घेवर रेसिपी राजस्थान की पारंपरिक मिठाई सावन तीज पर घर पर कैसे बनाएं.

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घेवर राजस्थान की पारंपरिक मिठाई है, जिसे विशेष रूप से सावन और तीज के त्योहारों पर बनाया जाता है. यह क्रिस्पी, झरझरा और रस से भरी मिठाई आज पूरे देश में पसंद की जाती है. इसे बनाना कठिन लगता है, लेकिन सही विधि से घर पर भी परफेक्ट घेवर बनाया जा सकता है.

सामग्री (Ingredients)
घेवर के लिए
मैदा – 2 कप
घी – ½ कप (बर्फ जैसा ठंडा)
ठंडा पानी – 1 कप या जरूरत अनुसार
बर्फ के टुकड़े – 5–6
ठंडा दूध – ½ कप
घी या तेल – तलने के लिए

चीनी की चाशनी
चीनी – 1 कप
पानी – ½ कप
इलायची पाउडर – ¼ चम्मच
केसर – 6–7 धागे

सजाने के लिए
बादाम-पिस्ता
चांदी का वर्क
रबड़ी (अगर रबड़ी घेवर बनाना हो)

विधि (Method)
1. घोल तैयार करना
एक बड़े बर्तन में ठंडा घी डालें. उसमें बर्फ के टुकड़े डालकर 4–5 मिनट फेंटें, जब तक घी क्रीमी न हो जाए. अब बर्फ निकाल दें.
धीरे-धीरे मैदा मिलाएं. और ठंडा पानी या दूध डालकर पतला, बहने वाला घोल तैयार करें.
ध्यान रहे, घोल बिलकुल स्मूद होना चाहिए, तभी घेवर में अच्छे जाले बनेंगे.

2. चाशनी बनाना
चीनी और पानी को गैस पर रख दें. मध्यम आंच पर एक तार की चाशनी तैयार करें.
इलायची और केसर मिलाकर ठंडा होने दें.

3. घेवर तलना
गहरी कढ़ाही लें और उसमें घी या तेल भरकर गर्म करें.
अब एक कटोरी भर घोल को ऊपर से पतली धार में बीचों-बीच डालें.
घोल नीचे जाकर किनारों में से उभरता हुआ ऊपर आएगा, यही घेवर के जाले हैं.
जब ऊपरी हिस्सा सेट हो जाए, दोबारा घोल डालें. यह प्रक्रिया 3–4 बार दोहराएं.
लास्ट में घेवर का रंग हल्का सुनहरा होते ही बहुत सावधानी से बाहर निकालें और जाली पर रख दें.

4. चाशनी में लगाना
लगे हाथ हल्का गर्म घेवर को चाशनी में कुछ सेकंड रखें और निकाल लें.
इसे बादाम-पिस्ता से गार्निश करें या चाहें तो रबड़ी डालकर रबड़ी घेवर बनाएं.

घोल जितना ठंडा होगा, घेवर उतना क्रिस्पी बनेगा.
घी बहुत ज्यादा गर्म न हो, वरना घेवर जलेगा.
डालने की ऊंचाई जितनी ज्यादा होगी, जाले उतने सुंदर बनेंगे.

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