Mahashivratri 2026 Bhog for lord shiva। महाशिवरात्रि 2026 पर भगवान शिव को किन भोगों का अर्पण करें

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Mahashivratri Bhog: हिंदुओं के सबसे बड़े त्योहारों में से एक महाशिवरात्रि हर साल करोड़ों भक्तों को भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा और भक्ति की अनुभूति कराता है, लेकिन इस बार का महाशिवरात्रि 2026 कुछ अलग ही उमंग लेकर आया है-क्योंकि श्रद्धालु सिर्फ व्रत रखने या पूजा तक सीमित नहीं रहना चाहते, वे चाहते हैं कि भोलेनाथ की कृपा उनके घर व जीवन पर सदैव बनी रहे. और इसके लिए शिव भक्त यह भी जानना चाहते हैं कि कौन-कौन से भोग भगवान शिव को लगाए जाएं, ताकि उनका आशीर्वाद सीधे मिल सके. इस साल महाशिवरात्रि 15 फरवरी को है, और कई लोग आज से ही तैयारी में जुट गए हैं. मंदिरों में सजावट शुरू हो चुकी है, भक्तजन भगवान शिव के मंत्र का जाप कर रहे हैं, और अपने घरों में भी विशेष पूजा की तैयारी जोरों पर है.

पर जैसे ही यह पर्व करीब आता है, सबसे बड़ा सवाल यही उठता है – क्या चीजें भगवान शिव के भोग में लगानी चाहिए, जिससे जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और मनोकामना की पूर्ति हो सके? इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.

महाशिवरात्रि 2026: भोग की परंपरा का महत्व
भगवान शिव को भोग लगाना हिंदू परंपरा में सदियों से चला आ रहा है. यही नहीं, कई जनमानस और पौराणिक कथाएं बताती हैं कि भोलेनाथ भोग स्वीकार करते समय भक्त की नीयत, शुद्ध मन और सच्चे भक्ति भाव को देखते हैं.

भोग लगाना क्यों जरूरी?
भोग लगाने से सिर्फ भगवान को प्रसन्न नहीं किया जाता, बल्कि यह एक प्रतीक है आपके मन, शरीर और आत्मा की शुद्धि का. भक्त यह मानते हैं कि भगवान शिव को भोग अर्पित करने से जीवन में आने वाली उलझनों का समाधान मिलता है.

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महाशिवरात्रि 2026 के प्रमुख भोग

1. पंचामृत भोग
पंचामृत को शिव भोग में सर्वोपरि माना गया है. यह दूध, दही, घी, शहद और चीनी/शक्कर का मिश्रण होता है. भक्त मानते हैं कि पंचामृत से शिव का अभिषेक करने से न केवल स्वास्थ्य में सुधार होता है, बल्कि मनोकामना भी पूर्ण होती है. वास्तविक जीवन के उदाहरणों में ऐसे भक्त हैं, जिन्होंने कठिन समय में पंचामृत की भेंट के बाद परीक्षा में सफलता पाई.

2. गुड़ और दूध का भोग
कुछ क्षेत्रों में शिव को गुड़ और दूध का भोग विशेष रूप से लगाया जाता है. यह भोग सरल है, घर पर आसानी से तैयार हो जाता है, और इसे लगाना भी उतना ही शुभ माना जाता है. कई बुजुर्गों की कहानियाँ हैं कि इस भोग से परिवार में शांति बनी रहती है.

3. भांग और धतूरा का भोग
यह भोग विशेष रूप से उत्तर भारत के कई मंदिरों में प्रसिद्ध है. भांग और धतूरा शिव के प्रिय पत्तों में से हैं. इस भोग को भगवान शिव को अर्पित करने से भक्तों को शत्रुसम्मुख विजय और अवसाद से मुक्ति का अनुभव मिलता है-ऐसा मान्यता है.

4. खीर और फल का भोग
खीर को भी शिव भोग में अत्यंत शुभ माना जाता है. इसमें चावल, दूध और गुड़/शक्कर को पकाया जाता है और ऊपर से सूखा मेवा डाला जाता है. खीर को शिव को अर्पित करने के बाद घर-परिवार में समृद्धि और सौहार्द्य के लिए देवताओं का आशीर्वाद मिलता है.

5. बेर और मौल(फल)
कुछ परंपराओं में बेर को शिव प्रिय फल माना जाता है. सांग्रहिक मान्यताओं के अनुसार, बेर शिव के सरल और भोले रूप का प्रतीक है. इसे अर्पित करने से जीवन में नयी उम्मीदें जागती हैं.

भोग की सरल विधि – घर पर कैसे बनाएं
भोग तैयार करना मुश्किल नहीं है. पंचामृत के लिए बस पांच चीजों को मिलाकर हल्की सी मनोकामना भाव से तैयार कर लें. खीर बनाने में दूध को उबाल कर चावल डालें और ढक कर गाढ़ा होने तक पकाएं. ऊपर से मेवा डालें और भगवान को अर्पित करें.

भक्तों की कहानियां
भोलेनाथ के भोग के पीछे कई दिलचस्प कहानियां भी हैं. जैसे उज्जैन के एक भक्त ने बताया कि उन्होंने पिछले साल खीर का भोग लगाया और उनके कारोबार में अचानक वृद्धि हुई. एक दूसरी भक्त कहती हैं कि पंचामृत भोग से उनके परिवार में लड़ाई-झगड़े कम हुए.

महाशिवरात्रि सिर्फ व्रत या पूजा का नाम नहीं है, बल्कि यह एक विश्वास है, भक्ति है, और भोलेनाथ से सीधे जुड़ने का अवसर है. सही भोग और शुभ विधि से भगवान शिव को अर्पित करने पर भक्तों को जीवन में सकारात्मक परिवर्तन अनुभव होता है.

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