Success Story:- This graduate farmer is earning a lot from strawberry farming, know how he became successful. – Himachal Pradesh News
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Strawberry farmer Sultanpur : सुल्तानपुर के किसान धर्मेंद्र ग्रेजुएट हैं. इस पढ़ाई का फायदा उन्हें खेती में मिल रहा है. पारंपरिक खेती छोड़कर वैज्ञानिक तरीका अपनाया. लोकल 18 से बात करते हुए धर्मेंद्र बताते हैं कि वे स्ट्रॉबेरी को रसायन मुक्त तरीके से उगाते हैं. मल्चिंग विधि का प्रयोग करते हैं. इससे खरपतवार पौधों को कोई नुकसान न पहुंचा पाते. धर्मेंद्र 3 साल से इसकी खेती करते आ रहे हैं. एक बीघा खेत में 10000 पौधे लगाए हैं. पौधे उन्हें उद्यान विभाग की ओर से नि:शुल्क मिला है. उद्यान विभाग तकनीकी मदद भी उपलब्ध करा रहा है.
सुल्तानपुर. प्रगतिशील किसानों के लिए खेती हमेशा से फायदे का सौदा रही है. सुल्तानपुर के रहने वाले धर्मेंद्र कुमार तिवारी (45) ऐसे ही किसानों में से एक हैं. उन्होंने ग्रेजुएट तक पढ़ाई रखी है. इसी पढ़ाई की बदौलत उन्होंने पारंपरिक खेती धान और गेहूं को छोड़कर वैज्ञानिक तरीका अपनाया है. धर्मेंद्र स्ट्रॉबेरी की खेती कर तगड़ी कमाई कर रहे हैं. लोकल 18 से बात करते हुए किसान धर्मेंद्र तिवारी बताते हैं कि वे स्ट्रॉबेरी को रसायन मुक्त तरीके से तैयार करते हैं. ऑर्गेनिक खेती में शामिल की जाने वाली सभी विशेषताओं को इसकी पैदावार में इस्तेमाल करते हैं. वे अपनी स्ट्रॉबेरी की खेती में मल्चिंग विधि का प्रयोग करते हैं. इसमें धर्मेंद्र स्ट्रॉबेरी के पौधों को मिट्टी की मेड़ बनाकर उस पर मल्चिंग पेपर बिछाते हैं ताकि खरपतवार पौधों को किसी प्रकार का कोई नुकसान न पहुंच पाएं.
यहां करें संपर्क
धर्मेंद्र बताते हैं कि स्ट्रॉबेरी की खेती की शुरुआत उद्यान विभाग से सीखी. उन्होंने बीच-बीच में अपने नजदीक कृषि विज्ञान केंद्र पर भी संपर्क किया और कृषि वैज्ञानिकों की सलाह लेकर स्ट्रॉबेरी की खेती में प्रगतिशील किसान बनकर उभरे. धर्मेंद्र कुमार बताते हैं कि अभी भी जिला उद्यान अधिकारी रणविजय सिंह से व्यक्तिगत रूप से भी काफी सपोर्ट मिलता रहता है. इसका नतीजा है कि आज वे स्ट्रॉबेरी की अच्छी पैदावार ले रहे हैं.
पॉजिटिव रिजल्ट
धर्मेंद्र तिवारी स्ट्रॉबेरी की खेती पिछले 3 वर्षों से कर रहे हैं. एक सीजन में एक लाख रुपये से अधिक स्ट्रॉबेरी की पैदावार कर रहे हैं. लागत मात्र 20 हजार रुपये की होती है. एक बीघा खेत में 10000 स्ट्रॉबेरी के पौधे लगाए हैं. स्ट्रॉबेरी के पौधे उन्हें उद्यान विभाग की ओर से नि:शुल्क मिला है. जिला उद्यान अधिकारी रणविजय सिंह बताते हैं कि स्ट्रॉबेरी की खेती करने वाले किसानों को सरकार की योजनाओं का लाभ दिया जाता है. उनको तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है. इसका सकारात्मक परिणाम भी दिखाई दे रहा है.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें