kakad aarti lyrics in hindi। काकड़ आरती हिंदी में
Kakad Aarti Lyrics: साईं बाबा की भक्ति में अगर किसी आरती का सबसे खास स्थान माना जाता है, तो वो है काकड़ आरती. शिरडी में हर दिन सुबह की शुरुआत इसी आरती से होती है. जब अंधेरा धीरे-धीरे हटने लगता है और दिन की पहली रोशनी फैलती है, उसी समय साईं बाबा को जगाने के भाव से काकड़ आरती गाई जाती है. इसे सिर्फ एक आरती नहीं, बल्कि बाबा से सीधे जुड़ने का रास्ता माना जाता है. काकड़ शब्द का मतलब होता है सुबह का समय. मान्यता है कि इस वक्त मन सबसे शांत होता है और जो भी भक्ति की जाती है, उसका असर सीधा दिल और आत्मा पर पड़ता है. काकड़ आरती में कई भूपाली, अभंग और पद शामिल होते हैं, जिनमें बाबा की महिमा, उनकी करुणा और भक्तों की पुकार साफ झलकती है. जो लोग नियमित रूप से काकड़ आरती सुनते या पढ़ते हैं, उनका कहना है कि इससे दिन की शुरुआत सकारात्मक सोच के साथ होती है. मन हल्का लगता है और अंदर एक अलग ही सुकून महसूस होता है. यही वजह है कि साईं भक्त इस आरती को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बना लेते हैं.
काकड़ आरती क्या है और इसका महत्व
काकड़ आरती साईं बाबा की सुबह की पूजा का मुख्य हिस्सा है. शिरडी में इसे सूर्योदय से पहले किया जाता है. इस आरती में बाबा को नींद से जगाने, उनके दर्शन पाने और दिन भर के लिए आशीर्वाद मांगने का भाव छिपा होता है. इस आरती में अलग-अलग रचनाएं शामिल हैं जैसे जोडूनियां कर, उठा पांडुरंगा, उठा उठा साईनाथ, पंचारती और चिन्मयरूप काकड आरती. हर रचना में बाबा की अलग छवि दिखती है – कहीं वे गुरु हैं, कहीं माता-पिता जैसे, तो कहीं पालनहार.
आरती साईबाबा (Aarti Sai baba)
आरती साईबाबा । सौख्यदातार जीवा । चरणरजातली ।
द्यावादासा विसावा, भक्तां विसावा ।। आ० ।।ध्रु०॥
जाळूनियां अनंग । स्वस्वरूपी राहे दंग ।
मुमुक्षुजनां दावी । निज डोळां श्रीरंग । डोळां श्रीरंग ।। आ० ॥१॥
जया मनी जैसा भाव । तया तैसा अनुभव ।
दाविसी दयाघना । ऐसी तुझी ही माव ।। आ० ।।२।।
तुमचे नाम ध्याता । हरे संसृती व्यथा ।
अगाध तव करणी मार्ग दाविसी अनाथा ।। आ० ॥३॥
कलियुगीं अवतार । सगुणब्रह्म साचार ।
अवतीर्ण झालासे ।स्वामी दत्त दिगंबर ।।द०॥आ० ।।४।।
आठां दिवसां गुरूवारीं । भक्त करिती वारी ।
प्रभुपद पहावया । भवभय निवारी ।। आ० ॥५॥
माझा निजद्रव्यठेवा । तव चरणरजसेवा
मागणें हेंचि आतां । तुम्हां देवाधिदेवा ॥आ० ।।६।।
इच्छित दीन चातक । निर्मल तोय निजसुख ।
पाजावें माधवा या । सांभाळ आपुली भाक ।। आ० ।।७।।
आरती साईबाबा । सौख्यदातार जीवा । चरणरजातली ।
द्यावादासा विसावा, भक्तां विसावा ।। आ० ।।ध्रु०॥
काकड़ आरती के लाभ
1. आत्मा की सफाई
काकड़ आरती का सबसे बड़ा फायदा यह माना जाता है कि यह इंसान के अंदर जमा नकारात्मक भावों को धीरे-धीरे शांत करती है. काम, क्रोध, लालच, ईर्ष्या जैसे भाव कम होने लगते हैं और मन हल्का महसूस करता है.
2. आत्म-समर्पण का भाव
इस आरती में भक्त खुद को बाबा के चरणों में सौंप देता है. अहंकार टूटता है और यह एहसास होता है कि जीवन में जो कुछ भी है, वह बाबा की कृपा से है.
3. सही रास्ते की समझ
काकड़ आरती सुनते समय मन शांत होता है, जिससे इंसान अपने जीवन के फैसलों को साफ सोच के साथ देख पाता है. कई भक्त मानते हैं कि उन्हें सही दिशा का एहसास इसी भक्ति से मिला.
4. मन की शांति
सुबह-सुबह काकड़ आरती सुनने से दिन की शुरुआत तनाव से दूर होती है. चिंता, डर और बेचैनी कम होती है और मन में भरोसा बना रहता है.
काकड़ आरती में शामिल प्रमुख पदों की भावना
काकड़ आरती के हर पद में कोई न कोई गहरा भाव छिपा होता है. उठा उठा साईनाथ में बाबा को पुकारा गया है कि वे अपने भक्तों के दुख दूर करें. चिन्मयरूप काकड आरती में अंदर की बुराइयों को जलाकर ज्ञान की रोशनी फैलाने की बात कही गई है. वहीं रहम नजर करो जैसे पद बाबा की दया और करुणा को दर्शाते हैं, जहां भक्त खुद को पूरी तरह उनके हवाले कर देता है.
घर पर काकड़ आरती कैसे करें
अगर आप शिरडी नहीं जा सकते, तो भी घर पर काकड़ आरती करना पूरी तरह संभव है. सुबह जल्दी उठकर स्नान के बाद साईं बाबा की तस्वीर के सामने दीपक जलाएं. मन को शांत करके आरती या उसके कुछ पद पढ़ें या सुनें. जरूरी यह नहीं कि पूरी आरती ही हो, जरूरी यह है कि भाव सच्चा हो.