30 करोड़ फ्रॉड केस में विक्रम भट्ट और पत्नी की जमानत खारिज, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अभी दोनों अंदर ही रहेंगे
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Vikram Bhatt and Wife Bail Rejected: बॉलीवुड फिल्ममेकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट की मुश्किलें बढ़ गई हैं. विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट और सह-आरोपी मेहबूब अंसारी को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. जोधपुर हाईकोर्ट ने 30 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में तीनों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं. अदालत ने साफ कर दिया है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और गंभीर आरोपों को देखते हुए जमानत देना उचित नहीं. ऐसे में राजस्थान की कड़ाके की सर्दी में भी ये आरोपी जेल के अंदर ही रहेंगे.
फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट की धोखाधड़ी मामले में आया फैसला नई दिल्ली. इंडस्ट्री के जाने माने फिल्ममेकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. 30 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने दोनों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. दिसंबर से जेल में बंद दोनों को ही बड़ा झटका लगा है. आखिर कोर्ट ने यह फैसला क्यों लिया और पूरा मामला क्या है, जानिए पूरी जानकारी.
बॉलीवुड के जाने माने डायरेक्टर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को राजस्थान हाईकोर्ट ने 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया है. उनके साथ ही सह-आरोपी मेहबूब अंसारी की जमानत याचिका को भी खारिज किया गया है. कोर्ट की मानें तो फिलहाल, जांच जारी है और इस केस में अभी बेल देना उचित नहीं होगा.
यूं हुई थी जमानत याचिका पर सुनवाई
हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस विनोद कुमार भारवनी विक्रम भट्ट के इस केस की सुनवाई की है. उस दौरान विशिष्ट लोक अभियोजक ने जमानत याचिकाओं का कड़ा विरोध भी किया. उन्होंने कोर्ट में बताया कि धोखाधड़ी की जांच फिलहाल जारी है और कई अहम पहलुओं पर अनुसंधान बाकी है. अभियोजन पक्ष ने तो ये तक दावा किया कि अगर इस केस में ऐसे समय में जमानत मिलती है तो आरोपी गवाहों पर दबाव बना सकते हैं, जिससे केस पर असर पड़ सकता है.
फर्जी बिलों से हुआ ठगी का खुलासा
इस केस में जांच के दौरान राजस्थान पुलिस ने पाया कि विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेताम्बरी भट्ट ने फर्जी बिल कई अलग-अलग नामों से बनवाए थे. इन बिलों के बाद ही शिकायतकर्ता से अलग-अलग खातों में कुल 4 करोड़ 23 लाख 13 हजार 424 रुपये ट्रांसफर भी कराए गए. बाद में आरोपियों के खातों में ये पैसा डाला गया. अभियोजन पक्ष की मानें तो , इसमें से 1 करोड़ 65 लाख 69 हजार 955 रुपये तो आरोपियों ने कर्ज चुकाने में लगा दिए.
बता दें कि अभियोजन ने बताया कि सह-आरोपी मेहबूब अंसारी जांच में काफी एक्टिव रहे. कहा तो ये भी जा रहा है कि आरोपी गवाहों को प्रभावित करने की कोशिशों में जुटे रहे, जिसके चलते हाईकोर्ट ने सभी आरोपियों की जमानत याचिकाओं को खारिज करने का फैसला किया.गौरतलब है कि ये मामला राजस्थान की इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया से संबंधित है. उन्होंने विक्रम भट्ट के साथ एक फिल्म बनाने के लिए 42 करोड़ रुपये देने की बात की थी. बाद में डॉ. मुर्डिया ने आरोप लगाया कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है. 17 नवंबर को उदयपुर में विक्रम भट्ट सहित आठ लोगों के खिलाफ उन्होंने एफआईआर दर्ज कराई थी. इसके बाद उदयपुर पुलिस ने पहले विक्रम भट्ट के को-प्रोड्यूसर मेहबूब अंसारी और कथित फर्जी वेंडर संदीप को मुंबई से गिरफ्तार किया.7 दिसंबर को मुंबई स्थित फ्लैट से विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को भी गिरफ्तार किया गया.
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न्यूज 18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार का डिजिटल मीडिया में 9 सालों का अनुभव है. एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग, लेखन, फिल्म रिव्यू और इंटरव्यू में विशेषज्ञता है. मुनीष ने जामिया मिल्लिया इ…और पढ़ें