अमेरिका का बड़ा खुलासा! चीन की वजह से दिख रहा सोने में उछाल, गलत तरीके से कारोबार कर रहे ड्रैगन के ट्रेडर्स
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Gold Trading : सोने और चांदी की कीमतों में आ रहा उछाल चीन की वजह से दिख रहा है. यह दावा अमेरिका की ट्रेजरी सचिव ने किया है. उन्होंने कहा कि चीन के ट्रेडर्स ने गलत तरीके से ट्रेडिंग की है, जिसका असर ग्लोबल मार्केट में सोने और चांदी के कारोबार पर भी दिखा.

चीन की गलत ट्रेडिंग से बढ़ रही सोेन की कीमत.
नई दिल्ली. अमेरिका की ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने दावा किया है कि सोने की कीमतों में दिख रहा उछाल चीन की वजह से आया है. पिछले सप्ताह सोने में आई तेजी के पीने चीन के ट्रेडर्स को वजह बताया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सोने की कीमतों में जो उथल-पुथल हुई है, चीन में हालात थोड़े बेकाबू हो गए हैं. बेसेंट ने फॉक्स न्यूज के संडे मॉर्निंग फ्यूचर्स कार्यक्रम में कहा कि वहां मार्जिन की शर्तें कड़ी करनी पड़ रही हैं. तो मुझे लगता है कि सोने में यह एक क्लासिकल और सट्टे जैसा उछाल है.
बेसेंट से कीमती धातुओं में रिकॉर्ड तोड़ तेजी के बारे में सवाल पूछा गया था, जो सट्टा खरीद, भू-राजनीतिक तनाव और फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता को लेकर चिंता के कारण आई थी, लेकिन पिछले हफ्ते अचानक पलट गई. इस उथल-पुथल से डॉलर को जनवरी की शुरुआत के बाद पहली बार साप्ताहिक बढ़त मिली, वहीं डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज पहली बार 50,000 के आंकड़े को पार कर गया, जिससे निवेशकों में अमेरिकी अर्थव्यवस्था और कॉर्पोरेट कमाई को लेकर उम्मीद बढ़ी.
अभी कहां है अमेरिकी अर्थव्यवस्था
नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनावों के मद्देनजर बेसेंट ने डाउ जोन्स के रिकॉर्ड को इस बात का सबूत बताया कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था एक ऐसे चक्र की ओर बढ़ रही है, जिससे आम लोगों को फायदा मिलेगा. फेडरल रिजर्व की नीति पर बेंसेंट ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि केंद्रीय बैंक अपने बैलेंस शीट को कम करने के किसी भी प्रयास में सतर्कता से कदम उठाएगा.
फेडरल रिजर्व की क्या है मंशा
उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि वे (फेड रिजर्व) कोई भी कदम जल्दी उठाएंगे. वे अब पर्याप्त-नीति व्यवस्था की ओर बढ़ चुके हैं, जिसमें बड़ी बैलेंस शीट की जरूरत होती है. लिहाजा मुझे लगता है कि वे शायद पीछे हटकर कम से कम एक साल तक सोचेंगे कि आगे क्या करना है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फेडरल रिजर्व के अगले चेयरमैन के लिए नामित केविन वार्श के बारे में बेंसेंट ने कहा कि वह बहुत स्वतंत्र रहेंगे, लेकिन इस बात का ध्यान रखेंगे कि फेड अमेरिकी जनता के प्रति जवाबदेह है.
ब्याज नहीं घटाया तो होगा मुकदमा
इससे पहले बेंसेंट ने सांसदों से कहा था कि अगर वार्श ने ट्रंप की इच्छा के अनुसार ब्याज दरें कम नहीं कीं, तो उन पर मुकदमा करना ट्रंप पर निर्भर करेगा. सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन के सवाल पर बेंसेंट ने कहा कि यह टिप्पणी ट्रंप द्वारा किए गए एक मजाक से आई थी. उन्होंने वार्श की योग्यता का बचाव किया और यह भी बताया कि ट्रंप चाहते हैं कि फेड के नामित चेयरमैन उनकी ब्याज दरों पर राय से सहमत हों.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें