पीएम मोदी के अलावा एक और सांसद थे महिला सांसदों के टारगेट पर, लोकसभा हंगामे की इनसाइड स्टोरी

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Lok Sabha ruckus PM seat protest : लोकसभा में 4 फरवरी को जो हुआ, वह सिर्फ नारेबाजी या विरोध नहीं था. उस दिन सदन के भीतर ऐसा तनाव बना कि प्रधानमंत्री का भाषण रुक गया और कुछ ही पलों में हालात सुरक्षा चिंता तक पहुंच गए. खास बात यह कि निशाने पर सिर्फ प्रधानमंत्री नहीं थे, बल्कि सदन के भीतर एक और सांसद को लेकर भी बेचैनी बढ़ी और उन्हें चुपचाप बाहर जाने का संकेत देना पड़ा. इस मामले में खुलासा हुआ है कि पीएम मोदी के अतिरिक्त एक और बड़ा चेहरा (सांसद) निशाने पर थे. आइए जानते हैं पूरी कहानी.

PM के साथ एक और MP थे महिला सांसदों का टारगेट, लोकसभा हंगामे की इनसाइड स्टोरीZoom

पीएम की सीट तक पहुंचा विरोध तो लोकसभा में एक और नेता को निकल जाने की दी गई सलाह

रांची. लोकसभा में 4 फरवरी 2026 को जो कुछ भी हुआ जानकारों की नजर में वह बेहद अप्रिय और अमर्यादित था. विपक्षी महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीट को घेर लिया जिस कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण रद्द हो गया. यह घटना राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की बहस के दौरान हुई. स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि उन्होंने पीएम को आने से रोका क्योंकि अनहोनी का डर था. बीजेपी ने इसे कांग्रेस की साजिश बताया जबकि विपक्ष ने पीएम पर डरने का आरोप लगाया. लेकिन, अब इसको लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने संसद के भीतर हुए वाकये के बारे में बड़ी बात बताई है. पीयूष गोयल ने कहा कि ”मैं वहां खुद था … इतना डरावना दृश्य था …कुछ विपक्ष के सांसद पीएम की कुर्सी को चारों तरफ से घेर हुए थे…हमलोगों पर पता नहीं क्या हमला कर सकते हैं, मुझे नहीं पता किस प्रकार के सांसद चुन कर आए हैं, बड़े दुर्भाग्य की बात है उनको माफी मांगनी चाहिए पीएम से, स्पीकर से हमसे जो हमारे ऊपर हमला करने आए थे. इसके साथ ही कुछ अंदरुनी सूत्रों से भी खबर सामने आई है कि पीएम मोदी तो टारगेट पर थे ही, इसके अतिरिक्त एक और सांसद कांग्रेस की महिला सांसदों के निशाने पर थे. उन्हें साथ बैठे कुछ सांसदों ने लोकसभा से निकलने के लिए कहा था.

घटना की शुरुआत ऐसे हुई

सब कुछ राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बहस से शुरू हुआ. लोकसभा में पीएम मोदी शाम 5 बजे बोलने वाले थे. लेकिन बैठक शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया. करीब 8 से 10 महिला सांसद, जिनमें कांग्रेस की तीन दलित महिला सांसद शामिल थीं, पीएम की सीट के पास पहुंच गईं. वे बैनर लेकर खड़ी हो गईं. बैनर पर लिखा था “जो उचित है करो”. यह बैनर पीएम मोदी के पुराने बयान से जुड़े थे जब चीन से साथ गलवान प्रकरण के दौरान उन्होंने तत्कालीन आर्मी चीफ को कुछ कहा था. इसी मुद्दे को लेकर महिला सांसदों ने पीएम की सीट को घेर लिया और नारे लगाने लगीं. इससे सदन की कार्यवाही रुक गई. स्पीकर ने सदन को स्थगित कर दिया. पीएम सदन में नहीं आए और भाषण रद्द हो गया.

