अब जाम मुक्त होगा गाजियाबाद! इन 9 व्यस्त चौराहों पर नहीं लगेगा ट्रैफिक जाम, एक्सपर्ट्स बनाएंगे ‘मॉडल जंक्शन
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Ghaziabad Traffic Jam: गाजियाबाद में भीषण जाम से निपटने के लिए GDA ने बड़ा कदम उठाया है. शहर के 9 सबसे व्यस्त चौराहों (जैसे हापुड़ चुंगी, चौधरी मोड़ और पुराना बस अड्डा) को जाम-मुक्त बनाने के लिए विशेषज्ञ संस्था UMTC अब वैज्ञानिक सर्वे करेगी. मंडलायुक्त के निर्देश पर शुरू हो रहे इस सर्वे में ट्रैफिक दबाव और पीक आवर्स का डेटा जुटाकर दीर्घकालिक समाधान निकाले जाएंगे. इन चौराहों को आधुनिक ‘मॉडल जंक्शन’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे प्रदूषण घटेगा और राहगीरों को सुरक्षा मिलेगी.
फोटो-AIGhaziabad Traffic Jam: दिल्ली से सटे गाजियाबाद शहर में रहने वाले लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर है. शहर की बेलगाम ट्रैफिक व्यवस्था और चौराहों पर लगने वाले भीषण जाम से निजात दिलाने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने अब एक ठोस और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने का निर्णय लिया है. पुराने ढर्रे को छोड़ते हुए अब शहर के 9 सबसे व्यस्त चौराहों को ‘जाम-फ्री’ बनाने की जिम्मेदारी विशेषज्ञ संस्था UMTC (अर्बन मास ट्रांजिट कंपनी) को सौंपी गई है.
कमिश्नर के हस्तक्षेप के बाद बदला प्लान
पहले GDA इन चौराहों के सुधार का एस्टिमेट और डिजाइन खुद ही तैयार कर रहा था. लेकिन मंडलायुक्त (कमिश्नर) ने इस प्रक्रिया में हस्तक्षेप करते हुए निर्देश दिया कि केवल सड़क चौड़ी करने या डिवाइडर बदलने से जाम की समस्या खत्म नहीं होगी. कमिश्नर की समीक्षा बैठक के बाद यह तय हुआ कि जब तक ट्रैफिक के दबाव, पीक आवर्स में वाहनों की संख्या और सड़क के ‘राइट ऑफ वे’ का वैज्ञानिक डेटा नहीं होगा, तब तक कोई भी सुधार सफल नहीं हो सकता. इसी निर्देश के बाद अब पेशेवर सर्वे कराया जा रहा है.
क्या है इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य?
इस वैज्ञानिक सर्वे का प्राथमिक उद्देश्य जाम के मूल कारणों का पता लगाना है. UMTC की टीम यह देखेगी कि दिन के अलग-अलग वक्त में किस दिशा से कितने वाहन गुजरते हैं. चौराहों पर बॉटलनेक (रुकावट) कहां पैदा हो रही है. पैदल यात्रियों को सड़क पार करने में क्या दिक्कतें आती हैं. इन आंकड़ों के आधार पर ही निवारण के लिए दीर्घकालिक समाधान खोजे जाएंगे.
इन 9 प्रमुख चौराहों की बदलेगी सूरत
जीडीए ने सर्वे के लिए शहर के उन पॉइंट्स को चुना है जहां सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है. इन चौराहों की सूची इस प्रकार है:
- हापुड़ चुंगी चौराहा
- डासना गेट चौराहा
- चौधरी मोड़
- ठाकुरद्वारा फ्लाईओवर के नीचे का जंक्शन
- गौशाला फाटक/चौराहा
- ALT सेंटर चौराहा
- कमिश्नरेट ऑफिस (कलेक्ट्रेट) के पास का जंक्शन
- नेहरू नगर/यशोदा अस्पताल कट
- लोहिया नगर/पुराना बस अड्डा चौराहा
बनेंगे ‘मॉडल जंक्शन’, प्रदूषण में आएगी कमी
GDA के उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने स्पष्ट किया है कि UMTC की रिपोर्ट आने के तुरंत बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. प्राधिकरण का लक्ष्य है कि इन 9 चौराहों को ‘मॉडल जंक्शन’ के रूप में विकसित किया जाए. यहां ट्रैफिक सिग्नल आधुनिक होंगे और राहगीरों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा. इस पहल का एक बड़ा फायदा यह भी होगा कि जाम कम होने से वाहनों का ईंधन बचेगा और शहर के प्रदूषण स्तर में भी कमी आएगी.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें