SIR Update in Hindi | Congress Complaint to EC: Misuse of Form-7 and Voter List Deletion Scandal | चुनाव आयोग को कांग्रेस की चिट्ठी: फॉर्म-7 के दुरुपयोग और वोटर लिस्ट से नाम हटाने का आरोप
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SIR Form-7 News: कांग्रेस ने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर ‘फॉर्म-7’ के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है. पार्टी का दावा है कि एक सोची-समझी साजिश के तहत दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक और बुजुर्ग मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काटे जा रहे हैं. कांग्रेस ने राजस्थान और असम समेत कई राज्यों में बीजेपी कार्यकर्ताओं पर फर्जी फॉर्म भरने का आरोप लगाते हुए आयोग से तुरंत हस्तक्षेप और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से पूछा- क्यों चुपचाप काटे जा रहे हैं बुजुर्गों के वोट? (Photo : PTI)नई दिल्ली: कई राज्यों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बीच, कांग्रेस ने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखी है. इसमें आरोप लगाया गया है कि ‘फॉर्म-7’ का गलत तरीके से इस्तेमाल करके लाखों वैध मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं. कांग्रेस का दावा है कि यह कोई सामान्य गलती नहीं बल्कि चुनावी लाभ लेने के लिए एक संगठित साजिश है. पार्टी ने अपनी शिकायत में कहा है कि इस खेल में सबसे ज्यादा निशाना एससी, एसटी, अल्पसंख्यक और 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों को बनाया जा रहा है. कांग्रेस के अनुसार, कई राज्यों में लाखों की संख्या में ऐसे वोटरों की पहचान करके उनके नाम काटने की कोशिश की जा रही है जो सत्ताधारी दल के खिलाफ हो सकते हैं.
कैसे हो रहा है ‘फॉर्म-7’ का खेल?
वोटर लिस्ट में नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 का इस्तेमाल किया जाता है. कांग्रेस का आरोप है कि इस बार पहले से प्रिंट किए गए फॉर्म बड़े पैमाने पर जमा किए जा रहे हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि कई आपत्तिकर्ताओं की पहचान ही साफ नहीं है. कहीं फर्जी नाम हैं, तो कहीं गलत पहचान पत्र नंबर और अमान्य मोबाइल नंबर दिए गए हैं.
कुछ मामलों में तो उन लोगों ने सार्वजनिक रूप से बयान दिया है जिनके नाम से आपत्ति दर्ज की गई थी. उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने कभी कोई फॉर्म-7 भरा ही नहीं. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बीजेपी से जुड़े बूथ लेवल एजेंट इसमें बड़ी भूमिका निभा रहे हैं. असम, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से ऐसी हजारों शिकायतें मिली हैं.
चुनाव आयोग से कांग्रेस की क्या मांग है?
कांग्रेस ने चुनाव आयोग को 1950 के कानून की याद दिलाई है. इसके तहत वोटर लिस्ट में गलत जानकारी देना या धोखाधड़ी करना सजा के दायरे में आता है. कांग्रेस की मांग है कि चुनाव आयोग तुरंत इन शिकायतों की जांच करे. जिन मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं, उन्हें तुरंत बहाल किया जाए.
पार्टी ने कहा है कि अगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह लोकतंत्र के साथ बड़ा खिलवाड़ होगा. कांग्रेस ने इसे मताधिकार छीनने की एक गहरी साजिश करार दिया है. अब सबकी नजरें चुनाव आयोग पर हैं कि वह इन गंभीर आरोपों पर क्या कदम उठाता है.
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दीपक वर्मा (Deepak Verma) एक पत्रकार हैं जो मुख्य रूप से विज्ञान, राजनीति, भारत के आंतरिक घटनाक्रमों और समसामयिक विषयों से जुडी विस्तृत रिपोर्ट्स लिखते हैं. वह News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़…और पढ़ें