ugc rules controversy | Parliament Budget Session | ugc rules kya hai | UGC नियमों पर अब संसद में आर पार, प्रियंका चतुर्वेदी बोलीं-वापस लिया जाए
नई दिल्ली. संसद का बजट सत्र बुधवार को शुरू हो रहा है. लेकिन आगाज के साथ ही विपक्ष के तेवर तीखे हो गए हैं. शिवसेना (UBT) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए ड्राफ्ट नियमों को लेकर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर सीधा हमला बोला है. प्रियंका ने साफ कर दिया है कि अगर इन नियमों को वापस नहीं लिया गया, तो वह सड़क से लेकर संसद तक सरकार को घेरेंगी. उधर, तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष ने कहा, हमने सर्वदलीय बैठक में फिर दोहराया है कि एसआईआर की प्रक्रिया जो पश्चिम बंगाल में चल रही है, इसकी चर्चा बजट सत्र में होनी चाहिए.
सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा दी गई सफाई को पूरी तरह खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा, “शिक्षा मंत्री ने जो सफाई दी है, उसमें कोई दम नहीं है. सरकार को इन नियमों को तुरंत वापस लेना चाहिए. अगर ऐसा नहीं हुआ, तो मैं संसद के बजट सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाऊंगी.”
‘कैंपस में जहर घोलेंगे ये नियम’
UGC की नई गाइडलाइंस पर गहरी चिंता जताते हुए प्रियंका ने कहा कि इससे यूनिवर्सिटी कैंपस में ‘जहर’ फैलेगा. उन्होंने आशंका जताई कि इन नियमों का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हो सकता है. उनका कहना है कि “UGC के नियम समावेशी होने चाहिए और उनमें पूरी स्पष्टता होनी चाहिए, लेकिन मौजूदा ड्राफ्ट में कन्फ्यूजन ज्यादा है.”
‘सामान्य वर्ग को भी हो शिकायत का हक’
नियमों में भेदभाव का मुद्दा उठाते हुए शिवसेना सांसद ने कहा कि अन्याय किसी के भी साथ हो सकता है. उन्होंने कहा, “किसी के साथ गलत हो तो शिकायत का अधिकार सबको होना चाहिए. अगर सामान्य वर्ग के छात्र के साथ अन्याय होता है, तो उसे भी शिकायत का अधिकार मिलना चाहिए.”
‘गलत को गलत कहना राजनीति नहीं’
इंडिया ब्लॉक के स्टैंड पर पूछे गए सवाल पर प्रियंका ने स्पष्ट कहा कि उन्हें गठबंधन के फैसले की जानकारी नहीं है, लेकिन उनके लिए स्टैंड साफ है. उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता इंडिया ब्लॉक क्या फैसला लेगा, लेकिन जो गलत है, वह गलत है. हर मसले को राजनीतिक दायरे से नहीं देखा जाना चाहिए.” उन्होंने यह भी याद दिलाया कि उन्होंने पहले भी रोहित वेमुला और मुसलमानों से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाया था और अब छात्रों के भविष्य से जुड़े इस UGC के मसले पर भी वे चुप नहीं बैठेंगी. आज संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ बजट सत्र की शुरुआत हो रही है, और प्रियंका चतुर्वेदी के तेवरों से साफ है कि यह सत्र हंगामेदार रहने वाला है.
सरकार ने ठुकराई G-RAM-G और SIR पर चर्चा की मांग
संसद में सरकार और विपक्ष के बीच तकरार फिर बढ़ गई है. सरकार ने विपक्ष द्वारा G-RAM-G और SIR से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की मांग को ठुकरा दिया है. विपक्षी दल इन दोनों विषयों को लेकर सदन में स्थगन प्रस्ताव लाकर तत्काल बहस की मांग कर रहे थे. संसदीय कार्यमंत्री ने किरेन रिजिजू ने कहा कि बजट सत्र के दौरान हर चर्चा बजट पर ही केंद्रित रहे, नियम यही कहता है. विपक्ष अपने मुद्दे उठाएं, लेकिन हंगामा न करें. सरकार के इनकार के बाद विपक्ष ने सत्ता पक्ष पर सवालों से भागने और तथ्यों को छिपाने का आरोप लगाया.