Vaibhav Suryavanshi childhood coach manish ojha reactions: बिहारियों के लिए गर्व का पल…महान खिलाड़ियों की तरह आज खेला, वैभव सूर्यवंशी के कोच बोले- धुआं-धुआं कर दिया

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Vaibhav Suryavanshi childhood coach manish ojha reactions: वैभव सूर्यवंशी के बचपन के कोच मनीष ओझा अपने स्टूडेंट के शानदार प्रदर्शन से गदगद हैं. ओझा ने कहा कि वैभव ने अंडर 19 वर्ल्ड कप के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ जिस तरह से बल्लेबाजी की वो काबिलेतारीफ थी. उसने दिग्गज बल्लेबाजों की तरह बैटिंग की. ओझा ने कहा कि यह बिहारियों और इंडिया के लिए गर्व का पल है.

बिहारियों के लिए गर्व का पल...आज वैभव ने धुआं-धुआं कर दिया, कोच का रिएक्शनZoom

मनीष ओझा ने अपने शिष्य के बैटिंग की तारीफों के पूल बांधे.

नई दिल्ली. वैभव सूर्यवंशी की कातिलाना बैटिंग को देखकर हर कोई गदगद है. इस विस्फोटक ओपनर के बचपन के कोच मनीष ओझा ने कहा कि उनके शिष्य ने तो फाइनल में कमाल की बैटिंग कर दिग्गजों की याद दिला दी.ओझा ने कहा कि वैभव ने जो इंटेंट दिखाया वो लीजेंड्स की तरह था. वैभव ने इग्लैंड के खिलाफ शानदार पारी खेली. उन्होंने टूर्नामेंट इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक जड़ा. ओझा ने कहा कि वैभव की पारी से हम खुश हैं और यह बिहारियों और पूरे देश के लिए गर्व की बात है. भारत ने छठी बार अंडर 19 वर्ल्ड कप अपने नाम किया.

मनीष ओझा (Manish Ojha) ने कहा, ‘वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने शानदार पारी खेली.जिस शैली से सूर्यवंशी ने बल्लेबाजी की वह यूनीक है. उसने जो आक्रमता और इंटेट दिखाया है. वो अपने आप में काबिलेतारीफ है. 15 छक्के और 15 चौके जो उसने जड़े वो यूनीक बैटिंग है. मुझे लगता है कि अंडर 19 वर्ल्ड कप में उसने अब तक की सबसे बड़ी पारी खेली. और टूर्नामेंट की दूसरी सबसे तेज सेंचुरी जमाई. उसने ग्रेट प्लेयर्स की तरह बैटिंग की. यह हम सबके लिए गर्व का पल है. यह सभी बिहारियों और भारत के लिए खास लम्हा है.’

मनीष ओझा ने अपने शिष्य के बैटिंग की तारीफों के पूल बांधे.

वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 विश्व कप इतिहास की सबसे प्रभावशाली पारी खेली
वैभव सूर्यवंशी (175 रन, 80 गेंद, 15 छक्के) ने अंडर-19 विश्व कप के इतिहास की शायद सबसे प्रभावशाली पारी खेली. जिससे भारत ने फाइनल में इंग्लैंड को 100 रन से हराकर छठा खिताब अपने नाम किया. दिलचस्प बात है कि भारत ने पिछली बार 2022 में वेस्टइंडीज में इंग्लैंड को हराकर ही खिताब जीता था. भारत ने इससे पहले 2000, 2008, 2012, 2018 और 2022 में आईसीसी ट्रॉफी जीती थी जो टूर्नामेंट के इतिहास में देश के दबदबे को दिखाता है.

दसवीं बार फाइनल में पहुंचा था भारत
दसवीं बार फाइनल में पहुंची भारतीय टीम ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए सूर्यवंशी के शतक से नौ विकेट पर 411 रन का रिकॉर्ड स्कोर खड़ा किया. चौदह साल के सूर्यवंशी ने यादगार पारी खेली और महज 55 गेंद में तीन अंक का आंकड़ा छूकर इस टूर्नामेंट में दूसरा सबसे तेज शतक लगाने वाले खिलाड़ी बन गए. यह अंडर-19 विश्व कप फाइनल में किसी खिलाड़ी का सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड है और टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में यह टीम का सबसे बड़ा स्कोर भी है.

सूर्यवंशी को ‘प्लेयर ऑफ द फाइनल’ और ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया
सूर्यवंशी इस प्रदर्शन की बदौलत अंडर-19 विश्व कप में ‘प्लेयर ऑफ द फाइनल’ और ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ दोनों पुरस्कार जीतने वाले पहले खिलाड़ी बने. भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के सामने इंग्लैड की टीम कालेब फाल्कनर (115 रन, 67 गेंद) के शतक और सलामी बल्लेबाज बेन डॉकिन्स (66 रन) के अर्धशतक के बावजूद 40.2 ओवर में 311 रन पर सिमट गई.

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Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें

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