Astro Tips : उखड़ा-उखड़ा रहता मन? कहीं लगता नहीं दिल, ग्रह दोष की ये चोट गहरी, काला तिल दिलाएगा मुक्ति, जानें ट्रिक

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अल्मोड़ा. ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का प्रभाव सिर्फ हमारे काम-धंधे या भाग्य तक ही सीमित नहीं होता, बल्कि इसका सीधा असर हमारे मन और मानसिक स्थिति पर भी पड़ता है. कई बार बिना किसी साफ वजह के इंसान को घबराहट, चिड़चिड़ापन, उदासी, अकेलापन या डिप्रेशन महसूस होने लगता है. ज्योतिष के अनुसार, ऐसी स्थिति के पीछे कुंडली में बने कुछ विशेष ग्रह दोष जिम्मेदार हो सकते हैं. सबसे पहले बात करते हैं राहु और केतु की. राहु भ्रम, डर और अनचिंता का ग्रह माना जाता है. जब राहु चंद्रमा, लग्न या पंचम भाव पर बुरा प्रभाव डालता है, तो व्यक्ति के मन में बेवजह डर, नकारात्मक सोच और असमंजस बना रहता है. केतु वैराग्य और अलगाव का ग्रह है. अगर केतु मन से जुड़े भावों को प्रभावित करे, तो व्यक्ति को अकेलापन, उदासी और जीवन से दूरी महसूस होने लगती है. राहु-केतु की महादशा या अंतर्दशा में यह असर और भी गहरा हो सकता है.

इस दिन बढ़ जाती है परेशान

चंद्रमा को मन का कारक ग्रह कहा जाता है. अगर कुंडली में चंद्रमा कमजोर हो, पाप ग्रहों से पीड़ित हो या राहु-केतु के साथ हो, तो मानसिक तनाव, मूड स्विंग और डिप्रेशन की समस्या बढ़ सकती है. पूर्णिमा या अमावस्या के आसपास ऐसे लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है. शनि भी मानसिक दबाव का कारण बन सकता है. शनि जब चंद्रमा के साथ हो या साढ़ेसाती और ढैय्या चल रही हो, तो व्यक्ति को निराशा, जिम्मेदारियों का बोझ और अकेलापन महसूस होता है. लगातार मेहनत के बाद भी परिणाम न मिलना, मन को और ज्यादा थका देता है. अल्मोड़ा के पंडित राजेंद्र जोशी लोकल 18 से बताते हैं कि मानसिक तनाव कई कारणों की वजह से हो सकता है. लेकिन ज्योतिष शास्त्र में जब ग्रह अपने स्थान से हटकर नीच ग्रहों के साथ आ जाते है तो कुंडली में ऐसा योग बनता है जिससे जातक को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है.

सफेद मिठाई बनाएगी काम

पंडित राजेंद्र जोशी के अनुसार, ऐसे सबसे पहले मन को मजबूत करना जरूरी है. रोज सुबह सूर्योदय से पहले उठकर थोड़ी देर ध्यान और प्राणायाम करना बहुत लाभदायक होता है. इससे मन शांत रहता है और नकारात्मक विचार कम होते हैं. नव ग्रह पूजन का इसमें विशेष महत्त्व है, यह सभी ग्रहों कि शांति करता है. राहु-केतु के दोष के लिए शनिवार को जरूरतमंदों को काले तिल, कंबल या भोजन का दान करना अच्छा माना जाता है. “ॐ रां राहवे नमः” और “ॐ कें केतवे नमः” मंत्र का नियमित जप भी लाभ देता है. चंद्रमा को मजबूत करने के लिए सोमवार को दूध या सफेद मिठाई का दान करें और “ॐ सोमाय नमः” मंत्र का जाप करें.

इनकी सलाह जरूरी

शनि के प्रभाव से राहत के लिए शनिवार को दीपक जलाएं, बुजुर्गों और मजदूरों का सम्मान करें और “ॐ शं शनैश्चराय नमः” का जप करें. अपने खान-पान और दिनचर्या पर ध्यान देना भी जरूरी है. ज्योतिष मार्गदर्शन जरूर देता है, लेकिन मानसिक तनाव या डिप्रेशन ज्यादा बढ़ जाए, तो डॉक्टर या काउंसलर की मदद लेने में बिल्कुल संकोच न करें. सही उपाय, सकारात्मक सोच और सही सलाह से हर ग्रह दोष का प्रभाव कम किया जा सकता है और मन को दोबारा मजबूत बनाया जा सकता है.

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