Mango cultivation : अभी से कर लिया ये काम, नहीं लगेगा रोग, आम से टूटने लगेंगी डालियां, मंजर न आने पर छिड़काव जरूरी

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Mango Gardening : कुछ दिनों बाद आम के पेड़ में मंजर आने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. इसे लेकर किसानों को पहले से सावधान होने की जरूरत है. लोकल 18 ने इस बारे में श्री मुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय बलिया के मृदा विज्ञान और कृषि रसायन विभाग के प्रो. अशोक कुमार सिंह से बात की. वे बताते हैं कि इस समय चूना और कॉपर सल्फेट का घोल बनाकर जमीन से 4 फीट तक पौधे को पेंट कर दें. अगर बगीचे में नमी कम हो, तो सिंचाई जरूर करें ताकि नमी की कमी न हो.

बलिया. जो किसान आम की बागवानी करते हैं, उनके लिए वह समय आ गया है, जब बंपर पैदावार लेने के उपाय किए जाते हैं. कुछ शानदार टिप्स अपनाकर आम की पैदावार को दोगुनी बढ़ाई जा सकती है. अब कुछ दिनों बाद आम के पेड़ में मंजर आने की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसको लेकर किसानों को पहले से ही सावधान होने की जरूरत होती है. श्री मुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय बलिया के मृदा विज्ञान और कृषि रसायन विभाग के HOD प्रो. अशोक कुमार सिंह के अनुसार, आम भारत का प्रमुख फल माना जाता है. अब आम में मंजर (बौर) आने का समय आ रहा है. अब किसानों को विशेष ध्यान देने की जरूरत पड़ेगी. आम के पेड़ में जितना फूल आते हैं, उतना फल नहीं लगता है. अगर सभी फूल फल बन जाए, तो पूरा पेड़ टूट जाएगा.

फूल आने के बाद इसमें छोटे-छोटे दाने बनने शुरू होते हैं. अगर इसमें सावधानी की बात करें, तो इस समय चूना और कॉपर सल्फेट का घोल बनाकर जमीन से लगभग 4 फीट ऊंचाई तक अगर पौधा बड़ा है, तो पेंटिंग कर दें. इससे पौधा दूर से ही सफेद रंग का दिखने लगता है. एक कीड़ा होता है, जो जमीन से चढ़कर पेड़ के ऊपर जाता है, जो ऊपर नहीं जा पाएगा और इस कीड़े के नुकसान से भी पेड़ को बचाएगा. दूसरा उपाय, अगर बाग बगीचे में नमी कम हो, तो इस समय सिंचाई जरूर करें ताकि नमी की कमी न हो. एक काम और करें, अगर मंजर नहीं आए हैं, तो बाजार में सूक्ष्म पोषक तत्वों का एक घोल मल्टीप्लेक्स या माइक्रोन्यूट्रिएंट्स के नाम से आता है, उसका छिड़काव जरूर कर दें. अगर यह नहीं मिल पा रहा है, तो बोरान का छिड़काव करें. यह बोरीक या बोरेक्स के नाम से आता है.

ये दवाएं भी काम कीं

प्रो. अशोक बताते हैं कि 2 ग्राम दवा को 1 लीटर गुनगुने पानी में घोल बनाकर मशीन से स्प्रे कर दें. इससे पेड़ को जरूरी पोषक तत्व मिलेंगे और फूल फल अच्छे से आएंगे. आगे चलकर जब दाने बनने लगते हैं तब कीड़े के साथ फफूंद की भी समस्या आती है. यह कीड़ा फूल के रस को चूसना शुरू करता है. इससे बचाव के लिए साइपर मेथ्रीन, अल्फा मेथ्रिन या डेल्टा मेथ्रिन इन्हें डेढ़ मिलीलीटर दवा 1 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव कर दें.

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Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें

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