‘यंग जनरेशन शाहरुख, आमिर-सलमान को नहीं देखना चाहती’, इमरान खान ने दी उम्र के हिसाब से किरदार निभाने की नसीहत
Last Updated:
बॉलीवुड में कई अभिनेता आए और गए, लेकिन शाहरुख, सलमान और आमिर खान पिछले तीन दशकों से लगातार सुपरस्टार बने हुए हैं. हालांकि ये तीनों आपस में रिश्तेदार नहीं हैं, लेकिन इनका सरनेम एक ही है और तीनों का जन्म 1965 में हुआ था. अपनी बहुमुखी प्रतिभा के लिए मशहूर इन तीनों ने इंडस्ट्री में खुद को बेहतरीन कलाकारों के रूप में स्थापित किया है. भारतीय बॉक्स ऑफिस पर इनकी बादशाहत बेमिसाल रही है.
एक समय था जब दर्शक इनकी फिल्मों को देखने के लिए टूट पड़ते थे और इनकी स्टार पॉवर से मंत्रमुग्ध हो जाते थे. लेकिन आज दर्शक किसी भी फिल्म को रिजेक्टर में हिचकिचाते नहीं, चाहे उसमें कितना भी बड़ा सुपरस्टार क्यों न हो, अगर फिल्म उनसे जुड़ाव नहीं बना पाती. अब आमिर खान के भतीजे और अभिनेता इमरान खान ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है. उनका मानना है कि अब इन सितारों की पीढ़ी को अपनी उम्र स्वीकार कर लेनी चाहिए और ऐसे किरदार निभाने चाहिए जो उनकी उम्र के मुताबिक.
न्यूज18 शोशा का दिए इंटरव्यू में इमरान खान ने कहा, “एक उम्र के बाद आप लीड रोल नहीं निभा सकते. एक लीडिंग मैन के तौर पर भी एक्टर की उम्र बढ़ने लगती है. कुछ साल होते हैं जब आप लीड रोल कर सकते हैं, लेकिन फिर एक उम्र आती है जब आप वो किरदार नहीं निभा सकते.”
इमरान खान ने कहा, “तीनों खान अब 60 के पार हैं. उन्होंने 30 साल की ऐसी स्टारडम देखी है, जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल है. मुझे लगता है कि ये एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, हर एक्टर के सफर का हिस्सा है कि जैसे-जैसे आप उम्रदराज होते हैं, वैसे-वैसे आपके किरदार भी बदलने लगते हैं.”
Add News18 as
Preferred Source on Google
इमरान खान ने आगे कहा कि स्टारडम भी वक्त के साथ बदलती है. उन्होंने कहा, “आपकी स्टारडम भी बदलने लगती है क्योंकि एक दर्शक वर्ग है जो आपको जानता है और आपके साथ बड़ा होता है, और फिर एक नई यंग जनरेशन आती है जो अपने उम्र और अनुभव के करीब लोगों से जुड़ती है.”
इमरान खान ने कहा, “जब हम फिल्में या शो देखते हैं, तो सबसे पहले हम खुद को उन कहानियों और किरदारों में देखना चाहते हैं. यही चीज हमें जोड़ती है. स्वाभाविक रूप से, आप उसी से जुड़ते हैं जो आपकी उम्र और अनुभव के करीब हो. युवा पीढ़ी शायद 70 साल के आदमी की कहानी देखना न चाहे.”
यह चर्चा हाल के बॉक्स ऑफिस ट्रेंड्स को देखते हुए और भी अहम हो जाती है. ‘जीरो’ के बाद शाहरुख खान ने चार साल का ब्रेक लिया और फिर ‘पठान’ और ‘जवान’ जैसी दो बड़ी हिट फिल्मों के साथ वापसी की. हालांकि, साल की उनकी तीसरी फिल्म ‘डंकी’ उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई.
इसी तरह, आमिर खान की ‘लाल सिंह चड्ढा’ भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई, जबकि ‘सितारे जमीन पर’ को सराहना तो मिली, लेकिन इसमें आमिर को पारंपरिक स्टार हीरो की तरह नहीं दिखाया गया.
वहीं, सलमान खान की 2018 के बाद की ज्यादातर फिल्में बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष करती नजर आईं, ज्यादातर रिलीज फ्लॉप रहीं, सिर्फ ‘टाइगर 3’ को छोड़कर. सलमान की ‘किसी का भाई किसी की जान’ और ‘सिकंदर’ बजट के हिसाब से फ्लॉप साबित हुईं.