Chitrakoot Ground Report: 2 साल पहले लगा दिए नल, लेकिन आज तक नहीं आया पानी, पाठा क्षेत्र में हर घर जल योजना हुई फेल
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Chitrakoot Ground Report: चित्रकूट के पाठा क्षेत्र में हर घर नल योजना कागजों तक सीमित नजर आ रही है. रामपुर समेत कई गांवों में दो साल पहले नल तो लगाए गए, लेकिन आज तक पानी नहीं पहुंचा. मजबूरन ग्रामीण आज भी कई किलोमीटर दूर से पानी लाने को विवश हैं. पाइपलाइन के लिए तोड़ी गई सड़कें भी अब तक नहीं बनीं. ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत की है, जिन्होंने जल्द समाधान का आश्वासन दिया. अब लोगों को योजना के जमीन पर उतरने का इंतजार है.
बुंदेलखंड का चित्रकूट पाठा क्षेत्र पानी की समस्याओं से हमेशा जूझता आया है. यह समस्या गर्मी के समय में और भी विकराल हो जाती है और आज भी गांव के लोग कई किलोमीटर साइकिल या पैदल चलकर पानी लाने को मजबूर होते हैं. ऐसे में उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए हर घर नल योजना की शुरुआत की गई, ताकि हर घर तक स्वच्छ जल लोगों को मिल सके. लेकिन चित्रकूट में इसकी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है.
लोकल 18 की टीम चित्रकूट पाठा क्षेत्र के रामपुर गांव पहुंची, जहां के रहने वाले लोगों ने बताया कि आज से लगभग 2 साल से भी ऊपर का समय हो गया है. हम लोगों के घरों के सामने नल का पाइप तो लगा दिया गया है. लेकिन आज तक उसमें से पानी नहीं आया है. कई बार हम लोगों ने इसकी शिकायत की, पर आज तक कुछ नहीं हुआ. पानी नल से न आने पर मजबूरी में हमको साइकिल या पैदल चलकर जाना पड़ता है. इसी के कारण कल हम लोगों ने मजबूरी में खाली बर्तन लेकर डीएम के पास गए थे और अपनी समस्या बताई थी. हालांकि उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्दी इस गांव में भी हर घर नल योजना की सप्लाई चालू होगी. गांव वालों का यह भी कहना है कि पाइप डालने के लिए हम लोग के गांव की सड़क भी तोड़ दी गई थी, लेकिन आज तक उन सड़कों का भी निर्माण नहीं हो पाया, जिससे काफी समस्याएं होती हैं.अब बस एक ही आस में जी रहे कि आखिर कब इस नल से पानी आएगा.
इन गांवों में आज भी नहीं पहुंचा पानी
पाठा क्षेत्र की बात करे तो आज भी रामपुर,सरैया,कीहुनिया, डोडामाफी, मंगवा सहित और भी कई जैसे गांव है.जहां हर घर नल योजना का पानी आज भी नहीं पहुंच पाया है. और आज भी गांव के लोग यह आस लगाए बैठे हुए हैं कि हमारे गांव में हर घटना योजना के तहत स्वच्छ पानी आएगा. अब देखना यह है कि सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना का लाभ पाठा के हर घर तक कब पहुंचेगा.
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पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें