एक या दो नहीं… इस स्पेशल डिश में पड़ती हैं तीन तरह की दालें, प्रोटीन से भरपूर, घर पर ऐसे करें तैयार

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सुल्तानपुर: जिस तरह से वास्तुकला परिधान और अन्य संस्कृतियों भारत की ग्रामीण संस्कृति का हिस्सा रही है. इस तरह व्यंजन भी भारतीय ग्रामीण संस्कृति का एक अहम हिस्सा रहा है. इन्हीं ग्रामीण संस्कृति के व्यंजनों में एक दाल टिकरी है, जिसे आप अपने घर पर आसानी से बनाकर खा सकते हैं.

इसके साथ ही इस दाल टिकरी व्यंजन को किस तरह से बना सकते हैं, इसकी क्या रेसिपी है, इसको तो हम बताएंगे ही, इसके साथ ही हम यह भी बताएंगे कि इसको खाने के बाद आप किस तरह का स्वाद का अनुभव प्राप्त कर पाएंगे. आइए जानते हैं कि क्या है दाल टिकरी बनाने की रेसिपी.

ये होती है दाल टिकरी 

स्थानीय ग्रामीण महिला पुष्पा देवी लोकल 18 से बताती हैं कि दाल टिकरी उत्तर भारत के ग्रामीण व्यंजन संस्कृत का एक प्रमुख हिस्सा है. यह एक ऐसी रेसिपी है, जो दाल में पकाए गए आटे की टिक्कियों से तैयार की जाती है. इसका स्वाद खाने में बेहद अच्छा लगता है.

इसके साथ ही दाल टिकरी स्वास्थ्य के लिए भी काफी लाभदायक मानी जाती है, क्योंकि दाल में प्रोटीन भरपूर मात्रा में होता है और गेहूं के आटे में ग्लूटीन की मात्रा होने से यह स्वास्थ्य के लिए भी काफी अच्छा माना जाता है. कुल मिलाकर यह एक संपूर्ण भोजन होता है.

इन सामग्रियों का करें उपयोग

दाल टिकरी बनाने के लिए सबसे पहले इसमें दो-तीन तरह की दाल को भिगो लिया जाता है, जिसमें अरहर, मसूर और चना की दाल शामिल है. इनको मिलाकर लगभग एक घंटे तक भिगोया जाता है. फिर इसमें प्याज, टमाटर, हल्दी, नमक, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, गरम मसाला और थोड़ा-सा अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर प्रेशर कुकर में पका लिया जाता है. इसके बाद एक विशेष मसाले को तैयार किया जाता है, जिसमें खड़ी धनिया, जीरा और सूखी लाल मिर्च को भूनकर पिस लिया जाता है.

इस तरह दें आकार

पुष्पा देवी आगे बताती हैं कि गेहूं का आटा दाल टिकरी के लिए काफी अच्छा माना जाता है इसमें टिक्की अच्छे से बन जाती है. बस गेहूं के आटे को गुंथने से पहले इसमें थोड़ा नमक, अजवाइन और तेल मिलाकर रोटी जैसा आटा गूंथ लेना चाहिए. फिर मोटी रोटियां बेलकर उन्हें गोल आकार में काट लें. जब दाल तैयार हो जाए, तो उसमें थोड़ा और पानी मिलाकर जब वह उबलने लगे, तो इन टिकियों को उसमें डाल दें.

लगभग 15 मिनट धीमी आंच पर पकाए. जब आपको लगेगा कि टिकरी फूल गई है और दाल में अच्छे से मिल गई है, तो इसको उतार लें और उतारने के बाद अपने आप गैस निकल जाने दें और थाली में परोसें. यह काफी स्वादिष्ट और फायदेमंद रहेगी.

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