपी के खिलाफ जालसाजी का मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई कर रही है.
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Vicky Rathore is a multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience in digital media, social media management, video production, editing, content writing, and graphic, A MAJMC gra…और पढ़ें