जब बॉक्स ऑफिस पर भिड़े अमिताभ बच्चन-सनी देओल, बाजी मार ले गए धर्मेंद्र, तोड़ा ‘बिग बी’ का घमंड – Amitabh bahchchan Toofan Jadugar movies clash Border 2 Sunny Deol nigahen film both got flop elan a jung dharmendra Dharmendra won race dramatically
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Amitabh Bachchan Vs Dharmendra Movie : 70 और 80 के दशक में अमिताभ बच्चन को बॉक्स ऑफिस पर कोई चुनौती नहीं दे पाया. 1975 में आई दीवार फिल्म के बाद वो बॉलीवुड के सबसे बड़े स्टार के रूप में उभरे. 1975 से 1985 के बीच पूरे 10 साल तक उन्होंने बॉलीवुड में एकछत्र राज किया. इस दौरान अमिताभ की फिल्में उनके नाम से बिकती थीं. जब उनकी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर रिलीज होती थी तो किसी दूसरे बड़े स्टार की फिल्में इस दौरान रिलीज नहीं होती थीं. 15-20 दिन तक कोई बड़ी फिल्म नहीं आती थी. कोई भी प्रोड्यूसर अमिताभ की फिल्म से टकराने का रिस्क नहीं लेता था. 1985 के बाद बॉलीवुड में हालात बदले. नए स्टार आए. ऐसे में 1989 में अमिताभ बच्चन को बॉक्स ऑफिस पर सनी देओल ने टक्कर देने की कोशिश की. दोनों स्टार्स की लड़ाई में फायदा धर्मेंद्र को हुआ. उनकी फिल्म ने बाजी मार ली. ये फिल्में कौन सी थीं, आइये जानते हैं……..

साल था 1989. बॉलीवुड का मिजाज बदल रहा था. सनी देओल-अनिल कपूर जैसे नए सितारे इंडस्ट्री में पैर जमा रहे थे. अगस्त का महीना था. अमिताभ बच्चन की दो बड़ी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हुईं. एक फिल्म प्रकाश मेहरा के बैनर तले बनी थी तो दूसरी मनमोहन देसाई के बेटे केतन देसाई के निर्देशन में बनी थी. दोनों ही फिल्में 15 दिन के अंतराल में रिलीज हुईं. ये दोनों फिल्में थीं : तूफान और जादूगर. 11 अगस्त 1989 को रिलीज हुई तफान फिल्म केतन देसाई की थी जबकि जादूगर प्रकाश मेहरा के निर्देशन में बनी थी. 11 अगस्त को ही हर्मेश मल्होत्रा के डायरेक्शन में बनी सनी देओल-श्री देवी की फिल्म ‘निगाहें’ रिलीज हुई. यह फिल्म 1986 की नगीना का सीक्वल थी. यानी लंबे समय बाद अमिताभ को बॉक्स ऑफिस पर किसी ने टक्कर देने की कोशिश की थी लेकिन बाजी धर्मेंद्र की मूवी के हाथ लगी. यह फिल्म कौन सी थी, आइये जानते हैं………

सबसे पहले बात करते हैं अमिताभ बच्चन की तूफान फिल्म की. यह एक सुपरहीरो टाइप की फिल्म थी जिसका निर्देशन केतन देसाई ने किया था. फिल्म में अमिताभ का डबल रोल था. अमृता सिंह, मीनाक्षी शेषाद्रि, प्राण और फारुख शेख अहम भूमिकाओं में थे. यह फिल्म 1987 में लॉन्च हुई थी लेकिन फिल्म का काफी हिस्सा फिर से शूट किया गया. स्वतंत्रता दिवस के वीकेंड को ध्यान में रखकर इस मूवी को 11 अगस्त 1989 को रिलीज किया. फिल्म की ओपनिंग जबर्दस्त रही लेकिन दूसरे ही हफ्ते में फिल्म धड़ाम हो गई. इससे पहले अमिताभ बच्चन की गंगा-जमुना-सरस्वती फिल्म फ्लॉप हो गई थी. फिल्म का म्यूजिक अनु मलिक ने दिया था. गीत इंदीवर ने लिखे थे. म्यूजिक बहुत ही औसत रहा था.

