आपको भी करना है खुद का बिजनेस, बिना कुछ गिरवी रखे 25 लाख तक कर्ज देंगे बैंक, आरबीआई ने जारी कर दिया आदेश
Last Updated:
MSME Loan : गवर्नर संजय मल्होत्रा के ऐलान के बाद अब रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को बाकायदा दिशानिर्देश जारी कर कहा है कि छोटे-मझोले उद्यमों को बिना गिरवी के ही 20 लाख तक का कर्ज दिया जाए. साथ ही यह भी कहा कि अगर बैंकों को लगता है कि किसी एमएसएमई का कर्ज चुकाने का इतिहास अच्छा रहा है तो उसे अपनी तरफ से 5 लाख रुपये का अतिरिक्त कर्ज बिना किसी गारंटी के दिया जा सकता है.

आरबीआई ने बिना कुछ गिरवी रखे एमएसएमई लोन बांटने का निर्देश दिया है.
नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के लिए ऋण संबंधी निर्देशों में संशोधन की घोषणा की है. अब छोटे व्यवसायों के लिए ऋण की पहुंच आसान बनाने के उद्देश्य से सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई) के लिए ‘गारंटीमुक्त’ ऋण की अनिवार्य सीमा को बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया है. रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को दिए गए दिशानिर्देश में कहा है कि अगर एमएसएमई के पुराने व्यवहार को देखते हुए कर्ज की राशि बढ़ाने की जरूरत लगती है तो बैंक अपनी ओर से बिना गिरवी रखे कर्ज की सीमा को बढ़ाकर 25 लाख रुपये भी कर सकते हैं.
आरबीआई के दिशानिर्देशों में कहा गया है कि बैंकों को आदेश दिया जाता है कि वे एमएसई क्षेत्र की इकाइयों को दिए जाने वाले 20 लाख रुपये तक के ऋण के मामले में कोई ‘गारंटी’ स्वीकार न करें. साथ ही, बैंकों को सलाह दी जाती है कि वे प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत वित्तपोषित सभी इकाइयों को भी 20 लाख रुपये तक का बिना गारंटी वाला ऋण प्रदान करें. इसका मतलब है कि अब छोटे उद्यमों को कर्ज के लिए किसी तरह की कोई चीज गिरवी नहीं रखनी होगी.
अपनी ओर से बढ़ा सकते हैं 5 लाख
आरबीआई ने कहा कि बैंक अपनी आंतरिक नीति के अनुसार, एमएसई इकाइयों के पिछले बेहतर प्रदर्शन के आधार पर 25 लाख रुपये तक के ऋण के लिए सुरक्षा ‘गारंटी’ की आवश्यकता को समाप्त करने का निर्णय ले सकते हैं. इसके अतिरिक्त बैंक जहां भी लागू हो, ‘क्रेडिट गारंटी योजना’ (सीजीएमई) के कवर का लाभ भी उठा सकते हैं. इसका मतलब है कि बैंकों को अपनी तरफ से भी कर्ज की सीमा को 5 लाख रुपये बढ़ाने की छूट रहेगी.
कर्ज लेने वाला रख सकता है गिरवी
संशोधित निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि ऋण लेने वाला व्यक्ति बिना गारंटी वाली सीमा तक के ऋण के लिए अपनी मर्जी से सोना या चांदी गिरवी रखता है, तो इसे उपरोक्त नियमों का उल्लंघन नहीं माना जाएगा. इन संशोधनों की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए आरबीआई ने कहा कि इसका उद्देश्य उन सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए ऋण वितरण की अंतिम कड़ी को मजबूत करना है, जिनके पास गारंटी के तौर पर गिरवी रखने के लिए सीमित संपत्ति है.
कब से लागू होंगे नए नियम
आरबीआई के ये संशोधित निर्देश एक अप्रैल, 2026 से प्रभावी होंगे. आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने पिछले शुक्रवार को मौद्रिक नीति की घोषणा के दौरान इन बदलावों का संकेत दिया था. एमएसएमई क्षेत्र के ऋण संबंधी इन मुख्य निर्देशों का आखिरी बार जुलाई, 2025 में अपडेट किया गया था. पिछले सप्ताह एमपीसी बैठक के बाद गवर्नर ने कहा था कि छोटे-मझोले उद्यमों को आगे बढ़ाने के लिए बिना गारंटी वाला कर्ज दिया जाएगा. इसकी सीमा पहले 15 लाख थी, जिसे अब 20 लाख कर दिया गया है.
About the Author
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें