Hanuman Ji Tuesday Paan Beeda Rules & Benefits। हनुमान जी को पान का बीड़ा चढ़ाने के फायदे और नियम क्या है

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Mangalwar Ka Upay: मंगलवार की सुबह मंदिरों में बजरंगबली के जयकारे गूंजते हैं, लाल चोला, सिंदूर और चमेली के तेल की खुशबू माहौल बदल देती है. बहुत से लोग इस दिन खास तौर पर हनुमान जी को पान का बीड़ा चढ़ाते हैं, ये सोचकर कि उनकी परेशानियां हल होंगी और रुके काम चल पड़ेंगे, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भक्ति के साथ सही तरीका भी उतना ही जरूरी है? कई बार लोग श्रद्धा तो पूरी रखते हैं, मगर नियमों की जानकारी अधूरी होती है. नतीजा ये कि मनचाहा फल नहीं मिलता और लोग कहते हैं पूजा असर नहीं कर रही. पान का बीड़ा चढ़ाना एक साधारण परंपरा नहीं, इसके पीछे भावना के साथ कुछ छोटे मगर अहम नियम जुड़े हैं, जिन्हें जानना हर भक्त के लिए जरूरी है. आइए जानते हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.

क्यों खास माना जाता है मंगलवार का दिन
मंगलवार को हनुमान जी का दिन माना जाता है. लोक मान्यता है कि इस दिन की गई पूजा जल्दी फल देती है. कई लोग बताते हैं कि नौकरी के इंटरव्यू से पहले या किसी बड़े काम की शुरुआत से पहले उन्होंने मंगलवार को मंदिर जाकर पान का बीड़ा चढ़ाया और उन्हें आत्मविश्वास मिला. असल बात यही है कि ये उपाय मन को मजबूत करता है.

पान का बीड़ा चढ़ाने से पहले तैयारी
शरीर और मन की सफाई
सुबह स्नान करना पहली शर्त मानी जाती है. साफ कपड़े पहनें, हो सके तो हल्के लाल या केसरिया रंग के. ये रंग ऊर्जा और उत्साह से जोड़े जाते हैं. पूजा से पहले कुछ पल शांत बैठकर हनुमान चालीसा या उनका नाम जप लें. इससे मन भटकता नहीं.

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बीड़े में क्या हो, क्या नहीं
ये सबसे ज्यादा गलती वाला हिस्सा है. मंदिरों के पास पान की दुकान से सीधे बीड़ा लेकर चढ़ा देना सही तरीका नहीं माना जाता. बीड़े में सुपारी और तंबाकू बिल्कुल नहीं होना चाहिए. ये चीजें भोग के लिए नहीं मानी जातीं. इसके बजाय बीड़े में कत्था, थोड़ा सा गुलकंद और सौंफ डालना शुभ माना जाता है. कुछ लोग इलायची भी डालते हैं. पान का पत्ता ताजा और साफ होना चाहिए, टूटा या सूखा पत्ता नहीं.

चढ़ाने का सही तरीका
मनोकामना बोलकर अर्पित करें
बीड़ा हाथ में लेकर पहले हनुमान जी के सामने खड़े हों, मन में अपनी बात साफ बोलें. ज़ोर से बोलना जरूरी नहीं, भावना साफ होनी चाहिए. फिर धीरे से चरणों में या पूजा थाल में रख दें.

संख्या का ध्यान
अधिकतर लोग एक या पाँच बीड़े चढ़ाते हैं. पाँच संख्या को शुभ माना जाता है. बिना सोचे बहुत ज्यादा चढ़ाना जरूरी नहीं.

पान का बीड़ा चढ़ाने के माने जाने वाले लाभ
करियर और काम में रुकावट
कई लोग बताते हैं कि बार-बार काम अटक रहा था, प्रमोशन रुक गया था या इंटरव्यू क्लियर नहीं हो रहे थे. उन्होंने लगातार कुछ मंगलवार ये उपाय किया, साथ में मेहनत भी जारी रखी, और धीरे-धीरे हालात सुधरे. ये आस्था और आत्मविश्वास का मेल माना जाता है.

डर और नकारात्मकता कम होना
हनुमान जी को साहस का प्रतीक माना जाता है. जो लोग बेवजह डरते हैं या हर बात में घबराते हैं, वे ये उपाय मन को मजबूत करने के लिए करते हैं.

विद्यार्थियों के लिए
परीक्षा के समय कई छात्र मंगलवार को मंदिर जाकर पान का बीड़ा चढ़ाते हैं. उनका मानना है कि ध्यान भटकना कम होता है और पढ़ाई पर फोकस बढ़ता है.

किन बातों से बचें
बीड़ा चढ़ाकर तुरंत मजाक-मस्ती या गलत व्यवहार से बचें. कोशिश करें उस दिन झूठ, गुस्सा और बेवजह बहस कम हो. भक्ति सिर्फ मंदिर तक सीमित नहीं, व्यवहार में भी दिखती है.

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