‘साफ-सुथरी नहीं खूबसूरत उलझन है’, जीनत अमान ने बयां की जिंदगी की कड़वी हकीकत
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एक्ट्रेस जीनत अमान ने अपनी ताजा इंस्टाग्राम पोस्ट में जीवन की कड़वी हकीकत और दिखावे के बीच के अंतर को बेबाकी से बयां किया है. उन्होंने बताया कि हम अक्सर एक भ्रम में जीते हैं कि जिंदगी साफ-सुथरी होती है, जबकि असलियत में हर जीवन उलझा हुआ और ‘गड़बड़’ होता है. जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में शामिल होने के बाद उन्होंने साहित्य को सहानुभूति का जरिया बताया. जीनत ने संदेश दिया कि सुकून परफैक्शन में नहीं, बल्कि अपनी कमियों को स्वीकार करने में है. उन्होंने फैंस से अपनी उलझनों को बोझ बनाने के बजाय उन्हें मजेदार बनाने की अपील की.
जीनत अमान का बेबाक बयान.नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा की एवरग्रीन एक्ट्रेस जीनत अमान आजकल अपनी फिल्मों से ज्यादा अपनी बौद्धिक और बेबाक सोशल मीडिया पोस्ट्स के लिए चर्चा में रहती हैं. हाल में उन्होंने इंस्टाग्राम पर जीवन की सच्चाई, दिखावे और मानवीय स्वभाव पर एक ऐसी पोस्ट साझा की, जिसने फैंस को सोचने पर मजबूर कर दिया है. जीनत अमान का मानना है कि हम सभी एक बड़े भ्रम में जीते हैं कि जिंदगी को पूरी तरह व्यवस्थित और साफ-सुथरी बनाया जा सकता है. उन्होंने लिखा, “सच तो यह है कि कोई भी जिंदगी परफेक्ट नहीं होती. हम अक्सर दूसरों की जिंदगियों को आदर्श मान लेते हैं क्योंकि हम उनके बारे में बहुत कम जानते हैं. दरवाजे पर जो चेहरा दिखता है, उसके पीछे का फैलाव बहुत बड़ा और पेचीदा होता है.”
जीनत ने बेबाकी से स्वीकार किया कि हर इंसान के भीतर कुछ ‘अनदेखे शैतान’ होते हैं—जैसे लालच, जलन, धोखा, वासना और हिंसा. उनके अनुसार, दुनिया के सामने हम खुद को बहुत सावधानी से ‘पैक’ करके पेश करते हैं, लेकिन भीतर हम सब उलझे हुए हैं. यही कारण है कि ‘गॉसिप’ यानी दूसरों की निजी बातें लोगों को इतनी आकर्षित करती हैं, क्योंकि वे दिखावे के पीछे की कमियों को उजागर करती हैं. जीनत हाल में जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में शामिल हुईं. उन्होंने बताया कि साहित्य हमें दूसरों की जिंदगी को गहराई और सहानुभूति से समझने का मौका देता है. उनके लिए किताबें केवल पन्ने नहीं, बल्कि जीवन की उलझनों को सुलझाने का जरिया हैं. उन्होंने अपने ‘नाइटस्टैंड’ पर रखी पसंदीदा किताब, तरुण जे. तेजपाल की ‘द अल्केमी ऑफ डिजायर’ का भी जिक्र किया.
(फोटो साभार: Instagram@thezeenataman)
सलीके से जी गई ‘गड़बड़’ जिंदगी
जीनत ने अपनी पोस्ट में अपने निजी पलों की भी झलक साझा की. गरमा-गरम वेजिटेरियन बिरयानी, उनके पसंदीदा पाउडर ब्लू बिर्केनस्टॉक्स फुटवियर और चाय का कलेक्शन—ये छोटी चीजें उन्हें सुकून देती हैं. उन्होंने अपने एक नए टैटू का जिक्र कर सस्पेंस भी बनाया, जिसकी कहानी वे बाद में साझा करेंगी.
परफैक्शन एक मिथक है
जीनत अमान ने पोस्ट के अंत में अपने फैंस को एक बहुत ही पॉजिटिव मैसेज दिया. उन्होंने कहा कि जिंदगी की सफाई एक मिथक (Myth) है. सुकून इस बात में है कि हम अपनी जिंदगी की उलझनों और ‘गड़बड़’ को स्वीकार करें. समय तब सबसे अच्छा बीतता है, जब हम अपनी इस अस्त-व्यस्त जिंदगी को बोझ बनाने के बजाय उसे मजेदार बनाना सीख जाते हैं. जीनत ने अपने फॉलोअर्स से उनकी पसंदीदा किताबों की लिस्ट भी मांगी, ताकि एक शानदार ‘रीडिंग लिस्ट’ तैयार की जा सके. उनकी यह पोस्ट हमें सिखाती है कि असल खूबसूरती परफैक्शन में नहीं, बल्कि अपनी खामियों को स्वीकार करने में है.
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अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें