‘पेड प्रमोशन के तहत फैलाई गई बच्चों के गायब होने की कहानी’, दिल्ली पुलिस बोली- पैनिक फैलाना है इरादा – children missing case updates delhi police claim this story circulated for paid promotion create panic personal interest
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Delhi Children Missing Case: नेशनल कैपिटल दिल्ली में सैकड़ों की तादाद में गुमशुदा हुए बच्चे का मामला गर्मा गया है. जिनके बच्चे लापता हुए हैं, वे सामने आकर अपना दुख बता रहे हैं. वहीं, इस मसले पर अब दिल्ली पुलिस का बयान सामने आया है. पुलिस ने 800 से ज्यादा बच्चों के गायब होने की खबर के पीछे बड़ी साजिश का इशारा किया है.

दिल्ली में 800 से भी ज्यादा बच्चों के गुमशुदा होने के मसले पर अहम बयान दिया है. (फाइल फोटो/PTI)
Delhi Children Missing Case: देश की राजधानी दिल्ली में 800 से ज्यादा बच्चों के गायब होने के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस का कहना है कि पेड प्रमोशन के तहत बच्चों के गायब होने की बात फैलाई गई. पुलिस ने एक्शन लेने की बात भी कही है. दिल्ली में कथित तौर पर बढ़ते लापता बच्चों के मामलों को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है. दिल्ली पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी और संयुक्त आयुक्त संजय त्यागी ने स्पष्ट किया कि राजधानी में लापता व्यक्तियों की संख्या में कोई असामान्य वृद्धि नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि जनवरी 2026 में तो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में लापता मामलों की रिपोर्टिंग में कमी दर्ज की गई है, जिससे यह साफ होता है कि सोशल मीडिया पर फैल रही खबरें तथ्यहीन हैं.
ज्वाइंट सीपी संजय त्यागी ने कहा कि दिल्ली पुलिस अपराध की निष्पक्ष और पारदर्शी रिपोर्टिंग नीति का पालन करती है. लापता व्यक्तियों की सूचना न केवल स्थानीय पुलिस थानों में दर्ज कराई जा सकती है, बल्कि ऑनलाइन माध्यम से या ERSS-112 नंबर पर कॉल करके भी दी जा सकती है. उन्होंने बताया कि मानक परिचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत पुलिस लापता लोगों की तलाश के लिए तुरंत कार्रवाई करती है और विशेष रूप से बच्चों के मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है. दिल्ली पुलिस के अनुसार, सभी जिलों में समर्पित लापता व्यक्ति दस्ते सक्रिय हैं, जबकि अपराध शाखा में मानव तस्करी विरोधी इकाई भी कार्यरत है, ताकि ऐसे मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके. पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि अब तक किसी भी मामले में लापता बच्चों या अपहरण के पीछे किसी संगठित गिरोह की संलिप्तता सामने नहीं आई है.
साजिश की ओर इशारा
दिल्ली पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि कुछ तथाकथित रिपोर्टें और सोशल मीडिया पोस्ट पेड प्रमोशन के जरिए जानबूझकर फैलाई जा रही हैं, जिनका उद्देश्य जनता में डर और घबराहट पैदा करना है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ऐसे मामलों की जांच में यह सामने आया है कि कुछ लोग निजी लाभ के लिए गलत सूचनाएं फैलाकर माहौल खराब कर रहे हैं. संजय त्यागी ने दो टूक कहा कि इस तरह की अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी कीमत पर राजधानी में शांति व्यवस्था को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा. इस बीच, दिल्ली से सांसद और केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने भी इन खबरों को निराधार बताते हुए कहा कि राजधानी में लोगों के गायब होने की बात पूरी तरह गलत है और इससे जनता में बेवजह भय का माहौल बनाया जा रहा है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध जानकारी की पुष्टि संबंधित अधिकारियों से करें.
लोगों से खास अपील
दिल्ली पुलिस ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के लापता होने की सूचना हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें और अफवाहों से बचें. पुलिस का कहना है कि राजधानी में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और लापता व्यक्तियों को जल्द से जल्द सुरक्षित ढूंढने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं. बता दें कि बड़ी तादाद में बच्चों के लापता होने की सूचना से लोगों में पैनिक का आलम है. अब दिल्ली पुलिस ने हकीकत सामने लाकर इसे शांत करने की कोशिश की है. साथ ही दोषियों पर एक्शन की बात भी कही है.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें