चिकन-मछली की बिक्री पर बैन? इस तारीख को पूरे शहर में मीट नहीं खरीद सकते, चौंकाने वाली वजह

Share to your loved once


Last Updated:

इस शहर में मीट मछली की बिक्री पर रोक लग रहा है. दरअसल, नगरपालिका ने एक सर्कुलर जारी किया है जिसमें उसके अधिकार क्षेत्र में आने वाले स्लॉटरहाउस में जानवरों को काटने और मीट की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश दिया गया है. कहां का है पूरा मामला जानते हैं.

चिकन-मछली की बिक्री पर बैन! इस तारीख के बाद पूरे शहर में नहीं मिलेगा मीटइस शहर में चिकन और मछली की बिक्री पर लगा बैन. (एआई इमेज)

अगर आप वीकेंड पर दोस्तों संग हाउस पार्टी का प्लान कर रहे हैं और पार्टी में मांसाहारी भोजन की तैयारी कर रहे हैं, तो सावधान हो जाइये क्योंकि हो सकते हैं कि आपके एरिया में मांस-मछली की बिक्री बैन हो गई हो. पता चला आप मार्केट गए और आपको सरप्राइज मिल जाए. दरअसल, ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी ने चिकन, मछली और मटन समेत मीट की बिक्री पर एक दिन का बैन लगा दिया है. इसकी वजह से आस-पड़ोस की दुकानें बंद हो गई हैं.

बेंगलुरु में मीट पसंद करने वालों को आज परेशानी हो सकती है, क्योंकि 30 जनवरी को पूरे शहर में मछली, चिकन और मटन की बिक्री पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया है. यह बैन सर्वोदय दिवस के मौके पर लगाया गया है, जो हर साल महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर मनाया जाता है. ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी ने एक सर्कुलर जारी किया है जिसमें उसके अधिकार क्षेत्र में आने वाले स्लॉटरहाउस में जानवरों को काटने और पूरे शहर में दुकानों में मीट की बिक्री पर पूरे दिन रोक लगाने का निर्देश दिया गया है.

क्यों लगाया जा रहा है बैन?

हर साल 30 जनवरी को महात्मा गांधी की याद में सर्वोदय दिवस मनाया जाता है, जिनकी 1948 में इसी दिन हत्या कर दी गई थी. इस मौके पर, सिविक अथॉरिटी पारंपरिक रूप से बेंगलुरु में मीट की बिक्री पर रोक लगाती हैं.

बैन से पहले चिकन की कीमतों में उछाल

यह एक दिन का बैन ऐसे समय में लगाया गया है जब बेंगलुरु में चिकन की कीमतें पहले ही तेज़ी से बढ़ चुकी हैं, जिससे घर के खाने के बजट पर और दबाव पड़ रहा है. शहर में चिकन की कीमतें लगभग 340 रुपये से बढ़कर 350 रुपये प्रति केजी हो गई हैं, जिससे कई नॉन-वेज खाने वालों के लिए यह महंगा हो गया है. दिसंबर से कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जब चिकन 260 रुपये से 280 रुपये प्रति केजी बिक रहा था. अभी के रेट 350 रुपये को पार कर रहे हैं. ट्रेडर्स का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में कीमतें 370 रुपये से 380 रुपये प्रति केजी तक पहुंच जाएं तो कोई हैरानी की बात नहीं होगी.

चिकन की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?

कीमतों में इस बढ़ोतरी का कारण तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों में पोल्ट्री किसानों का विरोध बताया जा रहा है. किसान बढ़ते मेंटेनेंस और प्रोडक्शन कॉस्ट का हवाला देते हुए कंपनियों से ज़्यादा पेमेंट की मांग कर रहे हैं. बेंगलुरु और कर्नाटक के कई हिस्से तमिलनाडु से चिकन सप्लाई पर बहुत ज़्यादा निर्भर हैं. चल रहे विरोध प्रदर्शनों और चिकन प्रोडक्शन में गिरावट ने सप्लाई चेन में रुकावट डाली है. इस वजह से, सप्लाई डिमांड को पूरा नहीं कर पा रही है, जिससे पूरे राज्य में कीमतें बढ़ रही हैं.

रिपोर्टिंग: आशिक मुल्की, न्यूज़18 कन्नड़, बेंगलुरु

About the Author

Deep Raj Deepak

दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें

homenation

चिकन-मछली की बिक्री पर बैन! इस तारीख के बाद पूरे शहर में नहीं मिलेगा मीट

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP