hindu nav yarsh 2026 vikram samvat 2083 panchang This time Hindu New Year will be 13 months | 12 नहीं 13 माह का Hindu Nav Yarsh 2026, अधिकमास ने बदला त्योहारों का कैलेंडर, जानिए कौन सा त्योहार कब पड़ेगा?
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Hindu Nav Yarsh 2026: जिस तरह अंग्रेजी कैलेंडर जनवरी से शुरू होता है, उसी तरह हिंदू नववर्ष चैत्र मास से शुरू होता है. लेकिन इस बार हिंदू नववर्ष में 12 नहीं बल्कि 13 माह होने वाले हैं. आइए जानते हैं आखिर इस बार 13 महीने का कैलेंडर कैसा होने वाला है और इस साल कौन सा महीना जुड़ जाएगा. आइए जानते हैं महत्व, इस दुर्लभ पंचांग घटना के बारे…
साल 2026 कई मायनों में खास रहने वाला है. वजह है अधिकमास, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है. इस एक अतिरिक्त महीने के कारण ना सिर्फ हिंदू पंचांग में 12 की जगह 13 महीने हो जाएंगे, बल्कि पूरे साल का त्योहारों का कैलेंडर आगे-पीछे हो जाएगा. जो त्योहार हमें किसी तय तारीख के आसपास देखने की आदत है, वे 2026 में थोड़ा जल्दी या काफी देरी से आते नजर आएंगे.
असल में हिंदू पंचांग चंद्रमा की चाल पर आधारित होता है. चंद्र वर्ष करीब 354 दिन का होता है, जबकि सौर वर्ष 365 दिन का. इन दोनों में हर साल लगभग 11 दिनों का अंतर बनता है. इसी अंतर को संतुलित करने के लिए हर तीन साल में एक अधिकमास जोड़ा जाता है. साल 2026 में यही संतुलन ज्येष्ठ माह में बनेगा, इसलिए इस साल दो ज्येष्ठ महीने होंगे. ज्योतिषियों के अनुसार अधिकमास 17 मई से 15 जून 2026 के बीच रहेगा.
इस बदलाव का असर साफ दिखाई देगा. साल के शुरुआती छह महीनों में पड़ने वाले ज्यादातर त्योहार 2025 के मुकाबले करीब 10 दिन पहले आ जाएंगे, जबकि साल के आखिरी हिस्से के त्योहार 16 से 19 दिन तक देरी से पड़ेंगे. इस वर्ष अधिक मास ज्येष्ठ माह में आने वाला है. ज्येष्ठ अधिक मास 17 मई 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 तक चलेगा. इसके कारण आने वाले व्रत और त्योहार लगभग 15 से 20 दिन आगे बढ़ जाएंगे.
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हिंदू वर्ष की शुरुआत चैत्र माह की शुक्ल प्रतिपदा तिथि से होती है, इस साल 19 मार्च 2026 दिन गुरुवार को यह तिथि पड़ रही है. आने वाला विक्रम संवत 2083 का खास होने वाला है, क्योंकि इसमें अधिक मास (अतिरिक्त महीना) शामिल होगा, जिससे हिंदू नववर्ष 12 की जगह 13 महीनों का हो जाएगा.
विक्रम संवत 2083 की शुरुआत 19 मार्च 2026 को होगी, जो गुड़ी पड़वा और चैत्र (वसंत) नवरात्रि के साथ होगी. चैत्र मास की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत भी होती है. चैत्र नवरात्रि भी 19 मार्च 2026 से शुरू होंगे और 27 मार्च 2026 को समापन होगा.
अगर कुछ प्रमुख त्योहारों की बात करें, तो होली, जो 2025 में 14 मार्च को थी, वह 2026 में 3-4 मार्च के आसपास मनाई जाएगी. महाशिवरात्रि फरवरी के मध्य में आएगी, जबकि चैत्र नवरात्रि और रामनवमी मार्च में ही निपट जाएंगी. अक्षय तृतीया और बुद्ध पूर्णिमा भी अप्रैल-मई में पहले पड़ेंगी.
दूसरी ओर, साल के दूसरे हिस्से में तस्वीर उलटी होगी. रक्षाबंधन अगस्त के आखिर में, जन्माष्टमी सितंबर की शुरुआत में और गणेश चतुर्थी सितंबर के मध्य में आएगी. वहीं शारदीय नवरात्र, दशहरा और दीपावली तो साफ तौर पर देरी से पड़ेंगी. खास बात यह है कि दीपावली 2026 में 8 नवंबर को होगी, यानी 2025 की तुलना में करीब 18 दिन बाद.
अधिकमास का धार्मिक महत्व भी कम नहीं है. पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब यह अतिरिक्त महीना बना तो कोई देवता इसका स्वामी नहीं बनना चाहता था. तब भगवान विष्णु ने इसे अपनाया और इसे नाम मिला पुरुषोत्तम मास. इसलिए इस महीने को भक्ति, जप, दान और साधना के लिए बेहद शुभ माना जाता है.