Sim Box Cyber Fraud Bihar: सिम-बॉक्स और कंबोडिया का आका… बिहार का आरा कैसे बना अंतरराष्ट्रीय ठगों का अड्डा? आबादी 2000 और कॉल 20,000!

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Sim Box Cyber Fraud Bihar: बिहार के भोजपुर जिले के नारायणपुर इलाके से महज तीन दिनों में 20000 कॉल्स ने जांच एजेंसियों को चौंका दिया. भलुनी गांव के एक कच्चे मकान से कथित तौर पर SIM-Box के जरिए अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड चलाया जा रहा था. इस नेटवर्क का कनेक्शन कंबोडिया और थाईलैंड से जुड़ा पाया गया है. मामले की जांच अब CBI कर रही है.

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आबादी 2000, कॉल 20 हजार! बिहार का आरा कैसे बना इंटरनेशनल ठगों का हबभोजपुर के भलुनी गांव से 20,000 कॉल्स, SIM-Box और कंबोडिया कनेक्शन. (फोटो AI)

Sim Box Cyber Fraud Bihar: बिहार का भोजपुर जिला. आरा से करीब 35-40 किलोमीटर दूर एक छोटा सा इलाका नारायणपुर. जनगणना के मुताबिक आबादी सिर्फ 2125. न कोई आईटी पार्क, न कोई बड़ी फैक्ट्री और न ही मोबाइल नेटवर्क का कोई बड़ा हब. लेकिन इसी इलाके से महज तीन दिनों में 20000 से ज्यादा कॉल्स हुईं. कॉल्स भारत के अलग-अलग राज्यों में गईं. और इन कॉल्स की जड़ जुड़ती चली गई कंबोडिया और थाईलैंड जैसे देशों में बैठे साइबर ठगों से. यहीं से कहानी एक छोटे गांव भलुनी तक पहुंचती है. एक नीले दरवाजे वाले कच्चे मकान तक. जहां से कथित तौर पर चलता रहा अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड का नेटवर्क.

सवाल बड़ा है. क्या एक जमीनविहीन किसान का घर इंटरनेशनल साइबर रैकेट का हिस्सा हो सकता है? क्या सिम-बॉक्स जैसी हाई-टेक मशीनें गांव के खेतों के बीच रखी जा सकती हैं? और अगर हां, तो किसके इशारे पर? इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई, टेलीकॉम विभाग और अब CBI की जांच इसी पहेली को सुलझाने में जुटी है. 20000 कॉल्स, 67 संदिग्ध नंबर, चार सिम-बॉक्स और करोड़ों के नुकसान का दावा. यही वजह है कि आरा और भलुनी आज राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर क्राइम की बहस के केंद्र में हैं.
  • जुलाई 2025 में नारायणपुर इलाके से असामान्य कॉल ट्रैफिक पकड़ा गया. 5 से 7 जुलाई के बीच करीब 20,000 कॉल्स रिकॉर्ड हुईं. डिजिटल इंटेलिजेंस यूनिट को अवैध SIM-Box सेटअप का शक हुआ. कॉल्स का सोर्स अंतरराष्ट्रीय VoIP नेटवर्क से जुड़ा पाया गया. ऑपरेशन का लिंक कंबोडिया और थाईलैंड तक मिला.
  • जांच में भलुनी गांव के मुकेश कुमार का घर चिन्हित हुआ.घर से 4 SIM-Box, 186 SIM कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए. SIM कार्ड अलग-अलग राज्यों से फर्जी तरीके से एक्टिवेट था. टेलीकॉम विभाग को करीब 50 करोड़ के नुकसान का अनुमान. इसके बाद CBI ने 9 जनवरी को केस अपने हाथ में लिया.

SIM-Box क्या होता है?

यह एक ऐसी डिवाइस है, जिसमें सैकड़ों SIM कार्ड लगाकर इंटरनेट कॉल्स को लोकल मोबाइल कॉल की तरह दिखाया जाता है. इससे कॉल की असली लोकेशन छिप जाती है.

साइबर ठग इसका इस्तेमाल क्यों करते हैं?

ताकि विदेश से आने वाली कॉल भारतीय नंबर लगे. पीड़ित को शक न हो. बैंक फ्रॉड, OTP ठगी और डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराध इसी से किए जाते हैं.

मुकेश कुमार की भूमिका क्या थी?

पुलिस के मुताबिक वह दो साल से SIM-Box चला रहा था. परिवार का दावा है कि उसे मशीन के इस्तेमाल की पूरी जानकारी नहीं थी.

क्या यह अकेला मामला है?

नहीं. सुपौल समेत बिहार के अन्य इलाकों में भी ऐसे नेटवर्क सामने आए हैं. सभी का कनेक्शन साउथ-ईस्ट एशिया से जुड़ता दिख रहा है.

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Sumit Kumar

सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 3 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें

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