बीएमडब्ल्यू हो या मर्सिडीज और ऑडी, लाखों रुपये सस्ती हो जाएगी हर लग्जरी कार, यूरोप से डील के बाद खरीदना आसान
Last Updated:
Price on Luxury Car : भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच मुक्त व्यापार समझौता पूरा होने के बाद कई लग्जरी कारों के दाम कम हो जाएंगे. यूरोप से भारत आने वाली इन कारों पर अभी 110 फीसदी तक टैक्स लगता है, लेकिन एफटीए के तत्काल बाद इन कारों पर टैक्स घटकर 40 फीसदी हो सकता है और कीमतों में 20 से 40 फीसदी तक कमी आ सकती है. इस डील के बाद कौन-कौन सी कारें सस्ती होंगी, पेश है पूरी लिस्ट.

BMW सीरीज 3 : भारत में सबसे ज्यादा प्रचलित लग्जरी कारों में शामिल बीएमडब्ल्यू एक जर्मन कंपनी है, जो साल 1916 से इन लग्जरी कारों का निर्माण करती है. अभी बीएमडब्ल्यू 3 सीरीज की कीमत 60 से 75 लाख रुपये के बीच है, लेकिन माना जा रहा है कि एफटीए के बाद इसकी कीमतों में 30 से 40 फीसदी तक गिरावट आ जाएगी. इसका मतलब है कि भारत में इसकी नई कीमत 40 से 55 लाख रुपये हो सकती है यानी 15 से 25 लाख रुपये तक की बचत हो सकती है.

Mercedes-Benz C-Class : मर्सिडीज की कारें खरीदना तो हर भारतीय का सपना होता है. इन लग्जरी कारों की कीमत इतनी ज्यादा होती है कि इसे खरीदना कम ही लोगों के बस की बात है. अभी इन कारों की शुरुआत 60 से 70 लाख रुपये के बीच होती है. एफटीए के बाद कीमतों में 30 से 40 फीसदी कमी आ जाएगी और भारत में नई कीमत 40 से 50 लाख रुपये के बीच हो सकती है. इसका मतलब है कि करीब 20 लाख रुपये की बचत हो सकती है.

Audi A4/A6 : आज भारत में सबसे ज्यादा खरीदी जाने वाली लग्जरी कार ऑडी है. ऑडी है जर्मन कंपनी है, जो फॉक्सवैगन ऑटो मेकर का ही एक हिस्सा है. इन कारों का निर्माण 1909 में शुरू हुआ था. अभी देश में ऑडी कार की शुरुआती कीमत 45 से 70 लाख के बीच होती है. एफटीए के बाद इसमें 24 से 35 फीसदी तक कमी आ सकती है. इसके बाद देश में नई कीमत 35 से 40 लाख के बीच हो सकती है, जिसका मतलब है कि 10 से 30 लाख रुपये तक बचत हो सकती है.
Add News18 as
Preferred Source on Google

BMW X1/X3 : बीएमडब्ल्यू की इस सीरीज की कारों की कीमतों में भी कमी आ सकती है. अभी देश में इस सीरीज वाली कारों की कीमत 50 से 80 लाख के बीच आती है. एफटीए के बाद इसमें 30 से 40 फीसदी तक कमी आ सकती है, जिसका मतलब है कि नई कीमत 35 से 60 लाख रुपये हो सकती है और खरीदार को 15 से 20 लाख रुपये की बचत हो सकती है.

Mercedes GLC/GLA : देश में मर्सिडीज के इस मॉडल की कारों को खरीदने के लिए अभी करीब 65 से 90 लाख रुपये खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन एफटीए के बाद यह कीमत घटकर 45 से 65 लाख रुपये के बीच आ सकती है. इसका मतलब है कि इन लग्जरी कारों को खरीदने वालों को 20 से 25 लाख रुपये की बचत हो सकती है.

Volvo XC60/XC90 : स्वीडन के गीली ऑटोमोटिव ग्रुप ने साल 1927 में वॉल्वो कार की स्थापना की थी. इस यूरोपीय कार की अभी देश में कीमत 70 लाख से 1.20 करोड़ रुपये के बीच होती है. एफटीए के बाद इसमें 30 से 45 फीसदी तक कमी आ सकती है और नई कीमत घटकर 50 से 80 लाख रुपये हो सकती है. इसका मतलब है कि इन लग्जरी कारों को खरीदने वाले को 20 से 40 लाख रुपये की बचत हो सकती है.

Porsche Macan/Cayenne : पोर्श भी एक जर्मन ऑटोमोबाइल कंपनी है, जिसकी देश में अभी कीमत 90 लाख से लेकर 2 करोड़ रुपये तक है. यूरोपीय यूनियन के साथ मुक्त व्यापार समझौता होने के बाद इसमें 35 से 45 फीसदी तक कमी आ सकती है और नई कीमत 60 लाख से 1.30 करोड़ हो सकती है. यानी इस कार को खरीदने वाले को 30 से 70 लाख रुपये तक की बचत हो सकती है.

Jaguar F-Pace/Land Rover : देश में अभी जगुआर और लैंड रोवर की कारों की कीमत भी काफी ज्यादा है. एफटीए के बाद इन कारों के कुछ मॉडल की कीमतों में भी 30 से 45 फीसदी तक गिरावट आ सकती है. इसका मतलब है कि इन कारों के खरीदारों को भी लाखों रुपये की बचत हो सकती है.

ईयू के साथ एफटीए में इलेक्ट्रिक कारों पर टैक्स छूट को 5 साल के लिए रोका गया है, ताकि घरेलू कार कंपनियों को नुकसान न हो. इसके बाद यूरोपीय इलेक्ट्रिक कारों जैसे BMW iX, Mercedes EQE/EQS, Audi e-tron, Porsche Taycan की कीमतों में भी 35 से 50 फीसदी तक कमी आ सकती है. इस समझौते के तहत ई-कारों पर ज्यादा छूट मिल सकती है.