20 साल की दिव्यांग बच्ची, 16 रेप के आरोपी; DNA जांच में बच्चे का दादा ही निकला ‘बाप’
Mumbai Crime News: मुंबई के पॉश से दिल दहलाने वाली खबर आई है. दक्षिण मुंबई में एक 20 साल की मूक-बधिर संग दरिंदगी ने लोगों को झकझोर दिया. दिल दहलाने वाली एक ऐसी कहानी है जिसे सुनकर किसी भी पत्थर दिल इंसान की रूह कांप जाए. एक 15 साल की युवती, जो न बोल सकती थी और न ही दुनिया को समझने की मानसिक स्थिति में थी, उसे हवस के भेड़ियों ने अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया. तबीयत ज्यादा खराब होने के बाद, जब अस्पताल भर्ती कराया गया, तो दरिंदों की पोल खुली. दरअसल, अस्पताल पेट दर्द को लेकर पहुंची पांच महीने की प्रेग्नेंट थी. वहीं, डॉक्टरों की टीम ने पुलिस की निगरानी में DNA रिपोर्ट में लड़की का बाप ही उसके बच्चे का बाप निकला.
पुलिस के सूत्रों के मुताबिक यह मामला 2025 में तब सामने आया. हॉस्पिटल स्टाफ ने मेडिकल जांच के दौरान पाया कि चुप रहने वाली महिला पांच महीने की प्रेग्नेंट थी. सितंबर में अपनी दादी से पेट में तकलीफ की शिकायत करने के बाद उसे शहर के कामा एंड एल्ब्लेस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. डॉक्टरों ने जब युवती की जांच की, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. वह युवती, जो अपनी तकलीफ जुबां से बयां नहीं कर सकती थी, पांच महीने की गर्भवती थी.
पुलिस जांच में खुला राज
अस्पताल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. जब पुलिस ने तफ्तीश शुरू की, तो परत दर परत सच सामने आया. सच ने समाज के चेहरे पर तमाचा जड़ दिया. पीड़ित युवती मानसिक रूप से दिव्यांग और मूक-बधिर थी, जिसका फायदा उठाकर एक-दो नहीं, बल्कि 16 अलग-अलग दरिंदों ने बार-बार उसके साथ घिनौना काम किया.
DNA रिपोर्ट का खुलासा
पुलिस के लिए असली चुनौती यह थी कि आखिर उस मासूम को गर्भवती करने वाला मुख्य आरोपी कौन है? पुलिस ने संदेह के घेरे में आए 16 लोगों को राउंडअप किया. इन 16 लोगों में युवती का अपना पिता भी शामिल था. उन सभी के खून के नमूने और DNA सैंपल लिए गए ताकि भ्रूण के जेनेटिक मटेरियल से उनका मिलान किया जा सके. जब फॉरेंसिक लैब से रिपोर्ट आई, तो 16 लोगों में से केवल एक व्यक्ति का DNA मैच हुआ. वो कोई और नहीं, बल्कि उस लड़की का सगा पिता था. उस पिता ने अपनी सगी बेटी की जिंदगी को नर्क बना दिया.
रिश्तों का कत्ल
काउंसलिंग के दौरान पीड़ित युवती ने टूटी-फूटी भाषा और संकेतों में बताया कि उसके साथ कई लोगों ने गलत काम किया था. पुलिस ने इस मामले में पहले ही एक पुरुष और एक को गिरफ्तार किया था, लेकिन मुख्य आरोपी के रूप में पिता का नाम सामने आना सबसे बड़ा झटका था. पुलिस के अनुसार, यह दरिंदगी पिछले साल मार्च से सितंबर के बीच हुई थी. फिलहाल पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहन जांच जारी है.
समाज के लिए एक बड़ा सवाल
हमारे समाज के खोखलेपन की गवाही है. एक दिव्यांग बेटी जो अपनी सुरक्षा के लिए अपने पिता पर निर्भर थी, उसे उसी घर में कैद कर दिया गया जहां उसका रक्षक ही भक्षक बन बैठा. 16 लोगों की हैवानियत झेलने वाली उस मासूम की ‘खामोश चीख’ आज हम सब से सवाल पूछ रही है क्या हम वाकई एक सुरक्षित समाज में रह रहे हैं?