स्पीकर की भूमिका और जानकारी

दरअसल, स्पीकर ओम बिरला को पहले से ही इस घेराबंदी की खबर थी. उन्होंने स्वयं इस बात की जानकारी साझा की है. इन सबके बीच सूत्रों की खबर के मुताबिक, विपक्ष के ही कुछ नेताओं ने स्पीकर को बताया कि महिला सांसद पीएम की सीट घेरने वाली हैं. स्पीकर ने इसे गंभीर माना और पीएम को आने से मना कर दिया. अगले दिन स्पीकर ने सदन में कहा कि अनहोनी हो सकती थी, इसलिए उन्होंने पीएम को रोका. उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्य सरकारी पक्ष की तरफ आए और उनका व्यवहार असंसदीय था. इससे सदन की गरिमा प्रभावित हुई.

क्या निशिकांत दुबे थे निशाने पर?

अंदरुनी सूत्र बताते हैं कि निशिकांत दुबे भी इस घटना के केंद्र में थे और महिला सांसदों के निशाने पर भी. बताया जाता है कि महिला सांसदों की नजर उन पर पड़ी. वे दुबे की तरफ बढ़ीं क्योंकि उनके बैनर दुबे के बयानों से जुड़े थे. निशिकांत दुबे ने गांधी परिवार पर आरोप लगाए थे जिससे कांग्रेस के सांसद उनसे नाराज बताए जा रहे थे. खतरे को भांपते हुए इसी बीच अनुराग ठाकुर ने निशिकांत दुबे को इशारा किया कि सदन से निकलिए, क्योंकि महिला सांसद कुछ अलग मूड में हैं. दुबे ने पूछा क्यों निकलूं. तब अनुराग ठाकुर ने कहा कि वे हंगामा चाहती हैं. तब निशिकांत दुबे ने कहा कि हमारी किताबें हैं, लेकिन ठाकुर ने कहा कि हम ला रहे हैं. यह सब कैमरे के सामने कुछ सेकंड का दिखा, लेकिन अंदर की कहानी बड़ी थी. दुबे को निशाना बनाने की कोशिश थी.

विपक्ष का पक्ष, प्रियंका गांधी ने क्या कहा?

हालांकि, विपक्ष ने ऐसे आरोपों को खारिज करते हुए केवल इसे अपना विरोध बताया. सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि पीएम तीन महिला सांसदों से डर गए. उन्होंने पूछा कि पीएम की सीट के सामने खड़े होने से क्या डर था. प्रियंका ने कहा कि सरकार बहस नहीं चाहती इसलिए ऐसा हुआ. विपक्ष ने कहा कि राहुल गांधी को पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवाने के मेमोइर्स का जिक्र करने नहीं दिया गया. इससे वे नाराज थे. महिला सांसदों ने बैनर दिखाकर विरोध जताया. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सुरक्षा चिंताओं को बकवास बताया. उन्होंने कहा कि महिला सांसद सिर्फ विरोध कर रही थीं. विपक्ष ने कहा कि पीएम स्पीकर के पीछे छिप रहे हैं और हिम्मत नहीं है सदन में आने की. प्रियंका ने बीजेपी सांसदों से पूछा कि निशिकांत दुबे के बयान सही थे क्या.

सत्ता पक्ष का आरोप, बड़ी साजिश

बीजेपी ने इसे साजिश बताया. बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि विपक्षी महिला सांसद पीएम की सीट पर चढ़ गईं और हंगामा किया. उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी खराब थी कि पीएम सदन में नहीं आ सके. बीजेपी का आरोप है कि विपक्ष ने महिलाओं को आगे करके हमला करने की योजना बनाई थी. अगर पीएम वहां होते तो सत्ता पक्ष के सांसद चुप नहीं बैठते. संख्या में ज्यादा होने से वे रिएक्ट करते और बड़ा हंगामा होता. सूत्र बताते हैं कि अपराजिता सारंगी जैसी बीजेपी महिला सांसद भी तैयार थीं कि ऐसा कुछ हुआ तो जवाब दिया जाएगा. लेकिन, कहानी यह है कि निशिकांत दुबे भी महिला सांसदों के निशाने पर थे. अनुराग ठाकुर ने निशिकांत दुबे को वहां से हटने को कहा क्योंकि महिला सांसद आक्रामक थीं.

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Vijay jha

पत्रकारिता क्षेत्र में 22 वर्षों से कार्यरत. प्रिंट, इलेट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन. नेटवर्क 18, ईटीवी, मौर्य टीवी, फोकस टीवी, न्यूज वर्ल्ड इंडिया, हमार टीवी, ब्लूक्राफ्ट डिजिट…और पढ़ें

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