दिल्ली में भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक, 22 देश शामिल

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India Arab Foreign Ministers Meet: भारत-अरब विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक 31 जनवरी को नई दिल्ली में होगी, जिसमें मबे मोहम्मद, वार्सेन अगाबेकियन शाहीन, मोहिउद्दीन सलीम अहमद इब्राहिम समेत 22 अरब देशों के मंत्री शामिल होंगे.

दिल्ली में 22 अरब देशों के विदेश मंत्रियों की जमघट, नजारा देख जल-भून जाएगा पाकइस सम्मेलन के लिए सूडान के विदेश मंत्री मोहिल्दीन सलीम अहमद इब्राहिम दिल्ली पहुंच गए हैं.

India Arab Foreign Ministers Meet: भारत-अरब विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक में शामिल होने के लिए कई देशों के विदेश मंत्री दिल्ली पहुंचने लगे हैं. यह महत्वपूर्ण बैठक 31 जनवरी को आयोजित की गई है. इसका उद्देश्य भारत और अरब देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करना और साझेदारी को नई दिशा देना है. गुरुवार को कोमोरोस के विदेश मंत्री मबे मोहम्मद, फिलिस्तीन की विदेश मंत्री वार्सेन अगाबेकियन शाहीन और सूडान के विदेश मंत्री मोहिउद्दीन सलीम अहमद इब्राहिम नई दिल्ली पहुंचे. इन प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह दौरा द्विपक्षीय साझेदारी और लोगों के बीच संपर्क को और गहरा करेगा.

विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत इस बार इस उच्चस्तरीय बैठक की मेजबानी कर रहा है और इसका सह-अध्यक्ष भारत और संयुक्त अरब अमीरात करेंगे. बैठक में अरब लीग के सभी सदस्य देशों के विदेश मंत्री और अरब लीग के महासचिव भी हिस्सा लेंगे. विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह बैठक करीब 10 साल बाद हो रही है. पहली भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक 2016 में बहरीन में आयोजित हुई थी. उस समय मंत्रियों ने सहयोग के लिए पांच प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की थी, जिसमें अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, शिक्षा, मीडिया और संस्कृति शामिल हैं. इन क्षेत्रों में साझा गतिविधियों और परियोजनाओं का रोडमैप तैयार किया गया था. भारत, अरब देशों के संगठन ‘लीग ऑफ अरब स्टेट्स’ (एलएएस) का एक पर्यवेक्षक (ऑब्जर्वर) है. इस संगठन में कुल 22 सदस्य देश शामिल हैं.

दिल्ली में पहली बार हो रही ये बैठक

विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह पहली बार है जब यह बैठक नई दिल्ली में आयोजित हो रही है और इसमें सभी 22 अरब देशों की भागीदारी होगी. इन देशों की ओर से विदेश मंत्री, अन्य मंत्री, राज्य मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी सम्मेलन में शामिल होंगे. इस मुख्य बैठक से पहले 30 जनवरी को चौथी भारत-अरब वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक भी आयोजित की जाएगी.

भारत-अरब विदेश मंत्रियों की यह बैठक दोनों पक्षों के रिश्तों को आगे बढ़ाने वाला सबसे उच्च संस्थागत मंच है. यह साझेदारी औपचारिक रूप से मार्च 2002 में शुरू हुई थी, जब भारत और अरब लीग के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिससे नियमित संवाद की प्रक्रिया को संस्थागत रूप दिया गया.

विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि दिसंबर 2008 में तत्कालीन अरब लीग महासचिव अम्र मूसा की भारत यात्रा के दौरान अरब-भारत सहयोग मंच की स्थापना के लिए एक सहयोग ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए थे, जिसे बाद में 2013 में संरचनात्मक बदलावों के साथ संशोधित किया गया. इससे पहले बुधवार को विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि 20 देशों के विदेश मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भारत-अरब एफएमएम (विदेश मंत्रियों की बैठक) और चौथी एसओएम ( वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक) 2026 में अपनी भागीदारी की पुष्टि कर दी है.

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संतोष कुमार

न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें

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