‘पापा, होटल पहुंचकर कॉल करूंगी’, वो फोन कभी नहीं आया: अजित पवार के साथ गई थी बेटी, लाश लेने को तरसा परिवार

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Ajit Pawar Plane Crash: बारामती विमान हादसे में अजित पवार और पिंकी माली की मौत से परिवार दुखी है. विमान कंपनी ने पिंकी के परिवार को घटना की सूचना तक नहीं दी. पिता शिवकुमार माली ने जांच और इंसानियत की मांग की है. पिंकी के पिता ने हादसे की वजहों पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि यह एक हाईस्पीड फ्लाइट थी. लैंडिंग के वक्त एक्सीडेंट क्यों हुआ, इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए.

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'होटल पहुंचकर कॉल करूंगी', पिंकी का वो आखिरी वादा जो कभी पूरा नहीं हुआपिंकी के पिता बोले कि बेटी को कंपनी ने एक एंबुलेंस तक नहीं दी.

पुणे. महाराष्ट्र के बारामती में हुए दर्दनाक विमान हादसे ने कई परिवारों को जिंदगी भर का गम दे दिया है. इस हादसे में डिप्टी सीएम अजित पवार के साथ फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली की भी जान चली गई. पिंकी के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. लेकिन इस दुख की घड़ी में विमान कंपनी के रवैये ने परिवार के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है. पिंकी के पिता शिवकुमार माली ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि बेटी जिस कंपनी के लिए काम करती थी, उन्होंने उसे एक बार फोन करना भी जरूरी नहीं समझा. परिवार को टीवी पर चल रही खबरों से पता चला कि उनकी लाडली अब इस दुनिया में नहीं रही. पिता ने कंपनी के इस व्यवहार को अमानवीय बताया है.

पिंकी के पिता शिवकुमार माली ने बताया कि हादसे से एक दिन पहले ही उनकी बेटी से बात हुई थी. पिंकी ने बताया था कि वो अजित दादा के साथ फ्लाइट में बारामती जा रही है. वहां से उसे नांदेड़ जाना था. उसने पिता से कहा था कि होटल पहुंचकर कॉल करेगी. पिता उस कॉल का इंतजार करते रहे लेकिन फोन की घंटी नहीं बजी. अचानक टीवी पर खबर चली और पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई. जिस कंपनी (MGR Ventures) के लिए बेटी ने जान लगा दी, उसने परिवार को सूचना देना तक गंवारा नहीं समझा.

शव लाने के लिए खुद करना पड़ा इंतजाम, कंपनी का कोई बंदा नहीं मिला
शिवकुमार माली का गुस्सा कंपनी की लापरवाही पर फूट पड़ा. उन्होंने बताया कि वे अपने दोस्तों की मदद से बारामती पहुंचे. वहां न तो कंपनी का कोई अधिकारी मौजूद था और न ही कोई प्रतिनिधि. शव को वापस लाने के लिए एंबुलेंस का इंतजाम भी खुद करना पड़ा. मुंबई से बारामती की दूरी 250 किमी से ज्यादा है, परिवार अपने खर्च पर वहां पहुंचा. पिता ने कहा कि अगर मेरी जगह कोई गरीब आदमी होता तो वो क्या करता. कंपनी ने न सांत्वना दी और न ही कोई मदद की पेशकश की.

‘हाईस्पीड फ्लाइट लैंडिंग के वक्त कैसे गिरी’, पिता ने मांगी जांच
पिंकी के पिता ने हादसे की वजहों पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि यह एक हाईस्पीड फ्लाइट थी. लैंडिंग के वक्त एक्सीडेंट क्यों हुआ, इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए. उन्होंने भावुक होकर कहा, ‘एक पिता होने के नाते मुझे पता होना चाहिए कि मेरी बेटी की जान किस कारण गई.’ उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा कि 1989 में नौकरी छूटने के बाद भी उन्होंने बेटी को पढ़ाया और काबिल बनाया. पिंकी के पति सोमविकर सैनी ने भी कहा कि उन्हें पैसे नहीं चाहिए थे, बस थोड़ी इंसानियत की उम्मीद थी.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

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‘होटल पहुंचकर कॉल करूंगी’, पिंकी का वो आखिरी वादा जो कभी पूरा नहीं हुआ

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