पतिदेव पलटकर नहीं पूछेंगे आज सब्जी-दाल नहीं बनी क्या, थाली में परोसी गई तीन कोनिया चटनी तो चट हो जाएगा रोटी-भात!

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Jharkhand Special Teen Koniya Chutney: झारखंड में बनने वाले बहुत से व्यंजनों में से एक है तीन कोनिया चटनी, इसका लाजवाब स्वाद, सब्जी-दाल की कमी नहीं महसूस होने देता. चार-पांच सामग्री से पककर बनने वाली यह चटनी दस मिनट में तैयार होती है पेट के साथ मन भी भर देती है.

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जमशेदपुर. झारखंड की पहचान सिर्फ जंगल-पहाड़ और खनिज संपदा ही नहीं, बल्कि यहां का सादा और दिल से बना भोजन भी है. राज्य के अधिकतर लोग मेहनतकश जीवन जीते हैं, इसलिए यहां ज्यादा तेल-मसाले वाले खाने की बजाय हल्का, घर का बना और स्वाद से भरपूर भोजन पसंद किया जाता है. ऐसे ही पारंपरिक स्वादों में एक खास नाम है – तीन कोनिया चटनी. यह चटनी इतनी लाजवाब होती है कि इसके साथ रोटी या भात (चावल) खा लें, तो दाल-सब्जी की कमी भी महसूस नहीं होती.

कई घरों की पसंद
तीन कोनिया चटनी का नाम सुनने में जितना अनोखा लगता है, बनाने में उतनी ही आसान है. इसका स्वाद खट्टा-मीठा, हल्का तीखा और चटपटा होता है, जो एक बार खाने पर बार-बार याद आता है. गांवों में अक्सर मजदूरी से लौटे लोग जल्दी में इसी चटनी के साथ गरम भात या रोटी खाकर पेट भर लेते हैं. कम समय और कम सामान में बनने वाली यह चटनी आज भी कई घरों की पहली पसंद है.

पकाकर बनती है यह चटनी
इसे बनाने के लिए सबसे पहले ताजे टमाटर को अच्छी तरह धोकर काट लें. इसके साथ प्याज, लहसुन और हरी मिर्च भी बारीक काटकर तैयार कर लें. अब एक कढ़ाही में थोड़ा सा तेल डालकर गरम करें. तेल गरम होने के बाद उसमें प्याज, लहसुन और मिर्च डालकर भूनें. जब इनका रंग हल्का लाल होने लगे और खुशबू आने लगे, तब कटे हुए टमाटर डाल दें. इसके बाद स्वादानुसार नमक मिलाएं और धीमी आंच पर अच्छी तरह पकाएं, ताकि टमाटर पूरी तरह गल जाएं.

चूल्हे पर बनी चटनी के आगे सब फेल
जब टमाटर नरम होकर मसाले के साथ मिल जाएं, तब ऊपर से ताजा कटी धनिया पत्ती डाल दें और कुछ मिनट और पकने दें. थोड़ी ही देर में कढ़ाही से उठती खुशबू बता देगी कि आपकी तीन कोनिया चटनी तैयार है. इसे गरमा-गरम रोटी या भात के साथ परोसें — यकीन मानिए, थाली साधारण होते हुए भी स्वाद से भर जाएगी.

झारखंड के गांवों में आज भी कई लोग कहते हैं कि अगर घर में कुछ न हो, तो बस चूल्हे पर तीन कोनिया चटनी बन जाए, तो खाना पूरा हो जाता है. कम खर्च, आसान तरीका और जबरदस्त स्वाद – यही इस पारंपरिक चटनी की असली पहचान.

About the Author

Raina Shukla

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें

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पतिदेव पलटकर नहीं पूछेंगे आज सब्जी-दाल नहीं बनी क्या, ऐसी होती तीन कोनिया चटनी

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