Jaunpur News : ‘सवाल देखकर सर्दी में छूटे पसीने’, जौनपुर में CTET परीक्षा देकर निकले गुरुजी लोगों का फूटा दर्द

Share to your loved once


Last Updated:

CTET Exam Jaunpur : वर्षों से छात्रों की परीक्षा लेते आए अध्यापक आज खुद CTET का एग्जाम देने जौनपुर पहुंचे. परीक्षा देकर बाहर निकले कई अध्यापकों के चेहरे पर तनाव साफ दिखाई दिया. सर्द मौसम के बावजूद परीक्षा केंद्रों पर गुरुजी के पसीने छूटते नजर आए. लोकल 18 से बात करते हुए अध्यापक अरविंद कुमार ने बताया कि पेपर अपेक्षाकृत कठिन था. सरकारी सेवा में होने के बावजूद TET और अब CTET की अनिवार्यता ने मानसिक दबाव बढ़ा दिया है. सवालों का स्तर काफी ऊंचा था. प्रश्नों ने सोचने पर मजबूर कर दिया. परीक्षा में खुद को परखना आसान नहीं था.

जौनपुर. सरकारी अध्यापकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता लागू होने के बाद इसे पास करना अब एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है. शनिवार को जौनपुर में आयोजित CTET परीक्षा में शामिल होने पहुंचे कई अध्यापकों के चेहरे पर तनाव साफ दिखाई दिया. ठंड के मौसम के बावजूद परीक्षा केंद्रों पर अध्यापकों के पसीने छूटते नजर आए. परीक्षा देने आए अध्यापक अरविंद कुमार ने बताया कि इस बार का पेपर अपेक्षाकृत कठिन था और समय प्रबंधन सबसे बड़ी समस्या बनकर सामने आया. अध्यापक अरविंद कुमार ने बताया कि सरकारी सेवा में होने के बावजूद TET और अब CTET की अनिवार्यता ने मानसिक दबाव बढ़ा दिया है. सवालों का स्तर काफी ऊंचा था, खासकर शिक्षण विधि और बाल मनोविज्ञान से जुड़े प्रश्नों ने सोचने पर मजबूर कर दिया.

मुश्किल में नजर आए गुरुजी

एग्जाम देने आए अध्यापक श्यामलकांत ने कहा कि पेपर पढ़ते ही समझ में आ गया था कि इस बार केवल रटंत ज्ञान से काम नहीं चलेगा. कॉन्सेप्ट आधारित सवाल ज्यादा थे. कई प्रश्न ऐसे थे जिनमें विकल्प बहुत नजदीकी थे, जिससे सही उत्तर चुनना मुश्किल हो गया. वर्षों से पढ़ाने के अनुभव के बावजूद परीक्षा में खुद को परखना आसान नहीं था.

सवालों में उलझे अध्यापक

अध्यापक उमेश चंद्र का कहना था कि ठंड काफी थी, लेकिन परीक्षा के दबाव में पसीना आ गया. समय इतना कम लग रहा था कि कई सवाल सोच-समझकर करने के बावजूद अधूरे छूट गए. सरकार की ओर से गुणवत्ता सुधार के लिए परीक्षा जरूरी है, लेकिन परीक्षा पैटर्न और तैयारी के लिए पर्याप्त मार्गदर्शन भी जरूरी होना चाहिए. परीक्षा केंद्रों के बाहर दूसरे अभ्यर्थियों में भी इसी तरह की चर्चा होती रही. कई अध्यापकों का मानना है कि TET और CTET जैसी परीक्षाएं शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से लाई गई हैं, लेकिन पहले से सेवा में कार्यरत अध्यापकों के लिए यह अतिरिक्त तनाव का कारण बन रही हैं.

About the Author

Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें

homeuttar-pradesh

सवाल देख सर्दी में छूटे पसीने…CTET परीक्षा देकर निकले गुरुजी का फूटा दर्द

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP