Digital class in Dacoit’s stronghold, model school to be built at Dodamafi of Chitrakoot Patha at a cost of Rs 1.42 crore

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Chitrakoot Latest News : चित्रकूट का पाठा क्षेत्र कभी डकैतों और खौफ की कहानियों के लिए जाना जाता था. अब उसी इलाके में बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए मॉडल कंपोजिट विद्यालय बन रहा है. 1 करोड़ 42 लाख की लागत से तैयार हो रहा यह स्कूल बीहड़ों के बीच आधुनिक शिक्षा की नई पहचान बनेगा और आसपास के गांवों के बच्चों को शहर जैसी सुविधाएं देगा.

चित्रकूट : यूपी के चित्रकूट का पाठा क्षेत्र कभी डकैतों और बीहड़ों के लिए जाना जाता था. शाम होते ही गांवों में सन्नाटा पसर जाता था और खौफ की कहानियां लोगों की जुबान पर रहती थीं. लेकिन समय के साथ हालात बदले और अब उसी धरती पर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखी जा रही है. बीहड़ों के बीच अब शिक्षा का नया केंद्र आकार ले रहा है.

खौफ की पहचान से विकास की ओर
पाठा क्षेत्र का नाम आते ही कभी लोगों के मन में डर बैठ जाता था. डकैतों की गतिविधियों के कारण यह इलाका लंबे समय तक पिछड़ेपन का शिकार रहा. लेकिन प्रशासनिक प्रयासों और शांति व्यवस्था के बाद अब यहां विकास की रफ्तार दिखने लगी है. शिक्षा को केंद्र में रखकर पाठा क्षेत्र की तस्वीर बदलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है.

बीहड़ में बनेगा मॉडल कंपोजिट विद्यालय
चित्रकूट के मानिकपुर पाठा क्षेत्र स्थित डोडामाफी गांव में एक मॉडल कंपोजिट विद्यालय का निर्माण किया जा रहा है. इस विद्यालय पर करीब 1 करोड़ 42 लाख रुपये की लागत आएगी. कभी बीहड़ों के कारण बदनाम रहे इस क्षेत्र में अब आधुनिक शिक्षा का केंद्र तैयार हो रहा है. आसपास के गांवों के बच्चे यहां पढ़ाई कर सकेंगे.

आधुनिक सुविधाओं से होगा लैस परिसर
इस परियोजना में आवास विकास कार्यदायी संस्था निर्माण कार्य कर रही है. नए विद्यालय भवन के साथ पुराने स्कूल का सुंदरीकरण भी किया जा रहा है. विद्यालय में अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब. साइंस प्रयोगशाला. कार्यक्रम हाल और एलईडी टीवी से युक्त स्मार्ट क्लास तैयार की जा रही हैं.

स्मार्ट क्लास और फर्नीचर पर बड़ा निवेश
विद्यालय को आधुनिक स्वरूप देने के लिए स्मार्ट क्लास सामग्री पर करीब 19.69 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे. वहीं गुणवत्तापूर्ण फर्नीचर पर 24.46 लाख रुपये की लागत आएगी. इसका उद्देश्य यह है कि पाठा क्षेत्र के बच्चों को भी शहरों जैसी शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें.

मध्यान्ह भोजन के लिए अलग हाल
विद्यालय परिसर में बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन योजना के तहत अलग से एमडीएम हाल का निर्माण किया जा रहा है. इससे बच्चों को स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण में भोजन मिल सकेगा. यह सुविधा बच्चों की उपस्थिति और स्वास्थ्य दोनों के लिहाज से अहम मानी जा रही है.

HAL कर रहा है परियोजना की फंडिंग
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा फंड किया जा रहा है. सरकारी और निजी सहयोग से तैयार हो रहा यह विद्यालय पाठा क्षेत्र के लिए एक नई पहचान बनेगा.

अधिकारियों ने बताया महत्व
इस संबंध में एबीएसए मानिकपुर मिथलेश ने लोकल 18 को बताया कि यह एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी योजना है. मॉडल कंपोजिट विद्यालय बनने के बाद यहां उच्च स्तरीय शिक्षा उपलब्ध होगी. विद्यालय में साइंस लैब. कंप्यूटर लैब और अन्य आधुनिक सुविधाएं बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ेंगी.

शिक्षा से बदलेगा पाठा का भविष्य
अधिकारियों का कहना है कि विद्यालय तैयार होने के बाद यह अपने आप में एक मॉडल स्कूल के रूप में स्थापित होगा. पाठा क्षेत्र के बच्चों को अब पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा. बीहड़ों की पहचान से निकलकर यह क्षेत्र अब शिक्षा और विकास के नए अध्याय की ओर बढ़ रहा है.

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बीहड़ों में गूंजेगी किताबों की आवाज, पाठा को मिलेगा मॉडल स्कूल

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