सबसे दिलचस्प बात यह है कि बॉक्स ऑफिस पर तूफान का क्लैश सनी देओल-श्री देवी की फिल्म ‘निगाहें’ से हुआ था. यह फिल्म भी 11 अगस्त 1989 को ही रिलीज हुई थी. सनी देओल, श्री देवी के अलावा अनुपम खेर, गुलशन ग्रोवर और प्राण सहायक भूमिकाओं में थे. फिल्म को हर्मेश मल्होत्रा ने डायरेक्ट किया था. इससे पहले उन्होंने नगीना फिल्म का डायरेक्शन-प्रोडक्शन किया था.
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म्यूजिक लक्ष्मीकांत प्यारेलाल का था. गीत आनंद बख्शी ने लिखे थे. फिल्म का दो गाने ‘सावन के झूलों ने मुझको बुलाया’ और ‘सारा सारा दिन तुम करोगे’ मकबूल हुए थे. यह फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई थी. इस फिल्म के बाद अमिताभ बच्चन और मनमोहन देसाई की फिल्मों का तिलिस्म टूट गया. दोनों की दोस्ती भी टूट गई.

अगस्त माह में ही अमिताभ बच्चन को एक और झटका लगा. 25 अगस्त 1989 को उनकी एक और फिल्म ‘जादूगर’ रिलीज हुई. यह एक फैंटेसी कॉमेडी फिल्म थी जिसका डायरेक्शन-प्रोडक्शन प्रकाश मेहरा ने किया था. फिल्म में अमिताभ बच्चन के अलावा जया प्रदा, आदित्य पंचोली, अमृता सिंह, अमरीश पुरी और प्राण लीड रोल में थे. प्रकाश मेहरा और अमिताभ बच्चन की साथ में यह आठवीं फिल्म थी. म्यूजिक कल्याण जी – आनंद जी का था.

यह फिल्म भी अप्रत्याशित रूप से फ्लॉप रही. दर्शकों को फिल्म पसंद नहीं आई. इस फिल्म से अमरीश पुरी को फायदा जरूर हुआ. वो निगेटिव रोल्स के लिए निर्माताओं की पहली पसंद बनकर उभरे. इस फिल्म की असफलता ने अमिताभ बच्चन-प्रकाश मेहरा की दोस्ती हमेशा के लिए तोड़ दी. फिर कभी दोनों ने एकदूसरे के साथ काम नहीं किया.

सबसे दिलचस्प बात यह है कि अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘तूफान’ और ‘जादूगर’ के बीच धर्मेंद्र की मूवी ‘ऐलान-ए-जंग’ रिलीज हुई. यह फिल्म 18 अगस्त 1989 को रिलीज हुई थी. यह एक एक्शन फिल्म थी जिसका निर्देशन अनिल शर्मा ने किया था. अनिल शर्मा ने ही गदर और गदर 2 जैसी फिल्में बनाई हैं. ‘ऐलान-ए-जंग’ फिल्म में धर्मेंद्र-जया प्रदा की जोड़ी नजर आई थी. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई थी.

इस फिल्म के दौरान धर्मेंद्र बहुत इमोशनल रहते थे. उनकी बहन कोमा में थीं. जब बहन का निधन हो गया तो प्रकाश कौर ने अनिल शर्मा से अनुरोध किया था कि वो धर्मेंद्र को बहन के निधन की खबर ना दें. जैसे ही धर्मेंद्र फिल्म की शूटिंग पूरी करके मुंबई लौटे, उन्हें खबर मिली. ऐलान-ए-जंग फिल्म की स्टोरी अनिल शर्मा ने ही लिखी थी. फिल्म को उन्होंने केसी शर्मा के साथ प्रोड्यूस किया था.

‘तूफान’ और ‘जादूगर’ फिल्मों के फ्लॉप होने के साथ ही अमिताभ बच्चन का करियर ढलान पर आ गया. उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप होने लगीं. प्रकाश मेहरा और मनमोहन देसाई जैसे दिग्गज निर्माता-निर्देशक का सुनहरा दौर भी खत्म सा हो गया. मनमोहन देसाई ने परवरिश, अमर अकबर एंथोनी, नसीब, कुली और मर्द जैसी सफल फिल्में अमिताभ बच्चन के साथ बनाईं. वहीं प्रकाश मेहरा ने अमिताभ बच्चन के साथ जंजीर, मुकद्दर का सिकंदर, लावारिस, नमक हलाल और शराबी जैसी सुपरहिट फिल्में बनाईं. अमिताभ बच्चन के स्टारडम को धर्मेंद्र ने तगड़ा झटका दिया. आगे चलकर सनी देओल ने बॉक्स ऑफिस पर घायल, दामिनी, घातक, बॉर्डर, गदर जैसी फिल्मों से एक्शन फिल्मों से बॉक्स ऑफिस पर अपना जलवा बरकरार रखा.