नेहा मलिक से ठगी करने वाला गैंग बेनकाब, पुलिस ने बरामद किया लाखों का सामान, मास्टरमाइंड की तलाश जारी
Last Updated:
टीवी एक्ट्रेस नेहा मलिक के साथ ‘पैकर्स एंड मूवर्स’ के नाम पर हुई लाखों की ठगी का खुलासा किया है. ऑनलाइन विज्ञापन के जरिए जुड़ी एक फर्जी कंपनी ने एक्ट्रेस का कीमती सामान शिफ्ट करने के बहाने हड़प लिया था और बिल की रकम दोगुनी कर दी थी. पुलिस ने तकनीकी जांच की मदद से साकीनाका के एक सीक्रेट गोदाम से सारा सामान बरामद कर गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार कर लिया.

नेहा मलिक ने पुलिस का आभार जताया. (फोटो साभार: IANS
नई दिल्ली: मुंबई की कुरार पुलिस ने टीवी और फिल्म एक्ट्रेस नेहा मलिक के साथ हुई धोखाधड़ी के मामले में एक बड़े फर्जी ‘पैकर्स एंड मूवर्स’ गिरोह का भंडाफोड़ किया है. यह मामला तब शुरू हुआ, जब एक्ट्रेस ने दिसंबर के अंत में मालाड से कांदिवली शिफ्ट होने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिये ‘इनफील्ड लॉजिस्टिक पैकर्स एंड मूवर्स’ नाम की कंपनी से संपर्क किया. खुद को कंपनी का मालिक बताने वाले मास्टरमाइंड वैभव सिंह ने एक्ट्रेस का भरोसा जीतने के लिए कम कीमत में शिफ्टिंग का वादा किया. एक्ट्रेस को परिवार की शादी में शामिल होने के लिए उत्तर प्रदेश जाना था, जिसके लिए उन्होंने अपने गहने, कीमती कपड़े, मेकअप किट और घर का अन्य एंटीक सामान पैक करवाया था. आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत एक्ट्रेस के घर मजदूर भेजे और सारा कीमती सामान 18 बड़े बैगों में भर लिया. जैसे ही सामान उनके कब्जे में आया, गिरोह ने अपनी असली चाल चलते हुए वजन और साइज का बहाना बनाकर बिल की रकम दोगुनी से भी अधिक बढ़ा दी और पैसे न देने पर सामान हड़पने की धमकी देने लगे.
धोखाधड़ी का तरीका और पुलिस की छापेमारी
अपराध की गंभीरता को देखते हुए जब नेहा मलिक ने अपना सामान वापस मांगा, तो आरोपियों ने मोबाइल बंद कर लिए और टालमटोल शुरू कर दी. एक्ट्रेस के कीमती सामान को आरोपियों ने शिफ्ट करने के बजाय अंधेरी के साकीनाका में मौजूद एक सीक्रेट गोदाम में छुपा दिया था. शिकायत दर्ज होने के बाद कुरार पुलिस स्टेशन के अधिकारी संजीव तावड़े की लीडरशिप में एक स्पेशनल टीम गठित की गई. पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और खुफिया जानकारी का इस्तेमाल करते हुए साकीनाका की समर्थ बिल्डिंग में मौजूद उस गोदाम का पता लगाया, जहां सामान छिपाया गया था. पुलिस ने छापेमारी करके 40 साल के आरोपी विजय रामावतार पाल को गिरफ्तार किया, जो इस गिरोह का एक्टिव सदस्य है और सीधे तौर पर माल की हेराफेरी में शामिल था. हालांकि मास्टरमाइंड वैभव सिंह अब भी फरार है, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक्ट्रेस का लाखों का सामान बरामद कर लिया, जिसे 2 फरवरी को उन्हें सुरक्षित सौंप दिया गया.
फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस
पुलिस ने सफल ऑपरेशन के बाद खुलासा किया कि यह गिरोह ऑनलाइन विज्ञापनों के जरिए मशहूर हस्तियों और आम नागरिकों को कम दाम का लालच देकर अपना शिकार बनाता था. कुरार पुलिस ने नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी करते हुए अपील की है कि किसी भी पैकर्स एंड मूवर्स कंपनी की सेवा लेने से पहले उसके भौतिक पते और कानूनी दस्तावेजों की जरूर जांच करें. केवल ऑनलाइन रेटिंग और लुभावने वादों पर भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है. सामान की सुरक्षित वापसी पर राहत महसूस करते हुए एक्ट्रेस नेहा मलिक ने मुंबई पुलिस और कुरार पुलिस टीम की सराहना की. उन्होंने कहा कि पुलिस की दिन-रात की मेहनत की वजह से ही उनका वह कीमती सामान वापस मिल सका, जिसकी उनके लिए इमोशनल और फाइनेंशियल लेवल पर बड़ी अहमियत थी. फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है ताकि इस गिरोह की पूरी कड़ियों को तोड़ा जा सके.
About the Author
अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें