Astro tips : 31 जनवरी को जन्में बच्चों का भविष्य कैसा होगा, होशियार रहेंगे या गुमशुम? जानें राशि, नक्षत्र और नामकरण अक्षर

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अयोध्या. व्यक्ति के जीवन में दिन तिथि, ग्रह नक्षत्र और राशि का विशेष प्रभाव होता है. इसी के आधार पर व्यक्ति की कुंडली का आकलन ज्योतिषी करते हैं. आज 31 जनवरी है. आज का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से कैसा रहने वाला है. आज के दिन ग्रह नक्षत्र की क्या स्थिति रहेगी, जन्म लेने वाले बच्चों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा, आज के दिन अगर किसी बच्चे का जन्म होता है तो उसका नामकरण किस अक्षर से शुरू किया जाए, आखिर 31 जनवरी को जन्म लेने वाले बच्चों पर इसका कैसा प्रभाव पड़ेगा, आइये जानते हैं.

शुभ संयोग से युक्त

अयोध्या के पंडित पवन दास शास्त्री बताते हैं कि 31 जनवरी का दिन शुभ संयोगों से युक्त है. इस दिन आकाशीय ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति नवजात शिशुओं के व्यक्तित्व, स्वभाव और भविष्य पर गहरा प्रभाव रहेगा. इस दिन पुनर्वसु नक्षत्र 1 बजे तक प्रभावी रहेगा, जिसके पश्चात पुष्य नक्षत्र आरंभ हो जाता है. पुनर्वसु नक्षत्र को पुनर्निर्माण, आशा और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है. इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले बच्चे सामान्यतः आशावादी, बुद्धिमान और जीवन में आगे बढ़ने की प्रबल इच्छा रखने वाले होते हैं. पुष्य नक्षत्र को सभी नक्षत्रों में अत्यंत शुभ माना गया है, जो पोषण, स्थिरता और समृद्धि का संकेत देता है.

चंद्रमा इस दिन मिथुन राशि में रहेंगे. इसके बाद वे कर्क राशि में प्रवेश करेंगे. मिथुन राशि में चंद्रमा होने से जातक तीव्र बुद्धि, उत्कृष्ट संचार कौशल और बहुमुखी प्रतिभा से युक्त होते हैं. ऐसे बच्चे सीखने में तेज, जिज्ञासु और सामाजिक स्वभाव के होते हैं. जब चंद्रमा कर्क राशि में आता है, तब जन्म लेने वाले बच्चों में भावनात्मक गहराई, संवेदनशीलता और पारिवारिक लगाव अधिक देखने को मिलता है. तिथि की बात करें तो इस दिन माघ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि प्रातः 08:28:08 बजे तक रहेगा. इसके बाद चतुर्दशी तिथि आरंभ होगी.

किस बात के संकेत

ये समय धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण है. विश्कुम्भ योग दोपहर 1:33: बजे तक प्रभावी रहेगा. इस दौरान जन्म लेने वाले जातक पर परिश्रम के बाद सफलता का संकेत देगा. तैतिल करण प्रातः 08:28:08 बजे तक और उसके बाद गर करण सायं 19:09:47 बजे तक रहेगा है. जो कार्यों में स्थायित्व और प्रगति का योग बनाता है. नामकरण के हिसाब से, पुनर्वसु नक्षत्र में जन्में बच्चों के नाम “के, को, हा, ही” अक्षरों से और पुष्य नक्षत्र में जन्मे बच्चों के नाम “हू, हे, हो, डा” अक्षरों से प्रारंभ करना शुभ माना गया है. ये दिन नवजात शिशुओं के लिए अत्यंत शुभ, संतुलित और उज्ज्वल भविष्य का संकेत देने वाला है.

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