Pahadi Food Recipe | Gahat Dal Phanu | Pahadi Food | गहत दाल फाणू | पहाड़ी खाना |
Last Updated:
Pahadi Phanu Gahat Dal Recipe: उत्तराखंड के पहाड़ों में बने पारंपरिक व्यंजन न केवल स्वाद में लाजवाब होते हैं, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं. इनमें से एक खास व्यंजन है फाणू, जो गहत और अन्य दालों से बनाई जाती है. सर्दियों में यह शरीर को गर्म और मजबूत रखने में मदद करती है. ऋषिकेश की गृहिणी रुचि ने बताया कि कैसे दालों को पीसकर और सरसों के तेल का तड़का लगाकर इसे खास विधि से तैयार किया जाता है. अगर आप भी पहाड़ों की इस असली ताकत और असली स्वाद का अनुभव करना चाहते हैं, तो जानिए फाणू बनाने का सही तरीका.
Pahadi Phanu Gahat Dal Recipe: उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजन अपनी सादगी और पौष्टिकता के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है. यहां के खान-पान की सबसे बड़ी खूबी यह है कि ये व्यंजन मौसम और पहाड़ी जीवनशैली को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं. इन्हीं व्यंजनों में सबसे खास है ‘फाणू’. गहत (कुल्थी) और अन्य पहाड़ी दालों से बना यह खाना न केवल टेस्टी होता है, बल्कि शरीर को अंदरूनी मजबूती भी प्रदान करता है. सर्दियों के मौसम में तो इसे पहाड़ों का सबसे पसंदीदा भोजन माना जाता है.
क्या है फाणू और इसकी खासियत?
लोकल 18 से बातचीत में गृहिणी रुचि बताती हैं कि फाणू एक गाढ़ी ग्रेवी वाला व्यंजन है, जिसे मुख्य रूप से गहत की दाल से तैयार किया जाता है. गहत की दाल की तासीर गर्म होती है, इसलिए यह कड़ाके की ठंड में शरीर का तापमान बनाए रखने में मदद करती है. इसे बनाने का तरीका सामान्य दालों से काफी अलग और दिलचस्प है, जो इसे एक खास बनावट और खुशबू देता है.
फाणू बनाने के लिए सबसे पहले गहत, अरहर और पहाड़ी मसूर दालों को रातभर पानी में भिगोया जाता है. अगली सुबह दालों को सिलबट्टे या मिक्सी में पीसकर एक गाढ़ा पेस्ट बनाया जाता है.
इसके बाद लोहे की कढ़ाई में सरसों का तेल गर्म करके उसमें जीरा, हींग, खूब सारा लहसुन और हरी मिर्च का तड़का लगाया जाता है. तैयार पेस्ट को कढ़ाई में डालकर धीमी आंच पर खूब भुना जाता है. इसमें हल्दी, नमक और पानी डालकर इसे तब तक पकाया जाता है जब तक कि यह अच्छी तरह गाढ़ा न हो जाए. खास बात यह है कि इसमें लास्ट में थोड़ा भुना हुआ आटा भी मिलाया जाता है, जो इसे एक शानदार सोंधापन देता है. वहीं, ताजे हरे धनिये से गार्निशिंग की जाती है.
यह भी पढ़ें: Recipe: सिलबट्टे में पीसकर बनती है ये स्पेशल पहाड़ी दाल! स्वाद ऐसा कि उंगलियां चाटते रह जाएंगे, ट्राई करें आसान रेसिपी
सेहत का खजाना है यह पहाड़ी व्यंजन
फाणू सिर्फ एक डिश नहीं, बल्कि पोषण का पावरहाउस है. गहत की दाल के बारे में आयुर्वेद में भी कहा गया है कि यह किडनी की पथरी को गलाने में बहुत सहायक होती है. इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन और फाइबर होता है, जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और लंबे समय तक भूख नहीं लगने देता. यह हड्डियों को मजबूती देने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी बहुत मददगार साबित होता है.
पहाड़ों में फाणू को सबसे ज्यादा गरमा-गरम चावल के साथ पसंद किया जाता है. इसके अलावा इसे मंडुवे (कोदा) की रोटी के साथ खाना एक क्लासिक कॉम्बिनेशन माना जाता है. मंडुवे की रोटी और फाणू का यह मेल न केवल पेट भरता है, बल्कि शरीर को पहाड़ों की कठोर परिस्थितियों से लड़ने की ताकत भी देता है.
About the Author
सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें