पड़ोसी से आइडिया लेकर शुरू की खेती, 30000 की लागत में आज शिमला मिर्च की इस वैरायटी से किसान कमा रहा लाखों

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गोंडा: आज के समय में खेती सिर्फ पेट भरने का जरिया नहीं, बल्कि मुनाफे का बड़ा बिजनेस बनती जा रही है. उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के एक किसान ने इसे सच कर दिखाया है. कम लागत में ज्यादा मुनाफा कैसे कमाया जाता है, यह कोई प्रगतिशील किसान राम अवतार निषाद से सीखे. मात्र 30 हजार रुपये की शुरुआती लागत लगाकर उन्होंने शिमला मिर्च की खेती से 1 से 1.5 लाख रुपये तक की आमदनी कर सबको चौंका दिया है.

राम अवतार निषाद की कहानी प्रेरणा देने वाली है. उन्होंने लोकल 18 को बताया कि घर की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी, जिस वजह से वह कभी पढ़ाई नहीं कर पाए. बचपन से ही उन्हें मजबूरी में खेती-किसानी के काम में जुटना पड़ा. लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी. आज वह अपनी सूझबूझ से शिमला मिर्च की खेती कर रहे हैं और सालाना लाखों रुपये की कमाई कर अपने परिवार का सपना पूरा कर रहे हैं.

पड़ोसी किसान को देखकर मिला आइडिया
राम अवतार बताते हैं कि उन्हें शिमला मिर्च की खेती का आइडिया अपने पड़ोस के ही एक किसान को देखकर आया. उन्होंने देखा कि शिमला मिर्च की मांग बाजार में हमेशा बनी रहती है और इसमें फायदा भी अच्छा है. पहले उन्होंने छोटे स्तर पर इसकी शुरुआत की और जब मुनाफा दिखने लगा, तो उन्होंने खेती का दायरा बढ़ा दिया. पिछले 4-5 सालों से वह लगातार इसकी खेती कर रहे हैं और फिलहाल वह करीब एक बीघा जमीन पर शिमला मिर्च उगा रहे हैं.

सिजेंटा की ‘इंदिरा’ वैरायटी है मुनाफे की चाबी
बीजों के चुनाव पर सलाह देते हुए राम अवतार बताते हैं कि वह ‘सिजेंटा कंपनी की इंदिरा वैरायटी’ का इस्तेमाल करते हैं. उनके अनुसार, यह वैरायटी काफी अच्छी होती है और गोंडा के वातावरण में बहुत अच्छे से फल देती है. उन्होंने दूसरे किसान भाइयों को भी सुझाव दिया कि बेहतर उत्पादन के लिए इस वैरायटी को लगाना फायदेमंद हो सकता है.

खेत की तैयारी में मल्चिंग विधि का महत्व
खेती के तरीके को समझाते हुए उन्होंने बताया कि सबसे पहले खेत की अच्छी तरह जुताई कर उसे तैयार किया जाता है. इसके बाद खेत में मल्चिंग (प्लास्टिक की परत) बिछाई जाती है. मल्चिंग का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे खेत में फालतू घास (खरपतवार) नहीं उगती और मिट्टी की नमी लंबे समय तक बनी रहती है. शिमला मिर्च के पौधों के बेहतर विकास के लिए सही नमी और खरपतवार पर नियंत्रण बहुत जरूरी है.

जानिए खर्च से कमाई का पूरा हिसाब
लागत और मुनाफे की बात करें तो राम अवतार बताते हैं कि नर्सरी तैयार करने से लेकर पौधों की रोपाई तक, एक बीघा शिमला मिर्च की खेती में लगभग 30,000 रुपये का खर्च आता है. वहीं इससे होने वाली आमदनी काफी आकर्षक है. एक सीजन में एक बीघे से करीब 1 लाख से लेकर 1.5 लाख रुपये तक की इनकम आसानी से हो जाती है. वह कहते हैं कि कुल मुनाफा पूरी तरह से मंडी के भाव पर निर्भर करता है. अगर बाजार में रेट अच्छा मिल जाए, तो यह कमाई और भी ज्यादा बढ़ सकती है, वहीं रेट कम होने पर यह थोड़ी घट भी सकती है.

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