‘जब देश का युवा पढ़ेगा, तभी तो बढ़ेगा’, बजट 2026 को लेकर आम जनता को उम्मीद, क्या बोले बनारसी
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Budget 2026 Public Opinion: साल 2026 का बजट सरकार 1 फरवरी को पेश करने वाली है. इस बजट को लेकर आम जनता को ढ़ेरो उम्मीदे हैं. इस बजट से वाराणसी के युवाओं को भी खूब अपेक्षाएं हैं. युवाओं का कहना है कि यह बजट भी मोदी सरकार के पिछले बजट की तरह बहुमुखी विकास वाला होगा.
वाराणसी: संसद में बजट सत्र की शुरुआत हो गई है. 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में देश का आम बजट पेश करेंगी. इस आम बजट को लेकर युवा, स्टूडेंट्स और व्यवसायियों की अपनी अपनी उम्मीदें हैं. इस बजट से वाराणसी के युवाओं को भी खूब अपेक्षाएं हैं. युवाओं का कहना है कि यह बजट भी मोदी सरकार के पिछले बजट की तरह बहुमुखी विकास वाला होगा.
पतंजलि पाण्डेय ने कहा कि यह बजट ऐसा होना चाहिए, जिससे वैश्विक बाजार में जो चीजें दिख रही हैं, उसका असर भारत पर न पड़े. हालांकि बीते दिनों यह देखा भी गया कि ट्रम्प के टैरिफ का असर भी अब कम हुआ है.
‘इज ऑन डूइंग बिजनेस’ को बढ़ाने पर जोर
उन्होंने कहा कि सरकार को ‘इज ऑन डूइंग बिजनेस’ को बढ़ाने के लिए भी इस बजट में कुछ खास प्रावधान करना चाहिए. इसके अलावा युवा बिजनेस की तरफ बढ़े, इसके लिए भी विशेष पैकेज का ऐलान इस बजट में हो. इसके अलावा स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर को भी बढ़ाने के लिए भी इसमें प्रावधान होना चाहिए. इसके अलावा शिक्षा के बजट में भी सरकार को इजाफा करना चाहिए.
शिक्षा और रोजगार पर हो जोर
वहीं अभिजीत ने कहा कि आज देश के युवाओं को जरूरत है शिक्षा और रोजगार की. उन्हें उम्मीद है कि आने वाले बजट में शिक्षा के लिए विशेष घोषणा होनी चाहिए. नए यूनिवर्सिटी, नए कॉलेज शुरू करने के लिए भी इसमें प्रवाधान होना चाहिए. इसके अलावा शैक्षणिक सामग्री से जुड़ी चीजें भी सस्ती होनी चाहिए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को दिक्कत न हो.
सरकार बढ़ाए शिक्षा का बजट
वहीं इस मामले में बीएचयू के शोध छात्र शिवम सोनकर ने कहा कि सरकार जो भी बजट पेश करती है, उसके कुल बजट का महज 4 से 5 फीसदी हिस्सा शिक्षा के क्षेत्र में खर्च होता है. इस नाम पर हजारों करोड़ रुपये जारी होते हैं, लेकिन उसके बाद भी स्टूडेंट्स को यूनिवर्सिटी में शत-प्रतिशत हॉस्टल नहीं मिलता. उन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार इस बजट में शिक्षा का बजट बढ़ाएगी, जिससे यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स को मिलने वाली सुविधाएं बढ़े. जब देश का युवा पढ़ेगा, तो हर क्षेत्र में हमारा देश तरक्की करेगा.
स्वदेशी चीजों को बढ़ाने पर जोर
एक अन्य युवा विकास ने कहा कि वर्तमान समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाला समय है. ऐसे में इस बजट में AI के लिए भी विशेष पैकेज होना चाहिए. इसके अलावा इस बजट में स्वदेशी चीजों को बढ़ाने पर जोर देना चाहिए, क्योंकि इन स्वदेशी चीजों को अपनाने से ही भारत आत्मनिर्भर होगा और फिर उसे अमेरिका के टैरिफ से भी डरने की कोई जरूरत नहीं होगी. इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य पर भी विशेष कुछ पैकेज इस बजट में होना चाहिए.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.