‘शराब से तनाव दूर होता है, गलत फैसला’, बजट में दारू पर दाम बढ़ाने के बाद दुखी हुए युवा
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Budget 2026 Public Opinion Kanpur: बजट 2026 में शराब के रेट बढ़ने पर कानपुर निवासी दिनेश ने कहा कि यह सरकार का फैसला गलत है. उन्होंने बताया कि हम लोग कभी-कभी एंजॉयमेंट और तनाव से राहत के लिए दोस्तों के साथ बैठकर शराब पीते थे. यह सिर्फ नशा नहीं, बल्कि आपसी बातचीत और साथ समय बिताने का जरिया भी था.
कानपुर. देश में आज पेश हुए आम बजट में शराब और सिगरेट के दाम बढ़ा दिए गए हैं. इस फैसले के बाद कानपुर में लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है. लोकल 18 ने जब शहर के युवाओं और आम लोगों से बातचीत की तो इस मुद्दे पर साफ तौर पर दो तरह की राय सामने आई. कुछ लोगों ने इसे समाज और युवाओं के भविष्य के लिए सही कदम बताया, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि इससे आम आदमी पर अतिरिक्त बोझ पड़ गया है. नशे पर लगाम लगाने की कोशिश, इस फैसले का समर्थन करने वाले लोगों का कहना है कि आज कि युवा पीढ़ी तेजी से नशे की चपेट में आ रही है. शराब और सिगरेट सस्ती होने की वजह से युवा आसानी से इसकी लत लगा लेते हैं. ऐसे में इनके दाम बढ़ाना जरूरी था. वहीं कुछ युवाओं का कहना है कि सरकार का यह गलत फैसला है, शराब से तनाव दूर होता है.
लोगों का मानना है कि जब शराब और सिगरेट महंगी होंगी तो लोग सोच-समझकर खर्च करेंगे और नशे का सेवन अपने-आप कम होगा. इससे युवाओं का ध्यान पढ़ाई, नौकरी और भविष्य की ओर ज्यादा जाएगा. युवाओं ने फैसले को बताया जरूरीकई युवाओं ने कहा कि नशे की वजह से न सिर्फ सेहत खराब होती है, बल्कि कामकाज और करियर भी प्रभावित होता है. शराब और सिगरेट के रेट बढ़ने से लोग बेवजह नशा करने से बचेंगे. कुछ युवाओं का मानना है कि सरकार का यह फैसला देर से ही सही, लेकिन जरूरी था और इससे समाज में एक अच्छा संदेश जाएगा. महंगाई के बीच लोगों की नाराजगी, वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों ने कैमरे के सामने न आने की शर्त पर इस फैसले को गलत बताया.
शराब महंगी होने पर क्या बोले लोग?
उनका कहना है कि पहले ही घर का राशन, सब्जी, गैस और रोजमर्रा की जरूरत का सामान महंगा हो चुका है. ऐसे में शराब और सिगरेट के दाम बढ़ा देना आम आदमी की जेब पर और बोझ डालने जैसा है. लोगों का कहना है कि सरकार को महंगाई के इस दौर में आम लोगों की स्थिति भी समझनी चाहिए. दिनेश ने कहा कि यह सरकार का फैसला गलत है. उन्होंने बताया कि हम लोग कभी-कभी एंजॉयमेंट और तनाव से राहत के लिए दोस्तों के साथ बैठकर शराब पीते थे. यह सिर्फ नशा नहीं, बल्कि आपसी बातचीत और साथ समय बिताने का जरिया भी था. लेकिन अब सरकार ने इस पर भी टैक्स लगा दिया और इसे महंगा कर दिया है.
दिनेश का कहना है कि जब घर की जरूरी चीजें और राशन लगातार महंगे हो रहे हैं, तब ऐसे फैसले आम लोगों के लिए परेशानी बढ़ाने वाले हैं. फैसले पर बटी शहर की राय आम बजट में शराब और सिगरेट के दाम बढ़ाने के फैसले को लेकर कानपुर में राय बटी हुई है. एक तरफ लोग इसे नशे पर रोक लगाने की दिशा में सही कदम मान रहे हैं, तो दूसरी तरफ कुछ लोगों का कहना है कि इससे आम आदमी का एंजॉयमेंट और दोस्तों के साथ समय बिताना भी महंगा हो गया है. आने वाले समय में यह फैसला समाज और लोगों की आदतों पर क्या असर डालेगा, यह देखना बाकी है.
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