घर के आंगन में गाड़ा मां-बाप-बहन का शव, भटकाने के लिए पुलिस को थमाए फर्जी टिकट, इस कहानी के आगे दृश्यम भी फेल

Share to your loved once


विजयनगर ट्रिपल मर्डर केस: कर्नाटक के विजयनगर के कोट्टूरू कस्बे की उस शांत गली को क्या पता था कि एक किराये के मकान की दीवारों के पीछे ऑनर किलिंग का खौफनाक अध्याय लिखा जा रहा है. कत्ल का ऐसा मंजर जिसे सुनकर पुलिस के भी रोंगटे खड़े हो गए. एक भाई, जिसने अपनी ही बहन की कोख में पल रही जान और अपने जन्मदाताओं को मिट्टी में मिला दिया. घर का आंगन जहां कभी हंसी गूंजती थी, वहां अब तीन लाशें दफन हैं. यह महज एक मर्डर मिस्ट्री नहीं है बल्कि एक सनकी दिमाग की उपज है जिसने खुद को कानून से ऊपर समझ लिया.

बहन की लव-मैरिज से था नाराज
अक्षय कुमार नाम के इस युवक ने अपनी बहन अमृता की इंटर-कास्‍ट मैरिज और उसकी गर्भावस्था को अपनी झूठी शान पर चोट मान लिया. जब माता-पिता ने बेटी का साथ दिया तो अक्षय का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. 27 जनवरी की उस काली रात उसने अपने पिता भीमराज, मां जयलक्ष्मी और बहन की हत्या कर दी. उसने लाशों को घर के ही आंगन में गाड़ दिया. इसके बाद शुरू हुआ पुलिस को चकमा देने का वह खेल, जिसने मलयाली फिल्म ‘दृश्यम’ के सस्पेंस को भी पीछे छोड़ दिया.

कैसे फिल्म ‘दृश्यम’ से ली प्रेरणा
इस हत्याकांड की सबसे चौंकाने वाली बात आरोपी का पुलिस को गुमराह करने का तरीका है. अक्षय ने बाकायदा एक ‘फॉल्स ट्रेल’ (झूठा रास्ता) तैयार किया. वह कत्ल के दो दिन बाद बेंगलुरू गया और जयदेव अस्पताल के बाहर अपनी फोटो खिंचवाई ताकि वह यह साबित कर सके कि वह वहां अपने परिवार को ढूंढ रहा था. उसने फर्जी बस टिकट जुटाए, मोबाइल नंबर बदले और पुलिस को ऐसी लोकेशन बताई जो हकीकत से कोसों दूर थीं.

पर मोबाइल ने खोल दी पोल
हकीकत को दबाना इतना आसान नहीं था. पुलिस को शक तब हुआ जब अक्षय के बयानों में विरोधाभास मिला. दृश्यम फिल्म के नायक की तरह उसने सबूत मिटाने की कोशिश तो की लेकिन डिजिटल फुटप्रिंट्स (CDR) ने उसे धोखा दे दिया. जिस मोबाइल को वह लापता बता रहा था उसकी लोकेशन अक्षय के साथ-साथ ही चल रही थी. यह मामला दर्शाता है कि कैसे झूठी प्रतिष्ठा के नाम पर एक पढ़ा-लिखा युवक अपने ही खून का प्यासा बन गया.

विजयनगर ट्रिपल मर्डर: 5 महत्वपूर्ण सवाल और जवाब
· सवाल 1: आरोपी अक्षय ने इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम क्यों दिया?
जवाब: वह अपनी बहन के अंतरजातीय प्रेम संबंध और गर्भवती होने से नाराज था, जिसे वह परिवार की बदनामी मानता था.

· सवाल 2: दृश्यम फिल्म का इस केस से क्या संबंध है?
जवाब: अक्षय ने फिल्म की तर्ज पर ही फर्जी लोकेशन, फोटोग्राफ्स और बस टिकटों का इस्तेमाल कर पुलिस को गुमराह करने की साजिश रची.

· सवाल 3: पुलिस को अक्षय पर पहली बार शक कब हुआ?
जवाब: जब गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराते समय उसके बयान बार-बार बदले और मोबाइल लोकेशन ने उसकी थ्योरी को गलत साबित कर दिया.

· सवाल 4: क्या आरोपी ने अकेले ही इस पूरी वारदात को अंजाम दिया?
जवाब: शुरुआती जांच के अनुसार अक्षय ने ही पूरी योजना बनाई और इसे अंजाम दिया, पुलिस अन्य संभावित मददगारों की भी जांच कर रही है.

· सवाल 5: पुलिस ने दफन शवों को कैसे बरामद किया?
जवाब: कड़ाई से पूछताछ के बाद जब अक्षय टूट गया, तो उसकी निशानदेही पर कोट्टूरू स्थित घर के आंगन की खुदाई कर तीनों शव बरामद किए गए.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP